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बढ़ने लगा एक्यूआई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें कार्रवाई के लिए फील्ड में उतरी
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पानीपत। एक अक्तूबर के बाद प्रदेश की आबोहवा बिगड़ने लगी है। एयर क्वालिटी इंडेक्स एकाएक बढ़ा है। इससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। इसी के चलते एक अक्तूबर से कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने एनसीआर में ग्रैप लागू कर दिया है। ग्रैप के तहत जिन जिलों में एक्यूआई 200 से अधिक होगा, वहां पर एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रदूषण कम करने के लिए काम करेंगे। वहां की फैक्टरियों को बंद कर दिया जाएगा।
बुधवार की स्थिति देखें तो गुरुग्राम प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां का एक्यूआई 238 पहुंच गया। इसके बाद पानीपत का एक्यूआई 221 रहा जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। प्रदेश के नौ प्रमुख शहरों का एक्यूआई बुधवार को यलो जोन में पहुंच गया। जो कि चिंतनीय है। सितंबर में प्रदेश का औसतन एक्यूआई 90 से कम था। अब एक्यूआई बढ़ने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी है। अब एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें फैक्टरियों पर कार्रवाई के लिए फील्ड में उतर चुकी है। उधर, एक अक्तूबर से अब तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दो टीमों ने 10 उद्योगों का निरीक्षण किया है। यहां पर बॉयलर बंद मिले।
पानीपत में कोयला संचालित लगभग 600 उद्योग फिलहाल बंद हैं। लाखों लोगों पर बेरोजगारी की तलवार लटक रही है। उद्यमियों ने मंगलवार रात को विधायक प्रमोद विज से मुलाकात की और सीएम से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। विधायक ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए वक्त भी मांगा है। उद्यमियों ने 13 अक्तूबर से सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू करने का भी एलान किया है।
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प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों का एक्यूआई-
शहर एक्यूआई
गुरुग्राम 238
पानीपत 221
फरीदाबाद 196
यमुनानगर 180
कुरुक्षेत्र 156
हिसार 123
करनाल 113
जींद 108
एनसीआर में तीन हजार उद्योगों की लिस्ट तैयार
कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने एनसीआर में लगभग तीन हजार ऐसे उद्योगों की लिस्ट तैयार की है, जिन पर कार्रवाई होनी है। मैनेजमेंट ने इन उद्योगों का पूरा डाटा जुटाया है। इनमें किस उद्योग में कौन सा ईंधन इस्तेमाल हो रहा है। किस उद्योग में पीएनजी की सप्लाई है, किन उद्योगों ने पीएनजी की सप्लाई के लिए आवेदन किया है। किन क्षेत्रों में पीएनजी की पाइपलाइन नहीं है। इन तमाम बिंदूओं के आधार पर एचएसपीसीबी अब उद्योगों पर कार्रवाई करने के मूड में है।
हवा का दबाव बढ़ने से बढ़ा प्रदूषण
अब हवा का दबाव बढ़ना शुरू हो गया है। दबाव के कारण धूल के कण हवा में बहुत ऊपर तक नहीं उठ पा रहे है। इससे स्मॉग बनना शुरू हो गया है और एक्यूआई बढ़ने लगा। अभी पराली जलने के मामले अपेक्षाकृत कम है, इसलिए प्रदूषण पर अभी इसका ज्यादा प्रभाव नहीं दिख रहा है। यह प्रभाव उद्योगों, जेनरेटरों व वाहनों के धुएं से है। बढ़ते प्रदूषण से लोगों में सांस लेने में दिक्कत शुरू हो जाएगी। इसलिए सड़कों व खुले मैदानों में पानी का छिड़काव जरूरी है।
- डॉ. राजेंद्र , विशेषज्ञ, पर्यावरण संबंधी मामले।
शुरू हुई कार्रवाई
