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Panipat News: तीन गांवों में नहीं शुरू हुआ कटाव भरने का काम किसान परेशान
Sat, 13 Sep 2025 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 13 Sep 2025 02:10 AM IST
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यमुना के बहाव के कारण जमीन का हो रहा कटाव। संवाद
- फोटो : संभल में औद्योगिक गलियारे की जमीन।
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। यमुना का जलस्तर कम होने के बाद सिंचाई विभाग कटाव भरने में किसानों की मदद नहीं कर रहा है। ऐसे में नवादा-आर, पत्थरगढ़ व खोजकीपुर तीनों में से कहीं भी कटाव बंद करने का काम नहीं किया जा रहा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
यमुना में शुक्रवार को जलस्तर कुछ कम हुआ। इसमें 228.60 मीटर पर आ गया है। ऐसे में नवादा-आर, पत्थरगढ़ और खोजकीपुर गांव में जमीन का कटाव लगातार हाे रहा है। इसके साथ सिंचाई विभाग भी यमुना से लौट गया है। किसान हरजीत, वाशिद और नदीम ने बताया कि यमुना का पानी कम होने पर कटाव बढ़ रहा है। पत्थरगढ़, नवादा-आर और खोजकीपुर गांव में कटाव लगातार बढ़ रहा है। उनके खेतों में खड़े पाॅपुलर के पेड़ भी यमुना में बह गए हैं। सिंचाई विभाग कटाव बंद करने का काम शुरू नहीं कर रहा है। वे अधिकारियों को कई बार मिल चुके हैं। अधिकारी यमुना में फिलहाल कोई खतरा न होने की बात कहकर टाल देते हैं। इन सबके चलते उनके खेत कटकर यमुना में चले गए हैं। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। जमीन में अब भी कटाव हो रहा है। सिंचाई विभाग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
यमुना का जलस्तर कम हो रहा है। अभी खतरे की कोई बात नहीं है। फिलहाल कटाव बंद करने का काम बंद है। विभाग समय रहते बाढ़ प्रबंधन के कार्य करेगा।
सतीश कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
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पानीपत। यमुना का जलस्तर कम होने के बाद सिंचाई विभाग कटाव भरने में किसानों की मदद नहीं कर रहा है। ऐसे में नवादा-आर, पत्थरगढ़ व खोजकीपुर तीनों में से कहीं भी कटाव बंद करने का काम नहीं किया जा रहा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
यमुना में शुक्रवार को जलस्तर कुछ कम हुआ। इसमें 228.60 मीटर पर आ गया है। ऐसे में नवादा-आर, पत्थरगढ़ और खोजकीपुर गांव में जमीन का कटाव लगातार हाे रहा है। इसके साथ सिंचाई विभाग भी यमुना से लौट गया है। किसान हरजीत, वाशिद और नदीम ने बताया कि यमुना का पानी कम होने पर कटाव बढ़ रहा है। पत्थरगढ़, नवादा-आर और खोजकीपुर गांव में कटाव लगातार बढ़ रहा है। उनके खेतों में खड़े पाॅपुलर के पेड़ भी यमुना में बह गए हैं। सिंचाई विभाग कटाव बंद करने का काम शुरू नहीं कर रहा है। वे अधिकारियों को कई बार मिल चुके हैं। अधिकारी यमुना में फिलहाल कोई खतरा न होने की बात कहकर टाल देते हैं। इन सबके चलते उनके खेत कटकर यमुना में चले गए हैं। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। जमीन में अब भी कटाव हो रहा है। सिंचाई विभाग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
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यमुना का जलस्तर कम हो रहा है। अभी खतरे की कोई बात नहीं है। फिलहाल कटाव बंद करने का काम बंद है। विभाग समय रहते बाढ़ प्रबंधन के कार्य करेगा।
सतीश कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग।