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Panipat News: इंतजार खत्म, अब चिकित्सा जांंच के बाद होगी सिपाही की नियुक्ति
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पानीपत। हरियाणा में 5500 पुरुष और 1100 महिला सिपाही की भर्ती को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। अब जल्द ही तीन हजार से अधिक सिपाही हरियाणा पुलिस में शामिल होंगे, जिनकी चिकित्सकीय जांच शनिवार से शुरू हुई। पानीपत में करीब 500 सिपाहियाें की चिकित्सा जांच होगी, जिनमें से शनिवार को 292 की जांच की गई। इनमें 169 पुरुष और 23 महिलाएं शामिल हैं। यह चिकित्सा जांच दो दिन तक चलेगी। इसके लिए डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।
सात जुलाई 2021 को सिपाही पद के लिए हुई परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इससे परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 31 अक्तूबर 2021 को सिपाही पद की परीक्षा हुई थी, जिनका परिणाम 17 जून 2022 में आया था। पहली सूची जारी होने के बाद कुछ पुरुषों की ज्वाइनिंग हो गई थी, लेकिन दूसरी सूची से पहले 14 मार्च को हाईकोर्ट ने सिपाही की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। अब तक 3087 को नियुक्ति पत्र जारी हो चुका है। कोर्ट फैसला आने के बाद शेष 3513 सिपाहियों को भी नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
41 आवेदकों ने हाईकोर्ट को बताया था कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने परीक्षा की सभी प्रक्रिया को पूरा किया। जब नियुक्ति का समय आया तो नॉर्मलाइजेशन (परीक्षा के कठिनाई के स्तर के आधार पर उम्मीदवाराें के अंकों की बराबरी करना) नीति अपनाई गई। इस नीति के चलते एक शिफ्ट में अच्छे अंक लेने वाला अंतिम सूची से बाहर हो सकता है।
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इस पर हरियाणा कर्मचारी आयोग ने कोर्ट को बताया था कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान दिल्ली की सलाह पर आयोग ने नॉर्मलाइजेशन की नीति अपनाई थी। भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने भी कोर्ट को बताया कि यह नीति तभी अपना सकते हैं, जब लिखित परीक्षा के बाद फाइनल मेरिट सूची बनाई जाती है। वहीं याचिकाकर्ता ने कहा था कि सरकार ने कहा था कि जब तक केस लंबित है, तब तक वह नियुक्ति नहीं देंगे, लेकिन फैसला आने से पहले नियुक्ति देनी शुरू कर दी। इस पर कोर्ट ने नियुक्ति पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद से यह मामला विचाराधीन था।
पानीपत में शुक्रवार को 269 पुरुष और 23 महिलाओं की चिकित्सा जांच कराई गई है, यह जांच दो दिन तक चलेगी। फिर कोई रह जाता है तो उसकी सोमवार को भी कराई जा सकती है।
- दिनेश कुमार, ओएएसआई प्रभारी।
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सात जुलाई 2021 को सिपाही पद के लिए हुई परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इससे परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 31 अक्तूबर 2021 को सिपाही पद की परीक्षा हुई थी, जिनका परिणाम 17 जून 2022 में आया था। पहली सूची जारी होने के बाद कुछ पुरुषों की ज्वाइनिंग हो गई थी, लेकिन दूसरी सूची से पहले 14 मार्च को हाईकोर्ट ने सिपाही की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। अब तक 3087 को नियुक्ति पत्र जारी हो चुका है। कोर्ट फैसला आने के बाद शेष 3513 सिपाहियों को भी नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
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41 आवेदकों ने हाईकोर्ट को बताया था कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने परीक्षा की सभी प्रक्रिया को पूरा किया। जब नियुक्ति का समय आया तो नॉर्मलाइजेशन (परीक्षा के कठिनाई के स्तर के आधार पर उम्मीदवाराें के अंकों की बराबरी करना) नीति अपनाई गई। इस नीति के चलते एक शिफ्ट में अच्छे अंक लेने वाला अंतिम सूची से बाहर हो सकता है।
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इस पर हरियाणा कर्मचारी आयोग ने कोर्ट को बताया था कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान दिल्ली की सलाह पर आयोग ने नॉर्मलाइजेशन की नीति अपनाई थी। भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने भी कोर्ट को बताया कि यह नीति तभी अपना सकते हैं, जब लिखित परीक्षा के बाद फाइनल मेरिट सूची बनाई जाती है। वहीं याचिकाकर्ता ने कहा था कि सरकार ने कहा था कि जब तक केस लंबित है, तब तक वह नियुक्ति नहीं देंगे, लेकिन फैसला आने से पहले नियुक्ति देनी शुरू कर दी। इस पर कोर्ट ने नियुक्ति पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद से यह मामला विचाराधीन था।
पानीपत में शुक्रवार को 269 पुरुष और 23 महिलाओं की चिकित्सा जांच कराई गई है, यह जांच दो दिन तक चलेगी। फिर कोई रह जाता है तो उसकी सोमवार को भी कराई जा सकती है।
- दिनेश कुमार, ओएएसआई प्रभारी।