{"_id":"63c1c598dc4b673f77652931","slug":"the-ambulance-carrying-the-dead-body-broke-down-the-pain-of-the-family-members-facing-the-mountain-of-sorrow-increased-panipat-news-knl1333024103-2023-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: शव लेकर पश्चिम बंगाल जा रही एंबुलेंस की बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर फटी पेट्रोल पाइप, तीन घंटे तक झेलनी पड़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: शव लेकर पश्चिम बंगाल जा रही एंबुलेंस की बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर फटी पेट्रोल पाइप, तीन घंटे तक झेलनी पड़ी परेशानी
विज्ञापन
पानीपत। वधावाराम कॉलोनी में रसोई गैस लीक से लगी आग में जलकर एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत के बाद शवों को लेकर पश्चिम बंगाल जा रही एंबुलेंस लखनऊ-बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर अचानक खराब हो गई। एंबुलेंस चालक ने चेक किया तो पेट्रोल की पाइप फटी मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने एंबुलेंस को क्रेन के साथ टोचन कर करीब 25 किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप तक पहुंचाया। इसके बाद मैकेनिक को बुलाकर एंबुलेंस को ठीक कराया गया। तीन घंटे तक परेशानी झेलने के बाद रिश्तेदार शव लेकर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए। घटना ने दुखों का पहाड़ झेल रहे परिजनों के गम को और बढ़ा दिया। अब उनके शनिवार की सुबह तक पहुंचने की उम्मीद है।
तहसील कैंप थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए थे। अब्दुल, अफरोजा, रेशमा, इशरत, अब्दुश और अफान के शव को लेकर भाई रहीम सहित चार रिश्तेदार पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए थे, जहां पर उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। एंबुलेंस में सवार रहीम और चालक वीरेंद्र ने बताया कि शवों को लेकर एंबुलेंस तेज गति से पैतृक गांव की ओर बढ़ रही थी। तभी वीरवार की रात को करीब 12:55 बजे जब वह बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे तो वहां अचानक चलती हुई एंबुलेंस झटका लेकर बंद हो गई। सड़क से एंबुलेंस को किसी तरह धक्का लगाकर सड़क किनारे किया। इसके बाद उसने एंबुलेंस का बोनेट खोलकर चेक किया तो पेट्रोल वाली पाइप फटी पाई गई। उन्होंने बीच सड़क पर करीब डेढ़ घंटा लगाकर एंबुलेंस स्टेपनी में रखी और दूसरी पेट्रोल पाइप निकालकर लगाई, लेकिन इसके बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद मांगी। मौके पर स्थानीय पुलिस पहुंची। पुलिस ने मौके पर क्रेन को बुलाया, जिसकी सहायता से एंबुलेंस को टोचन कर वहां से करीब 25 किलोमीटर दूर एक पेट्रोल पंप पर ले जाया गया। उस वक्त रात के तीन बज रहे थे। इस दौरान कड़ाके की ठंड में चालक के साथ ही परिजनों की भी सांसें थमी रही।
चालक ने बताया कि पेट्रोल मीटर के अनुसार एंबुलेंस में पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में दिख रहा था, लेकिन फिर भी एंबुलेंस चालू नहीं हो रही थी, जिसके बाद पुलिस ने वहां पर एक मैकेनिक बुलाया और एंबुलेंस में और पेट्रोल भरवाया। मैकेनिक ने एंबुलेंस को फिर से स्टार्ट करने का प्रयास किया। दो बार कोशिश करने पर एंबुलेंस स्टार्ट हो गई। अलसुबह करीब 4 बजे वे वहां से रवाना हुए।
विज्ञापन
चालक ने बताया कि उनकी एंबुलेंस को टोचन कर 25 किलोमीटर दूर तक एंबुलेंस ले जाने वाले क्रेन चालक ने मानवता दिखाते हुए कोई चार्ज नहीं लिया। जब उसे हादसे का पता चला तो उसने संदेननाएं व्यक्त करते हुए किराया लेने से इंकार कर दिया, जबकि ऑटो मैकेनिक ने 1500 रुपये मांगे, परिवार की अपील पर उसने एक हजार रुपये लिए और चला गया।
