{"_id":"672800e16718877b22055c95","slug":"the-industrial-city-echoed-with-the-praises-of-guru-vahe-in-the-city-kirtan-panipat-news-c-244-1-pnp1001-126832-2024-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: नगर कीर्तन में वाहे गुरु के जयकारों से गूंजी औद्योगिक नगरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: नगर कीर्तन में वाहे गुरु के जयकारों से गूंजी औद्योगिक नगरी
विज्ञापन
पानीपत। गुरु ग्रंथ साहिब के गुरु गद्दी दिवस पर रविवार को नगर कीर्तन में गुरु का संदेश दिया गया। पंज प्यारों की अगुवाई में निकाला गया नगर कीर्तन शहर में विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचा। इसके साथ गुरु का लंगर अटूट बरताया गया। इस दौरान औद्योगिक नगरी वाहे गुरु के जयकारों से गूंज उठी।
गुरुद्वारा भाई संत नरैण सिंह अमर भवन चौक से रविवार को पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला गया। सुबह अमर भवन चौक से शुरू नगर कीर्तन सनौली रोड, गंगापुरी रोड से होते हुए सेक्टर-11-12 में पहुंचा। यहां से भीम गोड़ा चौक व सेठी चौक से होते हुए वापस अमर भवन चौक गुरुद्वारा में पहुंचा। यहां नगर कीर्तन का स्वागत किया। गुरबाणी में गुरु ग्रंथ साहिब के बारे में विस्तार से बताया। यहां जगह-जगह नगर कीर्तन का स्वागत के साथ ही संगत की सेवा की गई। सेक्टर-11 में पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी ने नगर कीर्तन का स्वागत किया।
बैंडबाजे और झांकियों के साथ संगत ने हर किसी को निहाल कर दिया। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रधान हरजीत सिंह ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह ने आज के दिन गुरु ग्रंथ साहिब को गुरु माना था। उसी दिन से सिख समाज के लोग गुरु ग्रंथ साहिब को अपना गुरु मानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुद्वारा भाई संत नरैण सिंह अमर भवन चौक से रविवार को पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला गया। सुबह अमर भवन चौक से शुरू नगर कीर्तन सनौली रोड, गंगापुरी रोड से होते हुए सेक्टर-11-12 में पहुंचा। यहां से भीम गोड़ा चौक व सेठी चौक से होते हुए वापस अमर भवन चौक गुरुद्वारा में पहुंचा। यहां नगर कीर्तन का स्वागत किया। गुरबाणी में गुरु ग्रंथ साहिब के बारे में विस्तार से बताया। यहां जगह-जगह नगर कीर्तन का स्वागत के साथ ही संगत की सेवा की गई। सेक्टर-11 में पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी ने नगर कीर्तन का स्वागत किया।
विज्ञापन
बैंडबाजे और झांकियों के साथ संगत ने हर किसी को निहाल कर दिया। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के प्रधान हरजीत सिंह ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह ने आज के दिन गुरु ग्रंथ साहिब को गुरु माना था। उसी दिन से सिख समाज के लोग गुरु ग्रंथ साहिब को अपना गुरु मानते हैं।
विज्ञापन