हमने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फैक्टरियों का निरीक्षण किया जा रहा है। पानीपत का एक्यूआई 200 पार हो गया है। इसलिए यहां ग्रैप सख्ती से लागू होगा। 100 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर बंद होंगे। एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी व नगर निगम के सहयोग से एक्यूआई नियंत्रित करने का प्रयास होगा।
- कमलजीत सैनी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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बुधवार की स्थिति देखें तो गुरुग्राम प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां का एक्यूआई 238 पहुंच गया। इसके बाद पानीपत का एक्यूआई 221 रहा जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। प्रदेश के नौ प्रमुख शहरों का एक्यूआई बुधवार को यलो जोन में पहुंच गया। जो कि चिंतनीय है। सितंबर में प्रदेश का औसतन एक्यूआई 90 से कम था। अब एक्यूआई बढ़ने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी है। अब एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें फैक्टरियों पर कार्रवाई के लिए फील्ड में उतर चुकी है। उधर, एक अक्तूबर से अब तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दो टीमों ने 10 उद्योगों का निरीक्षण किया है। यहां पर बॉयलर बंद मिले।
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पानीपत में कोयला संचालित लगभग 600 उद्योग फिलहाल बंद हैं। लाखों लोगों पर बेरोजगारी की तलवार लटक रही है। उद्यमियों ने मंगलवार रात को विधायक प्रमोद विज से मुलाकात की और सीएम से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। विधायक ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए वक्त भी मांगा है। उद्यमियों ने 13 अक्तूबर से सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू करने का भी एलान किया है।
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प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों का एक्यूआई-
शहर एक्यूआई
गुरुग्राम 238
पानीपत 221
फरीदाबाद 196
यमुनानगर 180
कुरुक्षेत्र 156
हिसार 123
करनाल 113
जींद 108
एनसीआर में तीन हजार उद्योगों की लिस्ट तैयार
कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने एनसीआर में लगभग तीन हजार ऐसे उद्योगों की लिस्ट तैयार की है, जिन पर कार्रवाई होनी है। मैनेजमेंट ने इन उद्योगों का पूरा डाटा जुटाया है। इनमें किस उद्योग में कौन सा ईंधन इस्तेमाल हो रहा है। किस उद्योग में पीएनजी की सप्लाई है, किन उद्योगों ने पीएनजी की सप्लाई के लिए आवेदन किया है। किन क्षेत्रों में पीएनजी की पाइपलाइन नहीं है। इन तमाम बिंदूओं के आधार पर एचएसपीसीबी अब उद्योगों पर कार्रवाई करने के मूड में है।
हवा का दबाव बढ़ने से बढ़ा प्रदूषण
अब हवा का दबाव बढ़ना शुरू हो गया है। दबाव के कारण धूल के कण हवा में बहुत ऊपर तक नहीं उठ पा रहे है। इससे स्मॉग बनना शुरू हो गया है और एक्यूआई बढ़ने लगा। अभी पराली जलने के मामले अपेक्षाकृत कम है, इसलिए प्रदूषण पर अभी इसका ज्यादा प्रभाव नहीं दिख रहा है। यह प्रभाव उद्योगों, जेनरेटरों व वाहनों के धुएं से है। बढ़ते प्रदूषण से लोगों में सांस लेने में दिक्कत शुरू हो जाएगी। इसलिए सड़कों व खुले मैदानों में पानी का छिड़काव जरूरी है।
- डॉ. राजेंद्र , विशेषज्ञ, पर्यावरण संबंधी मामले।
शुरू हुई कार्रवाई
हमने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फैक्टरियों का निरीक्षण किया जा रहा है। पानीपत का एक्यूआई 200 पार हो गया है। इसलिए यहां ग्रैप सख्ती से लागू होगा। 100 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर बंद होंगे। एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी व नगर निगम के सहयोग से एक्यूआई नियंत्रित करने का प्रयास होगा।
- कमलजीत सैनी, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड