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Panipat News: अवैध कॉलोनी में कई साल से चल रहा था नकली शराब बनाने का धंधा
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पानीपत। नकली शराब बनाने वाले तस्करों ने समालखा की सीताराम कॉलोनी को सोच समझकर चुना था। यह शहर से बाहर अवैध कॉलोनी में है। इसमें आने जाने के लिए सभी गलियां व सड़कें नहीं बनी हैं। मकान भी इक्का दुक्का ही हैं। यह नकली शराब तस्कर रात के अंधेरे में शराब बनाते थे। दिन में बोतलों पर लेबलिंग व सीलिंग ही होती थी। रात के वक्त ही सभी आरोपी यहां आते थे। एक दिन में तस्कर 15 पेटी शराब की तैयार करते थे। एक सप्ताह में यहां से शराब का कैंटर लोड होकर दिल्ली जाता था। इनका फोकस दिल्ली की बाहरी कॉलोनियों में झुग्गी झोपड़ियों के पास स्थित शराब के ठेके व एल वन पर होता था, ताकि शराब की खपत आसपास ही हो सके और नकली शराब पकड़ में न आए। एक शराब की बोतल पर 50 प्रतिशत से अधिक का मुनाफा है।
बताया जा रहा है इस धंधे के सरगना दिल्ली के बड़े शराब कारोबारी हैं। वह इस धंधे में सालों से हैं। अब उन्होंने दिल्ली के चुनाव को देखते हुए डेढ़ माह पहले ही समालखा की सीताराम कॉलोनी में यह काम शुरू किया था। नकली शराब बनाने के लिए गोदाम ढूंढने की जिम्मेदारी पट्टीकल्याणा गांव के विकास को दी गई थी क्योंकि उसको समालखा के आसपास के क्षेत्र का पता है। सीताराम कॉलोनी में लोगों का कम आना जाना होता था। इसलिए गोदाम के तौर पर एक मकान को किराये पर लिया गया था। यहां से डेढ़ माह में नकली शराब की 10 गाड़ियां दिल्ली भेजी जा चुकी है। अब पुलिस आरोपी विकास से फरार सरगना व इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपी विकास को सरगना ने मुख्य काम बोतलों पर लेवलिंग व सीलिंग करने का दिया था। शराब बनाने वाले, कैमिकल सप्लाई करने वाले, शराब की खाली बोतल व लेवल उपलब्ध कराने वाले, शराब को यहां से कैंटर में ले जाने वाले व शराब ठेकेदारों से डील करने वाले अलग अलग आरोपी हैं। अब इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस दिल्ली, उत्तर प्रदेश व राजस्थान में दबिश दे रही है। लगभग इससे पहले ही पानीपत में नकली शराब बनाने के पांच बड़े मामलों का भंडाफोड़ किया जा चुका है।
वर्जन-
सीआईए टू प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि इन आरोपियों का मुख्य टारगेट दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी के पास शराब के ठेके रहा है। दिल्ली में शराब का अवैध कारोबार बहुत ज्यादा है। अब इस मामले के मुख्य सरगना तक पहुंचने का प्रयास है। इस कारोबार से जुड़ी हर कड़ी के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।
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बताया जा रहा है इस धंधे के सरगना दिल्ली के बड़े शराब कारोबारी हैं। वह इस धंधे में सालों से हैं। अब उन्होंने दिल्ली के चुनाव को देखते हुए डेढ़ माह पहले ही समालखा की सीताराम कॉलोनी में यह काम शुरू किया था। नकली शराब बनाने के लिए गोदाम ढूंढने की जिम्मेदारी पट्टीकल्याणा गांव के विकास को दी गई थी क्योंकि उसको समालखा के आसपास के क्षेत्र का पता है। सीताराम कॉलोनी में लोगों का कम आना जाना होता था। इसलिए गोदाम के तौर पर एक मकान को किराये पर लिया गया था। यहां से डेढ़ माह में नकली शराब की 10 गाड़ियां दिल्ली भेजी जा चुकी है। अब पुलिस आरोपी विकास से फरार सरगना व इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपी विकास को सरगना ने मुख्य काम बोतलों पर लेवलिंग व सीलिंग करने का दिया था। शराब बनाने वाले, कैमिकल सप्लाई करने वाले, शराब की खाली बोतल व लेवल उपलब्ध कराने वाले, शराब को यहां से कैंटर में ले जाने वाले व शराब ठेकेदारों से डील करने वाले अलग अलग आरोपी हैं। अब इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस दिल्ली, उत्तर प्रदेश व राजस्थान में दबिश दे रही है। लगभग इससे पहले ही पानीपत में नकली शराब बनाने के पांच बड़े मामलों का भंडाफोड़ किया जा चुका है।
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सीआईए टू प्रभारी फूल कुमार ने बताया कि इन आरोपियों का मुख्य टारगेट दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी के पास शराब के ठेके रहा है। दिल्ली में शराब का अवैध कारोबार बहुत ज्यादा है। अब इस मामले के मुख्य सरगना तक पहुंचने का प्रयास है। इस कारोबार से जुड़ी हर कड़ी के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।
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