वधावाराम कॉलोनी निवासियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को अब्दुल के कमरे में लगी आग को उन्होंने पानी से बुझाने का प्रयास किया था, लेकिन आग धधकती जा रही थी, जिसके बाद वह दौड़कर एक फैक्टरी से दो फायर सेफ्टी सिलिंडर लाए और उनका प्रयोग किया तो आग काबू आ गई। उनकी मांग है कि प्रशासन की तरफ से हर खंभे पर फायर सेफ्टी सिलिंडर लगाया जाए, ताकि भविष्य में आग लगने पर उनके इस्तेमाल से आग पर जल्द काबू पाया जा सके।
जो हादसा बृहस्पतिवार को हुआ है, उसमें देखा गया है कि सिलिंडर से गैस चूल्हे पर जा रही पाइप कम गुणवत्ता की थी। ऐसे में वह हादसे की वजह हो सकती है। जानकारों के अनुसार हमें हमेशा थ्री लेयर पाइप का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि हादसों से बचा जा सके।
- कुलप्रीत सिंह, जोनल फील्ड ऑफिसर, इंडेन गैस
विज्ञापन
तहसील कैंप थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए थे। अब्दुल, अफरोजा, रेशमा, इशरत, अब्दुश और अफान के शव को लेकर भाई रहीम सहित चार रिश्तेदार पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए थे, जहां पर उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। एंबुलेंस में सवार रहीम और चालक वीरेंद्र ने बताया कि शवों को लेकर एंबुलेंस तेज गति से पैतृक गांव की ओर बढ़ रही थी। तभी वीरवार की रात को करीब 12:55 बजे जब वह बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे तो वहां अचानक चलती हुई एंबुलेंस झटका लेकर बंद हो गई। सड़क से एंबुलेंस को किसी तरह धक्का लगाकर सड़क किनारे किया। इसके बाद उसने एंबुलेंस का बोनेट खोलकर चेक किया तो पेट्रोल वाली पाइप फटी पाई गई। उन्होंने बीच सड़क पर करीब डेढ़ घंटा लगाकर एंबुलेंस स्टेपनी में रखी और दूसरी पेट्रोल पाइप निकालकर लगाई, लेकिन इसके बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद मांगी। मौके पर स्थानीय पुलिस पहुंची। पुलिस ने मौके पर क्रेन को बुलाया, जिसकी सहायता से एंबुलेंस को टोचन कर वहां से करीब 25 किलोमीटर दूर एक पेट्रोल पंप पर ले जाया गया। उस वक्त रात के तीन बज रहे थे। इस दौरान कड़ाके की ठंड में चालक के साथ ही परिजनों की भी सांसें थमी रही।
विज्ञापन
चालक ने बताया कि पेट्रोल मीटर के अनुसार एंबुलेंस में पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में दिख रहा था, लेकिन फिर भी एंबुलेंस चालू नहीं हो रही थी, जिसके बाद पुलिस ने वहां पर एक मैकेनिक बुलाया और एंबुलेंस में और पेट्रोल भरवाया। मैकेनिक ने एंबुलेंस को फिर से स्टार्ट करने का प्रयास किया। दो बार कोशिश करने पर एंबुलेंस स्टार्ट हो गई। अलसुबह करीब 4 बजे वे वहां से रवाना हुए।
विज्ञापन
चालक ने बताया कि उनकी एंबुलेंस को टोचन कर 25 किलोमीटर दूर तक एंबुलेंस ले जाने वाले क्रेन चालक ने मानवता दिखाते हुए कोई चार्ज नहीं लिया। जब उसे हादसे का पता चला तो उसने संदेननाएं व्यक्त करते हुए किराया लेने से इंकार कर दिया, जबकि ऑटो मैकेनिक ने 1500 रुपये मांगे, परिवार की अपील पर उसने एक हजार रुपये लिए और चला गया।
वधावाराम कॉलोनी निवासियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को अब्दुल के कमरे में लगी आग को उन्होंने पानी से बुझाने का प्रयास किया था, लेकिन आग धधकती जा रही थी, जिसके बाद वह दौड़कर एक फैक्टरी से दो फायर सेफ्टी सिलिंडर लाए और उनका प्रयोग किया तो आग काबू आ गई। उनकी मांग है कि प्रशासन की तरफ से हर खंभे पर फायर सेफ्टी सिलिंडर लगाया जाए, ताकि भविष्य में आग लगने पर उनके इस्तेमाल से आग पर जल्द काबू पाया जा सके।
जो हादसा बृहस्पतिवार को हुआ है, उसमें देखा गया है कि सिलिंडर से गैस चूल्हे पर जा रही पाइप कम गुणवत्ता की थी। ऐसे में वह हादसे की वजह हो सकती है। जानकारों के अनुसार हमें हमेशा थ्री लेयर पाइप का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि हादसों से बचा जा सके।
- कुलप्रीत सिंह, जोनल फील्ड ऑफिसर, इंडेन गैस