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Panipat News: जिप अध्यक्ष का चुनाव 28 को, काजल देशवाल के जून में बर्खास्त करने के बाद से खाली था पद
Sat, 17 Jan 2026 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 17 Jan 2026 12:43 AM IST
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पानीपत। जिला परिषद की अध्यक्ष के छह महीने से खाली पद के लिए चुनाव की तारीख तय कर दी है। राज्य चुनाव आयोग ने 28 जनवरी को चुनाव कराने का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके साथ प्रशासन ने चुनाव का शेड्यूल बना लिया है। जिला परिषद के सभी सदस्यों को इसका पत्र जारी कर दिया है। वहीं चुनाव की घोषणा के साथ प्रधान पद के लिए फिर से गहमागहमी मच गई है। भाजपा की पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा फिर से कुर्सी पाने की तैयारी में लगी हैं। वहीं भाजपा में ही कई अन्य महिला पार्षद अपनी दावेदारी कर रही हैं। ऐसे में पार्षदों ने अपने आकाओं के पास पहुंचना शुरू कर दिया है।
जिला परिषद के प्रधान पद के चुनाव के लिए प्रशासन ने शुक्रवार को औपचारिक घोषणा कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 28 जनवरी को जिला परिषद के प्रधान का चुनाव कराया जाएगा। उपायुक्त एवं निर्धारित प्राधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने जिला परिषद के निर्वाचित सदस्यों को आधिकारिक सूचना जारी कर चुनाव कार्यक्रम निर्धारित किया है। उपायुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह चुनाव जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय के प्रथम तल के बैठक हॉल में संपन्न होगा। चुनाव प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराई जाएगी।
यह रहेगा चुनाव का शेड्यूल
जारी कार्यक्रम के अनुसार 28 जनवरी को प्रात: 11 बजे से चुनाव प्रक्रिया आरंभ होगी। प्रात: 11:00 से 11:30 बजे तक जिला परिषद सदस्यों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। इसके बाद 11:30 से 11:45 बजे तक दो-तिहाई बहुमत पूर्ण होने पर चुनाव संबंधी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद 11:45 से 12:15 बजे तक प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। 12:15 से 12:30 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच कर वैध उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। 12:30 से 12:45 बजे तक नामांकन वापसी का समय निर्धारित किया गया है। दोपहर 12:45 से 1:15 बजे तक ईवीएम व बैलेट से संबंधित तैयारियां पूरी की जाएंगी। 1:15 से 1:45 बजे तक ईवीएम के माध्यम से मतदान किया। 1:45 से 2:00 बजे तक मतगणना कर परिणाम की घोषणा की जाएगी।
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जाति प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर काजल को हटाया था
वार्ड-13 की पार्षद काजल देशवाल भाजपा की ज्योति शर्मा के खिलाफ 14 जून 2024 अविश्वास लाकर अध्यक्ष बनी थी। उन्होंने जिला परिषद का चुनाव बीए-ए आरक्षित वार्ड-13 से चुनाव लड़ा था। जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पति भाजपा नेता प्रदीप शर्मा ने मार्च 2024 में मुख्यमंत्री नायब सैनी को शिकायत दी थी। उन्होंने काजल देशवाल पर (बीसी-ए) के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री ने इसकी जांच के पंचायत विभाग को आदेश दिए थे। पंचायत विभाग के निदेशक ने छह अप्रैल काे उपायुक्त पानीपत को पत्र लिखकर जांच के आदेश दिए थे। काजल देशवाल का मायका यूपी के सहानपुर के धुन्ना गांव में है। प्रशासन ने सहारनपुर डीएम को जांच के लिए लिखा। सहारनपुर के डीएम ने 88 पेज की रिपोर्ट बनाकर दी। काजल का जन्म हुआ, वहां कश्यप राजपूत पिछड़ा वर्ग की बजाय सामान्य श्रेणी में आते हैं। डीएम की रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि यह जाति प्रमाणपत्र अवैध है। अतिरिक्त उपायुक्त पानीपत डॉ. पंकज ने 26 जून को उनका जारी प्रमाणपत्र रद्द कर दिया। पंचायत विभाग के निदेशक के सामने 27 को पेशी थी। निदेशक ने काजल देशवाल को उसी दिन जिला परिषद के अध्यक्ष पद से हटा दिया। काजल देशवाल ने निदेशक के फैसले के खिलाफ एसीएस को अपील की थी। इसी आधार पर काजल की सदस्यता और अध्यक्ष की कुर्सी चली गई थी। थाना शहर पुलिस ने शिकायत के आधार पर काजल देशवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
ज्योति शर्मा के खिलाफ लामबंद हो गए थे पार्षद
ज्योति शर्मा 27 दिसंबर 2022 को भाजपा के समर्थन से जिला परिषद की अध्यक्ष चुनी गई थीं। उनके खिलाफ पार्षद लामबंद हो गए थे। छह मार्च 2024 को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। इस मामले में 14 जून 2024 को अविश्वास पास किया गया था। वहीं ज्योति ने भी कुछ देर पहले प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय 17 में से 13 पार्षद उनके खिलाफ थे। वे एक साल ही इस पद पर रह पाईं।
