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Panipat News: मजाक उड़ाने वाले आज देते हैं मिसाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Apr 2023 01:52 AM IST
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Those who make fun of us today set an example
पानीपत। हरियाणा पुलिस की सिपाही और सोनीपत के गांव शामड़ी निवासी मोहिनी ने 15 साल बाद साइकिल संभाली और महज 20 दिनों के अभ्यास में राष्ट्रीय पुलिस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत कर खुद को साबित कर दिया। मोहिनी के जज्बे और संघर्ष की हकीकत दूसरों के लिए भी प्रेरणाप्रद है। घर से खेत तक एक लड़के की तरह काम करने पर जो लोग कभी उसका मजाक उड़ाते थे। आज उसकी मिसाल देते हैं।
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मोहिनी ने बताया कि दो दिसंबर 2016 को उसने हरियाणा पुलिस में ज्वाइन किया था। उसे पहला जिला फरीदाबाद और अब पानीपत मिला है। इस बीच उसने 2017 में मधुबन पुलिस लाइन में रहकर कुश्ती का अभ्यास किया और नेशनल स्तर पर सात गोल्ड मेडल अपने नाम किए। तभी उसके कोच एएसआई निर्मल और नरेंद्र ने उसको यूपी लखनऊ में 21 से 25 मार्च तक होने वाली 15 किलोमीटर की 71वीं एआईपी एथलेटिक क्लस्टर 2022-23 साइकिलिंग चैंपियनशिप के बारे में बताया। उसने कुश्ती की खिलाड़ी होने के चलते साइकिलिंग से मना कर दिया, लेकिन कोच के कहने पर उसने अभ्यास शुरू किया। इससे पहले उसने बचपन में ही साइकिल चलाई थी। प्रतियोगिता के महज 20 दिन बचे थे। उसने चुनौतियों को स्वीकार किया और साइकिल चलानी शुरू की। कोच ने हर रोज लगातार 40 किलोमीटर तक साइकिलिंग करवाई। उसकी कार, बाइक व स्कूटी के साथ दौड़ लगवाई। इसका नतीजा यह रहा कि उसने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिद्वंद्वी को तीन किलोमीटर पीछे छोड़ दिया था। दूसरे नंबर पर भी हरियाणा पुलिस की खिलाड़ी निशा रहीं।
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शामड़ी निवासी 29 वर्षीय मोहिनी ने अपने संघर्ष के बारे में बताया कि वह सात बहन-भाइयों में छठे नंबर की है। पिता सूबे सिंह गोहाना में इंजन मिस्त्री हैं। उसकी बड़ी बहनों की 10वीं कक्षा पास करते ही शादी कर दी गई। उसकी भी शादी की बात चलने लगी तो उसने अपने पिता से पढ़ाई के लिए इच्छा जाहिर की। फिर गांव के स्कूल से 12वीं पास की और कॉलेज में दाखिला लिया। इस दौरान वह अपने पिता के साथ खेत और पशुबाड़े का पूरा काम भी करवाती थी। पहली बार वर्ष 2016 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में उसने बॉक्सिंग में 75 किलो की कैटेगरी में कांस्य पदक जीता। इसी के साथ उसने हरियाणा पुलिस की तैयारी जारी रखी।
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मोहिनी ने बताया कि उसके जन्म पर परिवार में इतनी खुशी नहीं मनाई गई। चूंकी वह परिवार में छठी लड़की थी। हर किसी को लड़का होने की उम्मीद थी। यही कारण था कि उसने कभी खुद को किसी पर बोझ नहीं बनने दिया। उसने बताया कि हरियाणा पुलिस में नौकरी के बाद उसने कुश्ती में कई पदक जीते। यही कारण है कि परिजन ही नहीं आज दूसरे भी उसकी मिसाल देते हैं।
-2019 में जयपुर में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस की कुश्ती प्रतियोगिता में 72 किलो वजन में गोल्ड मेडल जीता।
-2019 में चाइना में आयोजित पुलिस फायर गेम्स कु्श्ती में 75 किलो कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता।
-2022 में पुणे में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस की आर्म कुश्ती प्रतियोगिता में 80 किलो कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता
-2022 में गोंडा में आयोजित नेशनल स्तरीय ग्रेपलिंग कुश्ती प्रतियोगिता में -71 किलो कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता
- 2023 में हैदराबाद में आयोजित प्रतियोगिता में वह हिंद केसरी का खिताब चीत चुकी है
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