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Panipat News: रात के अंधेरे में फैक्ट्री मालिकों का कारनामा, यमुना को बना दिया जहरीला
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पानीपत। फैक्ट्री मालिक रात के अंधेरे में काला कारनामा लगातार कर रहे हैं। वे अधिकारियों की कार्रवाई से बेखौफ होकर फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकलयुक्त पानी को टैंकरों की मदद से ड्रेन नंंबर दो में डाल रहे हैं। यह पानी आगे जाकर सीधे यमुना में मिलकर उसे जहरीला बना रहा है। चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक कई बार इसे रोकने की रणनीति बनी, लेकिन सारी कवायद अफसरशाही की भेंट चढ़ गई। उद्यमी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और दूसरी एजेंसियों के साथ श्रम विभाग के नियमों की भी धज्जियां सरेआम उड़ा रहे हैं। रसलापुर गांव स्थित गोरजा इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड में दो ट्रैक्टर चालकों चाचा-भतीजे और एक मेंटेनेंस कर्मी की हत्या के बाद केमिकल युक्त दूषित पानी ड्रेन नंबर-दो में डालने का खुलासा खुद ही हो गया। इतना बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग और दूसरे जिम्मेदार अधिकारी मूक बने रहे। कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
उद्योग लगाने की नई पॉलिसी आने के बाद फैक्ट्री मालिकों ने बैकवर्ड जोन सनौली और बापौली की तरफ रुख कर दिया। यहां पिछले पांच साल में सैकड़ों फैक्टि्रयां बन गई हैं। इनमें दर्जनों फैक्टि्रयां बिना सीएलयू के चल रही हैं और कुछ के पास विभागों के लाइसेंस तक नहीं हैं। अधिकतर फैक्ट्री में ईटीपी (इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांंट) लगाना होता है। इस प्लांट में फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित पानी को शोधित कर पुन: प्रयोग में लाया जाता है, लेकिन यहां अनदेखी की जा रही है।
सनौली और बापौली क्षेत्र में ही नहीं शहर में भी काफी फैक्टरी अवैध रूप से चल रही हैं। इन फैक्टि्रयों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा जन स्वास्थ्य विभाग भी कार्रवाई कर सकता है। अधिकारी अधिकतर मामलों को अनदेखा कर रहे हैं। लंबे समय से ऐसी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि यहां केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी सक्रिय रही है।
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पानीपत से दो ड्रेनें गुजरती हैं और दोनों खोजकीपुर गांव के समीप यमुना में मिलती हैं। ड्रेन नंबर-एक शहर की पश्चिमी दिशा काबड़ी रोड से शुरू होकर शहर के बीच से होकर सिवाह से आगे से खोजकीपुर गांव के पास यमुना में मिलती है। यह सिवाह गांव स्थित एसटीपी के आगे से गुजरती हैं। एसटीपी पर भी पानी को बाईपास आगे भेज दिया जाता है। ड्रेन नंबर-दो बाबरपुर से होकर शहर के उत्तरी-पूर्वी दिशा से सनौली-बापौली क्षेत्र के गांवों से होकर यमुना में जाती है। इसके आसपास लगी फैक्टि्रयों का पानी इसमें डाला जाता है। कुछ फैक्ट्री मालिक दिनभर निकलने वाले केमिकलयुक्त विषैले पानी को टैंक में जमा कर लेते हैं और रात में पानी को टैंकरों की मदद से ड्रेन नंबर-दो में डाल देते हैं।
किसी भी फैक्ट्री मालिक या अन्य व्यक्ति को नियम नहीं तोड़ने दिए जाएंगे। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जलालपुर रोड फैक्ट्री में हादसे की पुलिस जांच कर रही है। संबंधित विभाग भी अपनी जांच करेंगे।
- डॉ. वीरेंद्र दहिया, उपायुक्त।
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उद्योग लगाने की नई पॉलिसी आने के बाद फैक्ट्री मालिकों ने बैकवर्ड जोन सनौली और बापौली की तरफ रुख कर दिया। यहां पिछले पांच साल में सैकड़ों फैक्टि्रयां बन गई हैं। इनमें दर्जनों फैक्टि्रयां बिना सीएलयू के चल रही हैं और कुछ के पास विभागों के लाइसेंस तक नहीं हैं। अधिकतर फैक्ट्री में ईटीपी (इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांंट) लगाना होता है। इस प्लांट में फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित पानी को शोधित कर पुन: प्रयोग में लाया जाता है, लेकिन यहां अनदेखी की जा रही है।
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सनौली और बापौली क्षेत्र में ही नहीं शहर में भी काफी फैक्टरी अवैध रूप से चल रही हैं। इन फैक्टि्रयों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा जन स्वास्थ्य विभाग भी कार्रवाई कर सकता है। अधिकारी अधिकतर मामलों को अनदेखा कर रहे हैं। लंबे समय से ऐसी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि यहां केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी सक्रिय रही है।
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पानीपत से दो ड्रेनें गुजरती हैं और दोनों खोजकीपुर गांव के समीप यमुना में मिलती हैं। ड्रेन नंबर-एक शहर की पश्चिमी दिशा काबड़ी रोड से शुरू होकर शहर के बीच से होकर सिवाह से आगे से खोजकीपुर गांव के पास यमुना में मिलती है। यह सिवाह गांव स्थित एसटीपी के आगे से गुजरती हैं। एसटीपी पर भी पानी को बाईपास आगे भेज दिया जाता है। ड्रेन नंबर-दो बाबरपुर से होकर शहर के उत्तरी-पूर्वी दिशा से सनौली-बापौली क्षेत्र के गांवों से होकर यमुना में जाती है। इसके आसपास लगी फैक्टि्रयों का पानी इसमें डाला जाता है। कुछ फैक्ट्री मालिक दिनभर निकलने वाले केमिकलयुक्त विषैले पानी को टैंक में जमा कर लेते हैं और रात में पानी को टैंकरों की मदद से ड्रेन नंबर-दो में डाल देते हैं।
किसी भी फैक्ट्री मालिक या अन्य व्यक्ति को नियम नहीं तोड़ने दिए जाएंगे। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जलालपुर रोड फैक्ट्री में हादसे की पुलिस जांच कर रही है। संबंधित विभाग भी अपनी जांच करेंगे।
- डॉ. वीरेंद्र दहिया, उपायुक्त।