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लापरवाही: मोर्चरी में 18 दिन तक सड़ता रहा कोरोना संक्रमित शव, मृतक की पत्नी कह दिया कि कर दिया अंतिम संस्कार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 May 2021 02:22 AM IST
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The body of the corona infected remained for 18 days
कोरोना संक्रमित शव के अंतिम संस्कार में बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस कारण 18 दिन तक शव पोस्टमार्टम हाउस में सड़ता रहा, जब दुर्गंध से लोग परेशान हो उठे तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। जेब में मिले मोबाइल से परिजनों को जानकारी दी गई। फिर सोमवार को शिवपुरी श्मशान में कोविड गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया, जबकि इससे पहले एक मई को पति की मौत की सूचना पर बिहार से पहुंची पत्नी को यह कहकर लौटा दिया गया था कि उसका अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन के तहत कर दिया गया है। सिविल अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों की इस लापरवाही पर पीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
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अंतिम संस्कार के लिए पानीपत आई बिहार की रहने वाली प्रतिमा ने बताया कि उसके 35 वर्षीय पति हीरालाल पानीपत की वधावाराम कॉलोनी में किराए पर रहते थे। वह सेक्टर-29 में एक फैक्टरी में श्रमिक थे। 28 अप्रैल को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उनको सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। 29 अप्रैल को पति हीरालाल की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। उनके पास इसकी सूचना आई तो वह एक मई की सुबह सिविल अस्पताल में पहुंचीं। वे इमरजेंसी में गईं तो वहां पर मौजूद स्टाफ ने बताया कि उनके पति का शिवपुरी श्मशान में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। ये सुनने के बाद वे बिहार चली गईं। इसके बाद अब बीते शनिवार को अस्पताल से कॉल आई कि उसके पति का शव मोर्चरी में ही रखा हुआ है। अंतिम बार दर्शन कर लो और अपनी आंखों के सामने संस्कार होते हुए देख लो। इस पर वह दोबारा पानीपत आई है। पत्नी ने कहा कि पति का शव गल सड़ चुका था। उसका कहना है कि पति के शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है, जिन लोगों ने उनको झूठ बोला उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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पैंट से मोबाइल मिला, तब हमने परिजनों को बताया : गुलाटी
जनसेवा दल के चमन गुलाटी का कहना है कि हम शव गृह से शव निकाल रहे थे। तभी फ्रीजर में एक पुरानी बॉडी दिखाई दी। बॉडी से काफी बदबू आ रही थी। उन्होंने इस बारे में डॉक्टर को बताया और बॉडी की जांच की। मृतक की पैंट से मोबाइल फोन मिला। इसके बाद उसके परिजनों से संपर्क किया गया। उसकी पत्नी का कहना है कि वह एक मई को यहां आई थीं। उसको बताया गया कि उसके पति के शव का अंतिम संस्कार हो चुका है।
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मामले की जांच होगी: डॉ. ग्रोवर
मामले की जांच की जाएगी। 29 अप्रैल को किसकी ड्यूटी थी। मृतक की पत्नी किससे आकर मिली थी, किसने झूठ बोला परिजनों को, जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल
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