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Panipat News: धधकती रही आग और रोता रहा मासूम, फिर बुझ गया ‘चिराग’
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संदीप सिंह
पानीपत। जिले के सुताना गांव में मंगलवार को चचेरे भाई के परिजनों को कमरे में बंद कर आग लगाने की घटना के बाद तीन साल के चिराग ने कमरे में ही दम तोड़ दिया, जबकि किशोरी राखी ने फोन कर सचिन नामक ग्रामीण को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि कमरे के बाहर ही आरोपी चचेरा भाई और उसका दोस्त पिस्तौल व कुल्हाड़ी लेकर पहरा दे रहे थे, लेकिन गांव के ही सचिन व एक अन्य युवक ने हिम्मत दिखाई और आरोपियों को दबोचने का प्रयास किया तो वे मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण सचिन ने बताया कि मंगलवार को वे गांव में घर पर ही था। तभी राखी का फोन आया कि चाचा मोनू ने सभी को कमरे में बंद कर आग लगा दी है। इसके बाद वो बचाव के लिए बाहर आया तो देखा कि आरोपी मोनू पिस्तौल लेकर घर के बाहर खड़ा था। वहीं उसके साथ राहुल के हाथ में कुल्हाड़ी थी। ऐसे में कोई भी ग्रामीण आग को बुझाने और परिजनों को बचाने की साहस नहीं कर पा रहा था। कारण कि जब भी कोई बचाने के लिए आगे बढ़ता तो दोनों आरोपी हमलावर हो जाते।
वहीं अंदर से लगातार चीखने की आवाज आ रही थी। इसके बाद वो गांव के एक अन्य युवक संग बचाव में आगे बढ़ा। इस दौरान उसके पिता भी साथ थे। उन्होंने हिम्मत दिखाकर आरोपियों को दबोचने का प्रयास किया तो वे मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने कमरे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो तीन साल के चिराग की मौत हो चुकी थी, जबकि अन्य पांच लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
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हालत गंभीर होने पर राखी को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया, जहां वो जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपियों ने पहले छप्पर में आग लगाई, फिर कमरे में डीजल छिड़क आग लगा दी, ताकि कोई अंदर न जा सके, लेकिन राखी ने तत्परता दिखाते हुए सचिन को फोन कर दिया, जिससे मौके पर ग्रामीण जमा हो गए। बताया जा रहा है कि अगर थोड़ी और देर होती तो सभी छह लोगों की जान जा सकती थी।
रहम की भीख मांगते रहे परिजन पर चचेरे भाई पर था खून सवार
ग्रामीणों के अनुसार, घर में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने के बाद आरोपी मोनू और उसका दोस्त राहुल बाहर पहरा देते रहे, जबकि अंदर से चचेरे भाई के परिजन चीख पुकार के साथ रहम की गुहार लगाते रहे, लेकिन उसका दिल नहीं पसीजा। मानों आरोपियों के सिर पर खून सवार था। करीब एक घंटे तक आरोपी मौके पर डटे रहे। धीरे-धीरे से कमरे के अंदर से आ रही मदद की गुहार व चीखें थमने लगी। तभी दोनों युवकों ने हिम्मत दिखाई और दोनों आरोपियों को किसी तरह से खदेड़ा। इसके बाद सभी को बाहर निकाला गया। तब तक ढाई साल के बच्चे को मौत हो चुकी थी, जबकि पांच अन्य सदस्य बेहोश हो चुके थे। पूरा घर खाक हो चुका था। अब एक भतीजी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है, जबकि चार अन्य परिजन खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
आठ लाख रुपये की मांग कर रहा था आरोपी
विशाल ने बताया कि डेढ़ माह पहले उसकी शादी सुताना गांव के रणधीर की बेटी नीतू से हुई थी। नीतू ने उसे बताया था कि उनका उसके चाचा मोनू के साथ विवाद चल रहा है। एक साल पहले उनका चाचा मोनू के साथ झगड़ा था। मोनू पर केस दर्ज कराया गया था। इस केस में मोनू के काफी पैसे खर्च हो गए। अब वो उनसे जबरदस्ती आठ लाख रुपये की मांग करता है। आए दिन इसे लेकर झगड़ा करता है। इसी रंजिश में उसने वारदात को अंजाम दिया है। विशाल के अनुसार, मंगलवार को पानीपत से उसे मोटरसाइकिल खरीदनी थी, इसलिए वो एक रात के लिए ससुराल में पत्नी के साथ आया था।
ये थे मकान में
रणधीर की पत्नी बाला, रणधीर की बेटी राखी, नीतू, रितिका, बाला का दामाद विशाल व उसका ढाई साल का साला चिराग कमरे में बंद था। चिराग की मौत हो चुकी है। राखी की हालत गंभीर है।
