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Panipat News: छठ पर्व को लेकर बिहार जाने को नहीं सीधी पर्याप्त रेल
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पानीपत। पूर्वांचल के लोगों ने छठ पूजा को लेकर अपने घर जाना शुरू कर दिया है। पानीपत से सीधी एक ट्रेन होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनको यहां ट्रेन में आरक्षित सीट मिलना ताे दूर सामान्य डिब्बे में खड़े होने को भी जगह नहीं मिल पा रही हैं। दिल्ली और अंबाला से भी सीट आरक्षित नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्वांचल के प्रदेशों के लाखों लोग पानीपत में नौकरी करते हैं। छठ महापर्व सात और आठ नवंबर को है। काफी लोग इन दिनों अपने घर छठ पर्व मनाने के लिए जा रहे हैं। पानीपत से आम्रपाली और कालका मेल जाती है। यहां से जाने वाले लोगों के लिए इन ट्रेनों में सीट आरक्षण का कोई कोटा नहीं दिया गया है। आम्रपाली एक्सप्रेस में अधिक यात्री जाते हैं। ऐसे में दोपहर के समय ही ट्रेन के स्टेशन पर आते ही यात्री दौड़ पड़ते हैं। इसमें पीछे से ही सीट भरी होने के चलते उतरने और चढ़ने का भी रास्ता नहीं मिल पाता है। पूर्वांचल समन्वय समिति के मीडिया प्रभारी चंदन सिंह ने बताया कि यहां से बिहार व उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए ट्रेन चलाने को लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं। उनको केवल आश्वासन ही मिले हैं। कालका और आम्रवाली एक्सप्रेस में आरक्षित टिकट ताे दूर खड़े होने तक को जगह नहीं मिल पाती है।
पानीपत से बिहार जाने वाले राकेश कुमार, अजेंद्र और आरजू सिंह ने बताया कि छठ पर्व पर घर जाने की सोचने पर कई महीने पहले सीट आरक्षित कराने की सोचते हैं। लेकिन सीट आरक्षित नहीं हो पाती। तत्काल में टिकट कराने का भी प्रयास करते हैं। लेकिन इसमें भी नंबर नहीं आता। ऐसे में उनको सामान्य डिब्बे में ही जाना पड़ता है। यहां परिवार के सदस्यों के लिए सामान को ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। पानीपत के बाद कई बार दिल्ली से ट्रेन बदलनी पड़ती हैं। ऐसे में उनको दो बार सामान उतारना व चढ़ाना पड़ता है।
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वर्जन :
रेलवे स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने बताया कि पानीपत से बिहार के लिए दो ट्रेन हैं। बाकी ट्रेन दिल्ली से चलती हैं। यात्रियों को हर संभव सहयोग किया जाता है। कुछ दिक्कत जरूर हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला डाला गया है।
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पूर्वांचल के प्रदेशों के लाखों लोग पानीपत में नौकरी करते हैं। छठ महापर्व सात और आठ नवंबर को है। काफी लोग इन दिनों अपने घर छठ पर्व मनाने के लिए जा रहे हैं। पानीपत से आम्रपाली और कालका मेल जाती है। यहां से जाने वाले लोगों के लिए इन ट्रेनों में सीट आरक्षण का कोई कोटा नहीं दिया गया है। आम्रपाली एक्सप्रेस में अधिक यात्री जाते हैं। ऐसे में दोपहर के समय ही ट्रेन के स्टेशन पर आते ही यात्री दौड़ पड़ते हैं। इसमें पीछे से ही सीट भरी होने के चलते उतरने और चढ़ने का भी रास्ता नहीं मिल पाता है। पूर्वांचल समन्वय समिति के मीडिया प्रभारी चंदन सिंह ने बताया कि यहां से बिहार व उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए ट्रेन चलाने को लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं। उनको केवल आश्वासन ही मिले हैं। कालका और आम्रवाली एक्सप्रेस में आरक्षित टिकट ताे दूर खड़े होने तक को जगह नहीं मिल पाती है।
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पानीपत से बिहार जाने वाले राकेश कुमार, अजेंद्र और आरजू सिंह ने बताया कि छठ पर्व पर घर जाने की सोचने पर कई महीने पहले सीट आरक्षित कराने की सोचते हैं। लेकिन सीट आरक्षित नहीं हो पाती। तत्काल में टिकट कराने का भी प्रयास करते हैं। लेकिन इसमें भी नंबर नहीं आता। ऐसे में उनको सामान्य डिब्बे में ही जाना पड़ता है। यहां परिवार के सदस्यों के लिए सामान को ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। पानीपत के बाद कई बार दिल्ली से ट्रेन बदलनी पड़ती हैं। ऐसे में उनको दो बार सामान उतारना व चढ़ाना पड़ता है।
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रेलवे स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने बताया कि पानीपत से बिहार के लिए दो ट्रेन हैं। बाकी ट्रेन दिल्ली से चलती हैं। यात्रियों को हर संभव सहयोग किया जाता है। कुछ दिक्कत जरूर हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला डाला गया है।