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Panipat News: छात्राओं ने वाल पेंटिंग बना दिया टीबी से बचाव का संदेश
Thu, 25 Sep 2025 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 25 Sep 2025 01:57 AM IST
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राजकीय कन्या विद्यालय में वॉल पेंटिंग बनाकर टीबी मुक्त का संदेश देती छात्राएं। संवाद
- फोटो : अमेठी स्थित पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस
संवाद न्यूज एजेंसी
इसराना। राजकीय कन्या विद्यालय इसराना में बुधवार को टीबी से बचाव के लिए जागरूकता के लिए विद्यालय में टीबी विषय पर नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग व निबंध लेखन प्रतियोगिता कराई। कार्यक्रम की देखरेख खंड शिक्षा अधिकारी अनीता गर्ग ने की व मंच संचालन प्रधानाचार्य डॉ. सुरेश सैनी ने किया। कार्यक्रम में डॉ. रविंद्र शर्मा व सोमदत्त ने विद्यार्थियों को टीबी बीमारी के लक्षण व रोकथाम के उपाय बताएं।
डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा कि टीबी माइक्रो बैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होने वाली एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि यह खांसने, छींकने या बात करने से हवा में निकली बूंदों के सांस के जरिए अंदर जाने से फैलती है। टीबी के मुख्य लक्षणों में लगातार खांसी, खांसी में खून आना, छाती में दर्द, बुखार, वजन कम होना और रात में पसीना आना शामिल है।
खंड शिक्षा अधिकारी अनिता गर्ग ने कहा कि टीबी के बचाव का सबसे अच्छा तरीका इसके प्रति जागरूक होना है। जिससे विद्यार्थी इसके प्रति सचेत रहकर अपने और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें। इस मौके पर भगत सिंह, सत्यवान सैनी, अजय शर्मा, राजेश कुमार, संजीव कुमार, सोमदत्त शर्मा, यशवीर सिंह, सुदेश जागलान, प्रीति देवी व पूजा रानी मौजूद रहीं।
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इसराना। राजकीय कन्या विद्यालय इसराना में बुधवार को टीबी से बचाव के लिए जागरूकता के लिए विद्यालय में टीबी विषय पर नारा लेखन, पोस्टर मेकिंग व निबंध लेखन प्रतियोगिता कराई। कार्यक्रम की देखरेख खंड शिक्षा अधिकारी अनीता गर्ग ने की व मंच संचालन प्रधानाचार्य डॉ. सुरेश सैनी ने किया। कार्यक्रम में डॉ. रविंद्र शर्मा व सोमदत्त ने विद्यार्थियों को टीबी बीमारी के लक्षण व रोकथाम के उपाय बताएं।
डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा कि टीबी माइक्रो बैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होने वाली एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि यह खांसने, छींकने या बात करने से हवा में निकली बूंदों के सांस के जरिए अंदर जाने से फैलती है। टीबी के मुख्य लक्षणों में लगातार खांसी, खांसी में खून आना, छाती में दर्द, बुखार, वजन कम होना और रात में पसीना आना शामिल है।
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खंड शिक्षा अधिकारी अनिता गर्ग ने कहा कि टीबी के बचाव का सबसे अच्छा तरीका इसके प्रति जागरूक होना है। जिससे विद्यार्थी इसके प्रति सचेत रहकर अपने और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें। इस मौके पर भगत सिंह, सत्यवान सैनी, अजय शर्मा, राजेश कुमार, संजीव कुमार, सोमदत्त शर्मा, यशवीर सिंह, सुदेश जागलान, प्रीति देवी व पूजा रानी मौजूद रहीं।
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