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फसल में आग का खतरा, 203 कृषि फीडरों पर 13 घंटे का कट
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पानीपत। गेहूं की फसल तैयार होने के साथ ही आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। खेतों के बीच बिजली निगम की हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। गर्मी में तारें झूलने लगते हैं और खेत के काफी नजदीक आ जाते हैं। ऐसे में जरा सी स्पार्किंग होने पर निकली चिंगारी से निकली आग फसल को नुकसान पहुंचा देती है। आग की घटनाओं से किसानों को तगड़ा नुकसान होता है। इससे निपटने के लिए बिजली निगम ने जिले 203 कृषि फीडरों पर 13 घंटे के शटडाउन का शेड्यूल तय कर दिया है।
गौरतलब है कि जिले के 666 में 203 कृषि फीडर हैं। किसानों की सुविधा को देखते हुए इन परसुबह छह से शाम सात बजे तक शटडाउन लिया जा रहा है। फसल की कटाई पूरी होने के बाद इन कृषि फीडरों पर दिन में आपूर्ति सुचारू की जाएगी। दरअसल, दिन में अधिक गर्मी होने से दिक्कत ज्यादा होती है। एक तो तार गर्म रहते हैं और इनमें बिजली होने से स्पार्किंग का खतरा बढ़ जाता है। शाम को मौसम सामान्य होने लगता है तो अग्निकांड की घटनाएं भी कम होती हैं। इसी से शाम सात बजे के बाद बिजली की आपूर्ति सुचारू की जाएगी।
लटके तारों को ऊपर उठाने का किया जा रहा काम
बिजली निगम के एसई एसएस ढुल ने बताया कि गर्मी की वजह से जहां भी तार झूल रहे हैं, उन्हें ऊपर उठाया जा रहा है ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। इसके साथ ही जिन गांवों में जीओ टावर लगे हैं, उन्हें भी दिन में बंद कराया जा रहा है, जिससे किसी भी तरह का आग लगने का खतरा नहीं रहे।
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कहीं भी हाइड्रेंट प्वाइंट नहीं, दमकल के पहुंचने की सीधा रास्ता भी नहीं
समालखा। शहर में फायर ब्रिगेड के पास दमकल कर्मियों की कमी है। इतना ही नहीं फायर ब्रिगेड और नेस्ले के अतिरिक्त कहीं भी हाइड्रेंट प्वाइंट नहीं हैं। ऐसे में छोटी सी चिंगारी बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है। गेहूं का सीजन शुरू हो चुका है और आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। बड़ी आग को काबू करने के लिए बार-बार पानी भरने के लिए दमकल कर्मियों को वापस अपने कार्यालय तक जाना होगा। दूसरी तरफ सिटी रोड को ठेकेदार ने उखाड़ दिया है। ऐसे में जौरासी रोड स्थित दमकल कार्यालय तक पहुंचने के लिए सीधा रास्ता नहीं है।
इसरना और मतलौडा में अभी तक तैनात नहीं की है दमकल की गाड़ी
इसराना/मतलौडा। ब्लॉक के विभिन्न गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह पक कर तैयार है। कुछ गांवों में किसानों ने खेतों में खुद ही कटाई शुरू कर दी है। इसराना ब्लॉक में अभी तक दमकल गाड़ी की तैनाती नहीं की गई है, जिसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों का कहना है कि अभी तक दमकल गाड़ी की ब्लॉक में व्यवस्था नहीं है।
किसान जितेंद्र जागलान, चंद्र सिंह, राम सिंह, नरेश जागलान, प्रवीण घणघस एवं हवा सिंह ने तुरंत दमकल गाड़ी की व्यवस्था करने की मांग की है। मतलौडा ब्लॉक में भी अभी फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं तैनात की गई है। कृषि विभाग के एडीओ फूल राठी ने बताया कि बुधवार को डिप्टी डायरेक्टर के साथ बैठक है। बैठक में ब्लॉक स्तर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात करने की मांग की जाएगी।
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गौरतलब है कि जिले के 666 में 203 कृषि फीडर हैं। किसानों की सुविधा को देखते हुए इन परसुबह छह से शाम सात बजे तक शटडाउन लिया जा रहा है। फसल की कटाई पूरी होने के बाद इन कृषि फीडरों पर दिन में आपूर्ति सुचारू की जाएगी। दरअसल, दिन में अधिक गर्मी होने से दिक्कत ज्यादा होती है। एक तो तार गर्म रहते हैं और इनमें बिजली होने से स्पार्किंग का खतरा बढ़ जाता है। शाम को मौसम सामान्य होने लगता है तो अग्निकांड की घटनाएं भी कम होती हैं। इसी से शाम सात बजे के बाद बिजली की आपूर्ति सुचारू की जाएगी।
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लटके तारों को ऊपर उठाने का किया जा रहा काम
बिजली निगम के एसई एसएस ढुल ने बताया कि गर्मी की वजह से जहां भी तार झूल रहे हैं, उन्हें ऊपर उठाया जा रहा है ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। इसके साथ ही जिन गांवों में जीओ टावर लगे हैं, उन्हें भी दिन में बंद कराया जा रहा है, जिससे किसी भी तरह का आग लगने का खतरा नहीं रहे।
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कहीं भी हाइड्रेंट प्वाइंट नहीं, दमकल के पहुंचने की सीधा रास्ता भी नहीं
समालखा। शहर में फायर ब्रिगेड के पास दमकल कर्मियों की कमी है। इतना ही नहीं फायर ब्रिगेड और नेस्ले के अतिरिक्त कहीं भी हाइड्रेंट प्वाइंट नहीं हैं। ऐसे में छोटी सी चिंगारी बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है। गेहूं का सीजन शुरू हो चुका है और आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। बड़ी आग को काबू करने के लिए बार-बार पानी भरने के लिए दमकल कर्मियों को वापस अपने कार्यालय तक जाना होगा। दूसरी तरफ सिटी रोड को ठेकेदार ने उखाड़ दिया है। ऐसे में जौरासी रोड स्थित दमकल कार्यालय तक पहुंचने के लिए सीधा रास्ता नहीं है।
इसरना और मतलौडा में अभी तक तैनात नहीं की है दमकल की गाड़ी
इसराना/मतलौडा। ब्लॉक के विभिन्न गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह पक कर तैयार है। कुछ गांवों में किसानों ने खेतों में खुद ही कटाई शुरू कर दी है। इसराना ब्लॉक में अभी तक दमकल गाड़ी की तैनाती नहीं की गई है, जिसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों का कहना है कि अभी तक दमकल गाड़ी की ब्लॉक में व्यवस्था नहीं है।
किसान जितेंद्र जागलान, चंद्र सिंह, राम सिंह, नरेश जागलान, प्रवीण घणघस एवं हवा सिंह ने तुरंत दमकल गाड़ी की व्यवस्था करने की मांग की है। मतलौडा ब्लॉक में भी अभी फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं तैनात की गई है। कृषि विभाग के एडीओ फूल राठी ने बताया कि बुधवार को डिप्टी डायरेक्टर के साथ बैठक है। बैठक में ब्लॉक स्तर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात करने की मांग की जाएगी।