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Panipat News: रफ्तार का कहर...काल के गाल में समा गए तीन लाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 May 2025 02:45 AM IST
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The fast speed... three sons were swallowed by death
पानीपत। सोमवार आधी रात को एलिवेटेड हाईवे पर हुए हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार रही। यह बात पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आई है। हादसे में तीन घरों के लाल जान गवां बैठे।
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जांच के अनुसार, सचिन और उसके दोस्त पहले पानीपत टोल की ओर गए थे। जहां से वह वापस लौटने लगे। जीटी रोड पर एक अस्पताल के सामने कार से एक दोस्त अंशुल उतर गया था। बाकी तीनों एलिवेटेड रोड से वापस दिल्ली की साइड पर आ गए। कार स्पीड अधिक होने के कारण अनियंत्रित हो गई। स्पीड इतनी अधिक थी कि कार डिवाइडर से टकराकर उछल गई और दूसरी साइड में पहुंच गई और स्कॉर्पियो से सीधी टक्कर हो गई। हादसे में वरना कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। बड़ी मुश्किल घायलों को कार से बाहर निकाला गया था।
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सचिन के कंधों पर थी परिवार की जिम्मेदारी
- तीन बहनों का था इकलौता भाई, सचिन के पिता की भी 18 साल पहले हो चुकी है मौत

माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सोमवार आधी रात को हादसे में सचिन की मौत के बाद परिजन गमजदा हैं। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। सचिन का शव घर पर पहुंचा तो बहनें बेसुध हो गईं।
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पड़ोसियों ने बताया कि सचिन के परिवार में उसकी तीन बहन और मां हैं। पिता की 2007 में ही बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उस समय सचिन की उम्र मात्र दो साल थी। सचिन ने 12वीं तक की पढ़ाई की थी और इसके बाद उसने दवा के पत्ते बनाने वाली फैक्टरी लगाई थी। सचिन के ही कंधों पर पूरे घर की जिम्मेदारी थी। परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था। सोमवार आधी रात को हुए हादसे में परिवार के लिए काली रात साबित हुई। हादसे के बाद तीनों बहनों और मां की हालत भी ठीक नहीं है और वह बार-बार बेसुध होकर गिर रही हैं।

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माधव बड़े भाई के कारोबार में करता था सहयोग

माधव मिगलानी की मौत के बाद मां और एक बड़े भाई गमजदा हैं। पिता की चार साल पहले मौत हो गई थी। उनके परिवार की हैंडलूम की फैक्टरी है। जिसे उसके बड़े भाई संभालते हैं। समय-समय पर माधव भी उनका सहयोग करता था।


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नोएडा की एक यूनिवर्सिटी से बीबीए कर था पार्थ
पानीपत के सेक्टर 12 में पॉर्थ का परिवार रहता है। एक भाई विदेश में रहते हैं और उनके पिता का प्रॉपर्टी का काम है। पार्थ नोएडा की एक यूनिवर्सिटी में बीबीए का छात्र था। रविवार को वह छुट्टी पर घर आया था। उसे मंगलवार को वापस जाना था। जिस कारण वह कुछ समय दोस्तों के साथ बिताने के लिए उनके साथ चला गया। हादसे में पार्थ की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
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