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Panipat News: निदेशक ने मार्च में मांगी थी जिप अध्यक्ष की रिपोर्ट, प्रशासन आज तक नहीं दे पाया
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पानीपत। जिला परिषद की अध्यक्ष काजल देशवाल के जाति प्रमाण पत्र बदलकर चुनाव लड़ने के आरोपों की जांच आज तक पूरी नहीं हो पाई है। पंचायत विभाग के निदेशक ने छह मार्च को पहली बार पत्र लिखा था। इसके बाद तीन अप्रैल को उपायुक्त को पत्र लिखकर रिपोर्ट 15 दिन में देने के आदेश दिए थे।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज ने अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को दे दी है। अब उपायुक्त उनकी रिपोर्ट को ऊपर भेजेंगे। जानकारों का कहना है कि सहारनपुर डीएम से करीब 93 पेज की लंबी चौड़ी रिपोर्ट दी है।
जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पति प्रदीप ने गत दिनों मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि काजल देशवाल का चुनाव में नामांकन के समय लगाया जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। पंचायत विभाग के निदेशक ने इसकी जांच के लिए उपायुक्त को आदेश दिए थे।उपायुक्त ने इसकी जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी थी। अतिरिक्त उपायुक्त ने उत्तर प्रदेश के सहरानपुर के डीएम को पत्र लिखा था।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुवारंका खंड के एसडीएम से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें काजल के धुन्ना गांव में 11 लोगों के बयान दर्ज किए। सरपंच सरिता रानी ने काजल को सामान्य वर्ग में होना बताया। पटवारी और कानूनगो की रिपोर्ट भी सामान्य वर्ग से होना पाया गया। काजल देशवाल ने सहारनपुर प्रशासन से इनकी दोबारा जांच की मांग की थी। प्रशासन ने इसकी पुन: जांच कराई। जिसमें धुन्ना गांव से उनके पिता व भाई की शिक्षा संबंधित रिकार्ड की भी जांच की। स्कूल से 1956 से 1963 तक रिकॉर्ड जांचा तो काजल देशवाल के पिता नरेश हिंदू राजपूत मिले हैं। जबकि यह आरक्षित वर्ग में नहीं आती। वहीं सामने आया कि काजल देशवाल का बापौली में जाति प्रमाण पत्र बनवाया गया था। प्रशासन के सामने अब इसकी जांच बनी हु़ई है।
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वर्जन :
जिप अध्यक्ष की रिपोर्ट देखकर ही कुछ कह सकते हैं। वे मंगलवार को बाहर थे। बुधवार को कार्यालय जाकर रिपोर्ट देखकर निदेशक को भेजेंगे।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहियाउपायुक्त।
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अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज ने अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को दे दी है। अब उपायुक्त उनकी रिपोर्ट को ऊपर भेजेंगे। जानकारों का कहना है कि सहारनपुर डीएम से करीब 93 पेज की लंबी चौड़ी रिपोर्ट दी है।
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जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पति प्रदीप ने गत दिनों मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि काजल देशवाल का चुनाव में नामांकन के समय लगाया जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। पंचायत विभाग के निदेशक ने इसकी जांच के लिए उपायुक्त को आदेश दिए थे।उपायुक्त ने इसकी जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी थी। अतिरिक्त उपायुक्त ने उत्तर प्रदेश के सहरानपुर के डीएम को पत्र लिखा था।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुवारंका खंड के एसडीएम से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें काजल के धुन्ना गांव में 11 लोगों के बयान दर्ज किए। सरपंच सरिता रानी ने काजल को सामान्य वर्ग में होना बताया। पटवारी और कानूनगो की रिपोर्ट भी सामान्य वर्ग से होना पाया गया। काजल देशवाल ने सहारनपुर प्रशासन से इनकी दोबारा जांच की मांग की थी। प्रशासन ने इसकी पुन: जांच कराई। जिसमें धुन्ना गांव से उनके पिता व भाई की शिक्षा संबंधित रिकार्ड की भी जांच की। स्कूल से 1956 से 1963 तक रिकॉर्ड जांचा तो काजल देशवाल के पिता नरेश हिंदू राजपूत मिले हैं। जबकि यह आरक्षित वर्ग में नहीं आती। वहीं सामने आया कि काजल देशवाल का बापौली में जाति प्रमाण पत्र बनवाया गया था। प्रशासन के सामने अब इसकी जांच बनी हु़ई है।
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वर्जन :
जिप अध्यक्ष की रिपोर्ट देखकर ही कुछ कह सकते हैं। वे मंगलवार को बाहर थे। बुधवार को कार्यालय जाकर रिपोर्ट देखकर निदेशक को भेजेंगे।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहियाउपायुक्त।