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छठ में घर जाना नहीं आसान, यात्रा के लिए जोखिम में जान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 02:27 AM IST
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This journey is not easy Life at risk even after loosening the pocket
छठ पर्व पर घर जाने को बेताब यूपी-बिहार के लोगों को जेब ढीली करने के साथ ही जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि ट्रेनों में टिकट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में दिल्ली तक जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों की मारामारी मची है, ताकि दिल्ली की कोई ट्रेन पकड़कर यात्री यूपी-बिहार जा सकें। इसका नजारा रविवार को पानीपत स्टेशन पर देखने को मिला। दूसरी ओर रोडवेज बसें न चलने से निजी बस संचालक मनमाना किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को ठूस-ठूसकर बसों में भर रहे हैं, लेकिन न तो प्रशासन इनकी सुध ले रहा है और न ही आरटीए विभाग।
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रेलवे स्टेशन पर कुरुक्षेत्र से दिल्ली की ओर जानी वाली एक पैसेंजर ट्रेन रविवार दोपहर 2 बजे पानीपत स्टेशन पर रुकी। इसके इंतजार में पहले से ही प्लेटफार्म नंबर दो पर हजारों यात्री खड़े थे। जैसे ही ट्रेन आने की घोषणा हुई वैसे ही कुछ यात्री रेलवे लाइन के दूसरी तरफ भी खड़े हो गए ताकि ट्रेन में चढ़ सकें। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकी तो हजारों यात्रियों की भीड़ पैसेंजर ट्रेन के डिब्बों की ओर दौड़ पड़े और धक्का मुक्की के बीच जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर दिखे।
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दूसरी ओर बस स्टैंड परिसर में भी छठ पर घर जाने वालों की रविवार को भारी भीड़ रही। अधिकांश बसें खचाखच भरी होने के कारण लोग लटककर यात्रा करने को भी मजबूर दिखे। यूपी-बिहार के लंबी रूट की रोडवेज बस सेवा नहीं होने के कारण निजी बस संचालक चांदी काट रहे हैं। निजी बसों में यात्रियों से न सिर्फ अधिक किराया वसूला जा रहा है, बल्कि कई गुना अधिक सवारी बैठाया जा रहा है। मजबूरी में यात्री बसों की छतों पर भी यात्रा कर रहे हैं। फ्लाईओवर के नीचे वाहन लगाकर अनाधिकृत रूप से निजी बस संचालक बसों का संचालन कर रहे हैं और यूपी-बिहार जाने वाले यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं, लेकिन जानकर भी रोडवेज, आरटीए और प्रशासन अंजान बना हुआ है।
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बस चालक बोले- मालिक की ऊपर तक सेटिंग
प्राइवेट बस संचालकों से जब बातचीत की गई और पूछा गया कि इस तरह खचाखच बस भरने के बाद इन्हें कोई क्यों नहीं पकड़ता, तो जवाब दिया कि मालिकों ने ऊपर तक सेटिंग की है। ट्रैफिक पुलिस, रोडवेज और आरटीए तक को कमीशन जाता है। उनका कहना है कि अगर सेटिंग न हो तो प्रशासन एक दिन भी उनकी बस न चलने दें।
नहीं दिखी आरटीए की कार्रवाई-
शनिवार को ओवरलोडेड बसों के चालान का दमखम भरने वाले आरटीए विभाग की रविवार को भी कोई कार्रवाई देखने को नहीं मिली। इससे पहले आरटीए सह सचिव इंस्पेक्टर राकेश शर्मा ने कहा था कि वे ओवरलोडेड और बिना दस्तावेजों वाली बसों का चालान करेंगे। कागजात न मिलने पर ऐसी बसों को इंपाउंड भी किया जाएगा, लेकिन दावे हवाई साबित हुए।

आज चलाई हैं 15 बसें- रोडवेज
यूपी की तरफ रविवार से 15 बसों का संचालन किया गया है। पहले से इन बसों को चलाने की तैयारी थी, लेकिन रूटीन रविवार से शुरू हो पाया है। अब पानीपत बस स्टैंड से यूपी के गोंडा और बिजनौर आदि जिलों की बसें मिल सकेंगी।
--पंकज पूनिया, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज, पानीपत।
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