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बिना गाड़ी छत्तीस गांवों का जिम्मा
अमर उजाला, पानीपत
Updated Wed, 19 Mar 2014 10:32 PM IST
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मतलौडा। लोकसभा चुनावों में बीडीपीओ मतलौडा रितु लाठर को एआरओ नियुक्त किया है और उन पर ब्लॉक क्षेत्र के सभी 36 गांवों के 90 बूथों का जिम्मा है। उनके पास क्षेत्र के सभी बूथाें की जांच करना और वहां पर आवश्यक सभी सुविधाएं मुहैया कराना जैसे कामकाज है।
लेकिन खंड कार्यालय में सरकारी गाड़ी तक नहीं है। ऐसे में उनकी समझ में नहीं आ रहा कि कामकाज को कैसे निपटाएं।
मतलौडा खंड कार्यालय की गाड़ी कंडम घोषित करने के बाद करीब एक साल से यहां पर सरकारी गाड़ी नही है। खंड कार्यालय का ज्यादातर कामकाज फील्ड का रहता है। कार्यालय के अधिकारियों को फील्ड के कामकाज को चेक करने, किसी शिकायत का मौका मुआयना करने, विकास कार्यों को जायजा लेने कार्यों के लिए सरपंचोें से बार बार गाड़ी मांगनी पड़ती है। इसके अलावा अब लोकसभा चुनावों बीडीपीओ मतलौडा रीतू लाठर को एआरओ नियुक्त कर दिया गया। मगर एक बार फिर गाड़ी की समस्या परेशानी का कारण बन गई है।
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चर्चा है कि अब स्थिति यहां तक आ चुकी है कि आए रोज गाड़ी देने से क्षेत्र के सरपंच भी टलने लगे हैं। क्षेत्र के अनेक सरपंचों पर अपनी अपनी गाड़ियां है। लेकिन सरपंच खंड कार्यालय गाड़ी में न आकर फोन पर ही काम चला लेते हैं। अगर उन्हें कार्यालय में आना जरूरी हो जाए तो मोटरसाइकिल पर आ रहे हैं ताकि कार्यालय के अधिकारी उनसे गाड़ी न मांग लें।
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क्षेत्र की कई पंचायत ऐसी है जिनके पास करोड़ाें रुपये का राजस्व जमा है। वह पंचायती फंड से खंड कार्यालय को नई गाड़ी भी देना चाहते हैं लेकिन सरकार इसके लिए मंजूरी नहीं दे रही और न ही सरकार अपनी ओर से गाड़ी दे रही। ऐसे में कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी समस्या बनी है। खंड कार्यालय के अधिकारी कई बार डीसी को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत करा चुके हैं मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
करीब एक साल से गाड़ी नहीं होने से कार्यालय व फील्ड के कामकाज संभालना मुश्किल हो रहा है। चुनाव के लिए फील्ड का कार्य बढ़ जाने पर डीसी कार्यालय की ओर से एकाध दिन में ही गाड़ी देने की बात कही थी। लेकिन कई रोज बीत जाने के बाद भी गाड़ी नही आई। सरपंचों की गाड़ियां मांग कर कार्यालय का काम चलाया जा रहा है।
रितु लाठर, बीडीपीओ, मतलौडा