एसडीएम समालखा की ओर से गठित टीम शुक्रवार को गांव धनसौली की करीब 587 एकड़ विवादित भूमि का मुआयना करने पहुंची। इस दौरान एक ग्रामीण टीम की गाड़ी के सामने ही लेट गया। उसका कहना था कि वह उक्त जमीन से प्रशासन को फसल काटने नहीं देगा। ये फसल उसकी है और वह खुद ही काटेगा। प्रशासन ने इसकी शिकायत सनौली खुर्द पुलिस को दी।
गांव धनसौली की करीब 587 एकड़ भूमि पर धनसौली एवं नंगला का विवाद होने के कारण केयर टेकर के तौर पर एसडीएम समालखा को नियुक्त किया गया है। उक्त जमीन को एसडीएम समालखा की ओर से हर वर्ष पट्टे पर दिया जाता था, लेकिन धनसौली गांव निवासी धर्मबीर ने एसडीएम समालखा को लिखित में पत्र देकर कहा कि उन्होंने उक्त जमीन को पट्टे पर ले रखा है। गत वर्ष कोरोना के कारण उक्त जमीन को विभागीय नियमानुसार उसे ही दे दिया गया था। उसने फिर से मांग की थी कि कोरोना के चलते जमीन को विभाग नियमानुसार उसे ही पट्टे पर दे दे, लेकिन तत्कालीन एसडीएम समालखा ने जमीन की खुली बोली निर्धारित कर दी थी। इस पर धर्मबीर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसकी वजह से जमीन की बोली नहीं हो सकी। इसके बाद से कागजों में जमीन खाली पड़ी है, लेकिन मौके पर कुछ ग्रामीणों ने जमीन पर फसल बोई है, जिसकी सूचना मिलने पर एसडीएम समालखा ने कार्रवाई की। एक संयुक्त कमेटी का गठन किया। शुक्रवार को गठित टीम जब जमीन का मुआयना करने गई तो उनकी गाड़ी के सामने ग्रामीण लेट गया और फसल को खुद ही काटने की बात कहने लगा। विदित हो कि इससे पहले भी उक्त मामले में एसडीएम समालखा की ओर से दो ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का पत्र भेजा जा चुका है।