जिला परिषद की अध्यक्ष का चुनाव 28 जनवरी को तय किया है। सभी निर्वाचित सदस्यों को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। सभी सदस्यों से निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील की है।
- डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
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जिला परिषद के प्रधान पद के चुनाव के लिए प्रशासन ने शुक्रवार को औपचारिक घोषणा कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 28 जनवरी को जिला परिषद के प्रधान का चुनाव कराया जाएगा। उपायुक्त एवं निर्धारित प्राधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने जिला परिषद के निर्वाचित सदस्यों को आधिकारिक सूचना जारी कर चुनाव कार्यक्रम निर्धारित किया है। उपायुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह चुनाव जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय के प्रथम तल के बैठक हॉल में संपन्न होगा। चुनाव प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराई जाएगी।
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यह रहेगा चुनाव का शेड्यूल
जारी कार्यक्रम के अनुसार 28 जनवरी को प्रात: 11 बजे से चुनाव प्रक्रिया आरंभ होगी। प्रात: 11:00 से 11:30 बजे तक जिला परिषद सदस्यों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। इसके बाद 11:30 से 11:45 बजे तक दो-तिहाई बहुमत पूर्ण होने पर चुनाव संबंधी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद 11:45 से 12:15 बजे तक प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। 12:15 से 12:30 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच कर वैध उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। 12:30 से 12:45 बजे तक नामांकन वापसी का समय निर्धारित किया गया है। दोपहर 12:45 से 1:15 बजे तक ईवीएम व बैलेट से संबंधित तैयारियां पूरी की जाएंगी। 1:15 से 1:45 बजे तक ईवीएम के माध्यम से मतदान किया। 1:45 से 2:00 बजे तक मतगणना कर परिणाम की घोषणा की जाएगी।
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जाति प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर काजल को हटाया था
वार्ड-13 की पार्षद काजल देशवाल भाजपा की ज्योति शर्मा के खिलाफ 14 जून 2024 अविश्वास लाकर अध्यक्ष बनी थी। उन्होंने जिला परिषद का चुनाव बीए-ए आरक्षित वार्ड-13 से चुनाव लड़ा था। जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पति भाजपा नेता प्रदीप शर्मा ने मार्च 2024 में मुख्यमंत्री नायब सैनी को शिकायत दी थी। उन्होंने काजल देशवाल पर (बीसी-ए) के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री ने इसकी जांच के पंचायत विभाग को आदेश दिए थे। पंचायत विभाग के निदेशक ने छह अप्रैल काे उपायुक्त पानीपत को पत्र लिखकर जांच के आदेश दिए थे। काजल देशवाल का मायका यूपी के सहानपुर के धुन्ना गांव में है। प्रशासन ने सहारनपुर डीएम को जांच के लिए लिखा। सहारनपुर के डीएम ने 88 पेज की रिपोर्ट बनाकर दी। काजल का जन्म हुआ, वहां कश्यप राजपूत पिछड़ा वर्ग की बजाय सामान्य श्रेणी में आते हैं। डीएम की रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि यह जाति प्रमाणपत्र अवैध है। अतिरिक्त उपायुक्त पानीपत डॉ. पंकज ने 26 जून को उनका जारी प्रमाणपत्र रद्द कर दिया। पंचायत विभाग के निदेशक के सामने 27 को पेशी थी। निदेशक ने काजल देशवाल को उसी दिन जिला परिषद के अध्यक्ष पद से हटा दिया। काजल देशवाल ने निदेशक के फैसले के खिलाफ एसीएस को अपील की थी। इसी आधार पर काजल की सदस्यता और अध्यक्ष की कुर्सी चली गई थी। थाना शहर पुलिस ने शिकायत के आधार पर काजल देशवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
ज्योति शर्मा के खिलाफ लामबंद हो गए थे पार्षद
ज्योति शर्मा 27 दिसंबर 2022 को भाजपा के समर्थन से जिला परिषद की अध्यक्ष चुनी गई थीं। उनके खिलाफ पार्षद लामबंद हो गए थे। छह मार्च 2024 को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। इस मामले में 14 जून 2024 को अविश्वास पास किया गया था। वहीं ज्योति ने भी कुछ देर पहले प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय 17 में से 13 पार्षद उनके खिलाफ थे। वे एक साल ही इस पद पर रह पाईं।
जिला परिषद की अध्यक्ष का चुनाव 28 जनवरी को तय किया है। सभी निर्वाचित सदस्यों को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। सभी सदस्यों से निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की अपील की है।
- डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।