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टैक्स कैटेगरी चेंज करने के लिए अब निगम सदन के कंधे पर बंदूक रख चलाएंगे निगम अधिकारी, परमिशन से बढ़ेगी गड़बड़झाला होने की आशंका

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 12:15 AM IST
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The screw of changing the tax category, the corporation is targeting through the house, waiting for approval
प्रॉपर्टी टैक्स की श्रेणी में बदलाव करने और टैक्स घटाने के लिए अब निगम अधिकारी सदन की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। या तो इस मामले को सदन मे रखकर पास किया जाएगा या फिर से इस प्रस्ताव पर सभी पार्षदों के हस्ताक्षर करवा इस पर सहमति दी जाएगी। जिसके बाद निगम अधिकारी प्रॉपर्टी की श्रेणी में बदलाव कर टैक्स को कम कर सकेंगे और जनप्रतिनिधियों या सरकार को दी जाने वाली जवाबदेही से भी बच सकेंगे। क्योंकि इससे पहले संयुक्त आयुक्त ने प्रॉपर्टी टैक्स का गोलमाल पकड़ा था। एक अप्रैल 2019 से 11 फरवरी 2020 महज 10 माह में उन्होंने करीब 535 संपत्तियों की जांच की थी, जिनके बिलों को बिना किसी आधार के घटा दिया गया था। जिसकी एवज में निगम को सवा तीन करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान भी हुआ था। इनमें से 20 संपत्ति मालिकों को नोटिस तक भेजे गए, जिनका जवाब तक नहीं मिला।
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वहीं संयुक्त आयुक्त के अलावा खुद मेयर अवनीत कौर ने भी दो बार प्रॉपर्टी टैक्स के अधिकारियों व कर्मचारियों को लाखों का टैक्स कुछ हजारों में समायोजित करवाने का मामला पकड़ा था। हालांकि इसके बाद भी किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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नहीं थी अनुमति, अब मिलेगी, रास्ता होगा साफ
खास बात ये है कि निगम सदन द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स की श्रेणी को बदलकर इसे कम करवाने की अनुमति नहीं थी। वहीं, टैक्स कम करने और गड़बड़झाले पकड़ने में खुद निगम सदन के पार्षद आगे रहते थे। अब उन्हीं पार्षदों से इसकी अनुमति ली जाएगी। जिसके बाद ये पार्षद चाहकर भी इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा पाएंगे।
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सदन की नजर रहेगी : भट्ट
प्रॉपर्टी टैक्स की श्रेणी में बदलाव के लिए जो फाइलें सालों से लंबित हैं, उनका रिकार्ड मांगा गया है। उनकी लिस्ट सदन में रखी जाएगी। सदन की सहमति के बाद ही फैसला लिया जाएगा। इसके बाद संबंधित प्रॉपर्टी के वार्ड के पार्षद की भी जवाबदेही रहेगी, उनकी सहमति जरूरी रहेगी। जिससे कोई गड़बड़ नहीं हो पाएगा।
-दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।
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