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बेसहारा गोवंशों को उठाने वाली मैनपावर का निगम ने खोला टेंडर, अब जल्द होगा काम शुरू
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पानीपत। नगर निगम ने मंगलवार को शहर से बेसहारा पशुओं को उठाने वाली मैनपावर का टेंडर खोल दिया। इसकी तकनीकी बिड में चार एजेंसियां मिली हैं। बुधवार को इसकी फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि टेंडर में 600 से 800 रुपये तक प्रति पशु उठाने का रेट होगा। इसमें एजेंसी अपने कर्मचारी लगाकर पशुओं को उठाएगी, जबकि पशु उठाने वाली दो गाड़ियां निगम की ओर से दी जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि फाइनेंशियल बिड खोलने के तुरंत बाद वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद कुछ ही दिन में पशुओं को उठाने का काम भी किया जाएगा। इसके अलावा वर्क ऑर्डर में स्पष्ट होगा कि एजेंसी को चार माह के भीतर पशुओं को गौशाला और नंदीशाला में भेजा जाएगा। इसमें चाहे एजेंसी एक माह में काम पूरा करे या चार माह में, लेकिन कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द शहर की समस्या का समाधान किया जाए।
अधिकारियों ने एक अनुमानित आंकड़े के हिसाब से बताया कि शहर में घूमने वाले बेसहारा पशुओं की संख्या तीन हजार से भी ज्यादा हो सकती है। अगर एजेंसी रोजाना 50 पशु भी उठाती है तो यह काम दो माह में पूरा हो सकता है। अगर एजेंसी की ओर से 100 पशु उठाने का काम किया गया तो महज एक माह में समस्या का समाधान हो जाएगा।
दूसरी ओर अब देखना यह है कि निगम की तकनीकी विंग के अधिकारी गोशाला में भरत करवाने और इसकी चहारदीवारी समेत शेड बनवाने का काम कितने दिन में पूरा कर पाते हैं। अगर समय सीमा के अंदर यह काम पूरा कर दिया जाएगा तो एजेंसी को भी बेसहारा गोवंश उठाने में समस्या नहीं होगी। दूसरी ओर नंदीशाला और गोशाला भी इन पशुओं को लेने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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आज जारी करेंगे वर्क ऑर्डर : निगम
बेसहारा पशुओं को पकड़ने वाले टेंडर की तकनीकी बिड खोल दी गई है। इसमें चार एजेंसियां आई हैं। बुधवार को फाइनेंशियल बिड खोल दी जाएगी। इसके तुंरत बाद वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा, जिसके बाद चार माह के भीतर शहर से बेसहारा गोवंश उठवा दिए जाएंगे।
- जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।
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अधिकारियों ने एक अनुमानित आंकड़े के हिसाब से बताया कि शहर में घूमने वाले बेसहारा पशुओं की संख्या तीन हजार से भी ज्यादा हो सकती है। अगर एजेंसी रोजाना 50 पशु भी उठाती है तो यह काम दो माह में पूरा हो सकता है। अगर एजेंसी की ओर से 100 पशु उठाने का काम किया गया तो महज एक माह में समस्या का समाधान हो जाएगा।
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दूसरी ओर अब देखना यह है कि निगम की तकनीकी विंग के अधिकारी गोशाला में भरत करवाने और इसकी चहारदीवारी समेत शेड बनवाने का काम कितने दिन में पूरा कर पाते हैं। अगर समय सीमा के अंदर यह काम पूरा कर दिया जाएगा तो एजेंसी को भी बेसहारा गोवंश उठाने में समस्या नहीं होगी। दूसरी ओर नंदीशाला और गोशाला भी इन पशुओं को लेने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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आज जारी करेंगे वर्क ऑर्डर : निगम
बेसहारा पशुओं को पकड़ने वाले टेंडर की तकनीकी बिड खोल दी गई है। इसमें चार एजेंसियां आई हैं। बुधवार को फाइनेंशियल बिड खोल दी जाएगी। इसके तुंरत बाद वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा, जिसके बाद चार माह के भीतर शहर से बेसहारा गोवंश उठवा दिए जाएंगे।
- जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।