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पानीपत। जिले के सुताना गांव में मंगलवार को चचेरे भाई के परिजनों को कमरे में बंद कर आग लगाने की घटना के बाद तीन साल के चिराग ने कमरे में ही दम तोड़ दिया, जबकि किशोरी राखी ने फोन कर सचिन नामक ग्रामीण को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि कमरे के बाहर ही आरोपी चचेरा भाई और उसका दोस्त पिस्तौल व कुल्हाड़ी लेकर पहरा दे रहे थे, लेकिन गांव के ही सचिन व एक अन्य युवक ने हिम्मत दिखाई और आरोपियों को दबोचने का प्रयास किया तो वे मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण सचिन ने बताया कि मंगलवार को वे गांव में घर पर ही था। तभी राखी का फोन आया कि चाचा मोनू ने सभी को कमरे में बंद कर आग लगा दी है। इसके बाद वो बचाव के लिए बाहर आया तो देखा कि आरोपी मोनू पिस्तौल लेकर घर के बाहर खड़ा था। वहीं उसके साथ राहुल के हाथ में कुल्हाड़ी थी। ऐसे में कोई भी ग्रामीण आग को बुझाने और परिजनों को बचाने की साहस नहीं कर पा रहा था। कारण कि जब भी कोई बचाने के लिए आगे बढ़ता तो दोनों आरोपी हमलावर हो जाते।
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वहीं अंदर से लगातार चीखने की आवाज आ रही थी। इसके बाद वो गांव के एक अन्य युवक संग बचाव में आगे बढ़ा। इस दौरान उसके पिता भी साथ थे। उन्होंने हिम्मत दिखाकर आरोपियों को दबोचने का प्रयास किया तो वे मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने कमरे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो तीन साल के चिराग की मौत हो चुकी थी, जबकि अन्य पांच लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
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हालत गंभीर होने पर राखी को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया, जहां वो जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपियों ने पहले छप्पर में आग लगाई, फिर कमरे में डीजल छिड़क आग लगा दी, ताकि कोई अंदर न जा सके, लेकिन राखी ने तत्परता दिखाते हुए सचिन को फोन कर दिया, जिससे मौके पर ग्रामीण जमा हो गए। बताया जा रहा है कि अगर थोड़ी और देर होती तो सभी छह लोगों की जान जा सकती थी।
रहम की भीख मांगते रहे परिजन पर चचेरे भाई पर था खून सवार
ग्रामीणों के अनुसार, घर में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने के बाद आरोपी मोनू और उसका दोस्त राहुल बाहर पहरा देते रहे, जबकि अंदर से चचेरे भाई के परिजन चीख पुकार के साथ रहम की गुहार लगाते रहे, लेकिन उसका दिल नहीं पसीजा। मानों आरोपियों के सिर पर खून सवार था। करीब एक घंटे तक आरोपी मौके पर डटे रहे। धीरे-धीरे से कमरे के अंदर से आ रही मदद की गुहार व चीखें थमने लगी। तभी दोनों युवकों ने हिम्मत दिखाई और दोनों आरोपियों को किसी तरह से खदेड़ा। इसके बाद सभी को बाहर निकाला गया। तब तक ढाई साल के बच्चे को मौत हो चुकी थी, जबकि पांच अन्य सदस्य बेहोश हो चुके थे। पूरा घर खाक हो चुका था। अब एक भतीजी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है, जबकि चार अन्य परिजन खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
आठ लाख रुपये की मांग कर रहा था आरोपी
विशाल ने बताया कि डेढ़ माह पहले उसकी शादी सुताना गांव के रणधीर की बेटी नीतू से हुई थी। नीतू ने उसे बताया था कि उनका उसके चाचा मोनू के साथ विवाद चल रहा है। एक साल पहले उनका चाचा मोनू के साथ झगड़ा था। मोनू पर केस दर्ज कराया गया था। इस केस में मोनू के काफी पैसे खर्च हो गए। अब वो उनसे जबरदस्ती आठ लाख रुपये की मांग करता है। आए दिन इसे लेकर झगड़ा करता है। इसी रंजिश में उसने वारदात को अंजाम दिया है। विशाल के अनुसार, मंगलवार को पानीपत से उसे मोटरसाइकिल खरीदनी थी, इसलिए वो एक रात के लिए ससुराल में पत्नी के साथ आया था।
ये थे मकान में
रणधीर की पत्नी बाला, रणधीर की बेटी राखी, नीतू, रितिका, बाला का दामाद विशाल व उसका ढाई साल का साला चिराग कमरे में बंद था। चिराग की मौत हो चुकी है। राखी की हालत गंभीर है।