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Panipat News: दावा नहीं हुआ पूरा, एमसीएच का काम आज भी अधूरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jan 2026 02:02 AM IST
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The claim was not fulfilled, the work of MCH is still incomplete.
गायनी कक्ष के बाहर पिलर के आस-पास खड़ी महिलाएं। संवाद
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग का एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल ) के लिए दावा एक बार फिर फेल साबित हो गया। सीएमओ ने 31 दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा होने का दावा किया था। स्वास्थ्य मंत्री ने इसी के आधार पर विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी तय समय पर निर्माण पूरा कर सेवाएं शुरू होने की बात कही थी। धरातल पर आज भी काम अधूरा पड़ा है। वहीं जिला नागरिक अस्पताल में मातृ-शिशु इलाज में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गायनी कक्ष के बाहर बैठने की सुविधा व खड़े होने की जगह तक न होने से महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। अभिभावकों को बच्चों के इलाज के लिए ब्लॉक-एक में ओपीडी से लेकर ब्लॉक-दो की चौथी मंजिल तक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में करीब 62.37 करोड़ की लागत से एमसीएच विंग का निर्माण कार्य चल रहा है। नवंबर माह में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने अस्पताल का दौरा किया था। इसके साथ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने इस पर प्रश्न पूछा था। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने 31 दिसंबर 2025 को निर्माण कार्य पूरा होने की बात कही थी। इसके बाद नए साल में इसके उद्घाटन की उम्मीद लगाई जा रही थी। अब जनवरी महीने के भी 25 दिन पूरे हो गए हैं। अब तक निर्माण कार्य चल रहा है।
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जच्चा और बच्चा के साथ परिजनों को भी परेशानी
जिला नागरिक अस्पताल में 42, 43 और 44 कमरे में महिला रोग विशेषज्ञ गायनी कक्ष हैं जहां महिलाओं की जांच की जाती है। गायनी कक्ष के बाहर पिलर होने से महिलाओं को बैठने की तो दूर अच्छे से खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पाती है। भीड़ होने पर महिलाओं को पिलर के आसपास खड़े होना पड़ता है। वहां पर बैठने के लिए बैंच तक की सुविधा नहीं हैं और अस्पताल में ओपीडी कक्ष ब्लॉक-एक में है, ब्लॉक-एक में ही कक्ष 10 और 14 में बाल रोग विशेषज्ञ बैठते हैं जो बच्चों की ओपीडी देखते हैं, जांच के बाद बच्चों को उनकी बीमारी अनुसार पुनर्वास केंद्र या एसएनसीयू वार्ड में भेजा जाता है। पुनर्वास केंद्र ब्लॉक-दो की तीसरी मंजिल और एसएनसीयू वार्ड ब्लॉक-दो की चौथी मंजिल पर है। तीमारदारों को ओपीडी के बाद ब्लॉक-दो की तीसरी और चौथी मंजिल तक के चक्कर काटने पड़ते हैं। जिला नागरिक अस्पताल में महिलाओं और बच्चों के लिए के लिए तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नई विंग शुरू होने से मातृ-शिशु इलाज के लिए मरीजों को सुविधा मिल सकेगी और उनकी परेशानी कम हो सकेंगी।
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एमसीएच विंग पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जा रही है। विंग का काम लगभग हो चुका है। लिफ्ट और फॉल्स सिलिंग का काम थोड़ा बहुत रहता है। पीडब्ल्यूडी ने 31 जनवरी तक काम पूरा करने की बात कही है। विभाग इसे जल्द ही शुरू करने की तैयारी में है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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