फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   The four-day Chhath festival will start on Monday with Nahay-Khay.

बुधवार को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा आस्था का महापर्व छठ पूजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 02:30 AM IST
विज्ञापन
The four-day Chhath festival will start on Monday with Nahay-Khay.
आस्था का महापर्व छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। छठी मैय्या और सूरज देवता की आराधना का पर्व छठ पूजन का आरंभ 8 नवंबर दिन सोमवार से हो रहा है। छठ पूजा की शुरुआत कल नहाय-खाय से होगी। इस बार षष्ठी तिथि 10 नवंबर बुधवार को है। डूबते सूर्य को अर्घ्य 10 नवंबर को दिया जाएगा। इसके बाद 11 नवंबर की सुबह उगते हुए सूरज को अर्घ्य देकर छठ पूजा का समापन किया जाएगा। देश के कई हिस्सों में छठ पूजा के लिए तैयारियां चल रही हैं।
विज्ञापन

छठ पूजा बिहार और झारखंड के निवासियों का प्रमुख त्योहार है लेकिन इसका उत्सव पूरे उत्तर भारत में देखने को मिलता है। सूर्य उपासना के इस पर्व को प्रकृति प्रेम और प्रकृति पूजा का सबसे उदाहरण भी माना जाता है। चार दिन तक चलने वाले छठ पूजा पर्व पर यूपी, बिहार और झारखंड में जबरदस्त उत्सव और उत्साह का माहौल देखने को मिलता है। इस बार कोरोना महामारी का प्रकोप होने के चलते कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में पाबंदियां लगी हुई हैं। इसके बावजूद भी लोगों का जुनून और आस्था कम होती नहीं दिख रही।
विज्ञापन

कब है नहाय-खाय
छठ पूजा की शुरुआत षष्ठी तिथि से दो दिन पूर्व चतुर्थी से हो जाती है जो इस बार सोमवार को है। छठ पर्व की शुरुआत 8 नवंबर चतुर्थी को नहाय-खाय से होगी। नहाय-खाय के दिन लोग घर की साफ-सफाई करके पूरे दिन सात्विक आहार लेते हैं। इसके बाद 9 नवंबर पंचमी तिथि को खरना या लोहंडा मनाया जाएगा। खरना के दिन व्रती को दिन में व्रत करके शाम को सात्विक आहार जैसे- गुड़ की खीर, कद्दू की खीर आदि लेना होता है। इस दिन बेहद ही स्वादिष्ट गन्ने की रस की खीर बनाई जाती है। इसके बाद प्रसाद के भरी बांस की टोकरी जिसे दउरा या दौरा भी कहा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

षष्ठी को रखते हैं निर्जला व्रत
छठ पूजा के दिन षष्ठी को व्रती को निर्जला व्रत रखना होता है। यह व्रत खरना के दिन शाम से शुरू होता है। छठ यानी षष्ठी तिथि के दिन शाम को डूबते सूर्य को अर्घ देकर अगले दिन सप्तमी को सुबह उगते सूर्य का इंतजार करना होता है। सप्तमी को उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ ही करीब 36 घंटे चलने वाला निर्जला व्रत समाप्त होता है। छठ पूजा का व्रत करने वालों का मानना है कि पूरी श्रद्धा के साथ छठी मइया की पूजा-उपासना करने वालों की मनोकामना पूरी होती है।
छठ पूजा की तिथियां
सोमवार 8 नवंबर - चतुर्थी (नहाय-खाय)
मंगलवार 9 नवंबर - पंचमी (खरना)
बुधवार 10 नवंबर - षष्ठी (डूबते सूर्य को अर्घ्य)
वीरवार 11 नवंबर - सप्तमी (उगते सूर्य को अर्घ्य)
- षष्ठी की तिथि और समय
बुधवार 10 नवंबर को षष्ठी पर्व मनाया जाएगा। षष्ठी को सूर्योदय 06 बजकर 41 मिनट पर और सूर्योस्त शाम 05 बजकर 29 मिनट पर होगा। षष्ठी तिथि 9 नवंबर को सुबह 10 बजकर 36 मिनट से प्रारंभ होगी जो 10 नवंबर को सुबह 08 बजकर 25 मिनट तक रहेगी।
कौन हैं छठी मइया ?
ज्योतिषाचार्य पंडित राधे-राधे महाराज ने बताया कि कार्तिक मास की षष्टी को छठ मनाई जाती है। छठे दिन पूजी जाने वाली षष्ठी मइया को बिहार में आसान भाषा में छठी मइया कहकर पुकारते हैं। मान्यता है कि छठ पूजा के दौरान पूजी जाने वाली यह माता सूर्य भगवान की बहन हैं। इसलिए लोग सूर्य को अर्घ्य देकर छठ मैया को प्रसन्न करते हैं। वहीं, पुराणों में मां दुर्गा के छठे रूप कात्यायनी देवी को भी छठ माता का ही रूप माना जाता है। छठ मइया को संतान देने वाली माता के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि छठ पर्व संतान के लिए मनाया जाता है। खासकर वो जोड़े जिन्हें संतान का प्राप्ति नहीं हुई, वो छठ का व्रत रखते हैं, बाकि सभी अपने बच्चों की सुख-शांति के लिए छठ मनाते हैं।

छठ पूजा में अर्घ्य देने का वैज्ञानिक महत्व
सूरज की किरणों से शरीर को विटामिन डी मिलती है। उगते सूर्य की किरणों के फायदे बहुत हैं। इसीलिए सदियों से सूर्य नमस्कार को बहुत लाभकारी बताया गया। वहीं, प्रिज्म के सिद्धांत के मुताबिक सुबह की सूरत की रोशनी से मिलने वाले विटामिन डी से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है और त्वचा से जुड़ी सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed