{"_id":"62ddae9a23b4ac03a6190303","slug":"teams-will-identify-drug-addicts-and-smugglers-panipat-news-knl115699586","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशे के आदियों व नशा तस्करों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों का गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नशे के आदियों व नशा तस्करों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों का गठन
विज्ञापन
पानीपत। ड्रग्स कंट्रोल करने के लिए मास्टर प्लान पर काम चल रहा है। नशा मुक्ति अभियान की राज्य कार्ययोजना (एक्शन प्लान) के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी टीमों का गठन कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी टीम में हर गांव में एक एएनएम, आशा वर्कर, निवर्तमान सरपंच, पूूर्व सरपंच या नंबरदार को शामिल किया गया है। ये टीमें गांव में नशा करने वाले युवाओं पर नजर रखेगी। टीम गांव के लोगों से तालमेल बनाकर उन लोगों की जानकारी भी जुटाएगी, जो नशीले पदार्थ बेचते हैं। स्वास्थ्य विभाग सोमवार को अपनी टीम का नाम प्रदेश स्तर पर बनी अतिरिक्त मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग के निदेशक, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं की संयुक्त टीम को भेज देगी।
जिला स्तर पर इस कमेटी का नेतृत्व डीसी सुशील सारवान कर रहे हैं। सभी विभागों की टीमें लगभग फाइनल हो चुकी हैं। शिक्षा विभाग ने हर गांव में एक अध्यापक की ड्यूटी लगाई है। अध्यापक गांव के मौजिज लोगों की मदद से नशेड़ियों की लिस्ट तैयार करेंगे। यह लिस्ट प्रयास एप पर अपलोड की जाएगी। इसके बाद नशे के आदी लोगों की काउंसिलिंग की जाएगी। इसके साथ ही नशा तस्करों की धरपकड़ की जाएगी। जिला स्तर पर तीन सदस्यीय टीम काम करेगी। डीसी, एसपी और सिविल सर्जन समय-समय पर मीटिंग कर जमीनी स्तर पर बनी टीमों को निर्देश देंगे। सब डिवीजन स्तर पर बनी टीम नशे के आदी लोगों का इलाज करेगी। इसमें एक एसएमओ और एसडीएम शामिल होंगे।
शिक्षा विभाग की टीम हर विद्यार्थी पर नजर रखेगी। विद्यार्थियों के व्यवहार पर भी नजर रखी जाएगी। अगर किसी विद्यार्थी के व्यवहार में बदलाव हुआ है या उसका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है तो उसकी स्वास्थ्य विभाग से काउंसिलिंग कराई जाएगी।
विज्ञापन
यह होगा टीमों का काम
गांव स्तर की टीम ऐसे लोगों के नाम-पता प्रयास एप पर अपलोड करेंगी, जो किसी न किसी प्रकार का नशा करते हैं। नशा करने वालों को पास की पीएचसी में इलाज और काउंसिलिंग के लिए प्रेरित किया जाएगा। गांव में अवैध रूप से नशे की सामग्री बेचने वालों का नाम-पता भी इसी एप पर अपलोड किया जाएगा।
नशे के आदी की काउंसिलिंग, तस्करों पर कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने अपनी टीमों का गठन कर लिया है। हर गांव में एक एएनएम, आशा वर्कर व गांव के एक मौजिज व्यक्ति को इसमें जोड़ा है। यह टीम नशे के आदी लोगों को चिह्नित कर प्रयास एप पर उसकी जानकारी लोड करेगी। इसके बाद नशे के आदी लोगों की काउंसिलिंग होगी। नशा तस्करों पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
- डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन
विज्ञापन
जिला स्तर पर इस कमेटी का नेतृत्व डीसी सुशील सारवान कर रहे हैं। सभी विभागों की टीमें लगभग फाइनल हो चुकी हैं। शिक्षा विभाग ने हर गांव में एक अध्यापक की ड्यूटी लगाई है। अध्यापक गांव के मौजिज लोगों की मदद से नशेड़ियों की लिस्ट तैयार करेंगे। यह लिस्ट प्रयास एप पर अपलोड की जाएगी। इसके बाद नशे के आदी लोगों की काउंसिलिंग की जाएगी। इसके साथ ही नशा तस्करों की धरपकड़ की जाएगी। जिला स्तर पर तीन सदस्यीय टीम काम करेगी। डीसी, एसपी और सिविल सर्जन समय-समय पर मीटिंग कर जमीनी स्तर पर बनी टीमों को निर्देश देंगे। सब डिवीजन स्तर पर बनी टीम नशे के आदी लोगों का इलाज करेगी। इसमें एक एसएमओ और एसडीएम शामिल होंगे।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग की टीम हर विद्यार्थी पर नजर रखेगी। विद्यार्थियों के व्यवहार पर भी नजर रखी जाएगी। अगर किसी विद्यार्थी के व्यवहार में बदलाव हुआ है या उसका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है तो उसकी स्वास्थ्य विभाग से काउंसिलिंग कराई जाएगी।
विज्ञापन
यह होगा टीमों का काम
गांव स्तर की टीम ऐसे लोगों के नाम-पता प्रयास एप पर अपलोड करेंगी, जो किसी न किसी प्रकार का नशा करते हैं। नशा करने वालों को पास की पीएचसी में इलाज और काउंसिलिंग के लिए प्रेरित किया जाएगा। गांव में अवैध रूप से नशे की सामग्री बेचने वालों का नाम-पता भी इसी एप पर अपलोड किया जाएगा।
नशे के आदी की काउंसिलिंग, तस्करों पर कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने अपनी टीमों का गठन कर लिया है। हर गांव में एक एएनएम, आशा वर्कर व गांव के एक मौजिज व्यक्ति को इसमें जोड़ा है। यह टीम नशे के आदी लोगों को चिह्नित कर प्रयास एप पर उसकी जानकारी लोड करेगी। इसके बाद नशे के आदी लोगों की काउंसिलिंग होगी। नशा तस्करों पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
- डॉ. ललित वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन