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Panipat News: बढ़ रहे टीबी मरीज, हर माह मिल रहे 528 रोगी
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पानीपत। इस साल टीबी के रोगी पिछले साल की अपेक्षा 40 प्रतिशत अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं। 2023 में टीबी के 4475 रोगी मिले थे। इस साल एक जनवरी से 30 जून तक टीबी के 3171 रोगी मिल चुके हैं। इस साल प्रति माह औसतन टीबी के 528 रोगी मिल रहे हैं। पिछले साल प्रति माह टीबी के रोगियों की मिलने की औसत 372 थी, यानि इस वर्ष टीबी के रोगियों की मिलने की रफ्तार पिछले वर्ष की अपेक्षा 40 प्रतिशत अधिक है।
टीबी के रोगियों की मौत के आंकड़े में कमी लाने में स्वास्थ्य विभाग काफी हद तक कामयाब हुआ है। पिछले साल हर माह टीबी से नौ लोगों की मौत हो रही थी। इस वर्ष प्रति माह चार लोगों की टीबी से मौत हो रही है। इन छह माह में टीबी से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। यह पिछले साल के मुताबिक 50 प्रतिशत कम है। पिछले साल टीबी से 112 लोगों की मौत हो गई थी। जिले में मौजूदा समय में लगभग पांच हजार लोग टीबी ग्रस्त हैं। इनमें से अधिकतर औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक हैं। पिछले छह साल में टीबी से जिले में 720 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 21 गांवों को टीबी मुक्त घोषित भी किया है।
बॉक्स
पॉजिटिव रोगी तलाशने पर निर्धारित भत्ता
500 रुपये मासिक पोषण भत्ता मरीज को।
500 भत्ता, पॉजिटिव मरीज को तलाशने पर।
500 रुपये निजी अस्पताल को निश्चय पोर्टल पर डिटेल देने पर।
1500 रुपये ट्रीटमेंट सपोर्ट को।
- पांच हजार रुपये एमडीआर मरीज को दवा खिलाने पर।
बॉक्स
जिले में इलाज की व्यवस्था
- 01 जिला क्षय केंद्र
- 06 टीबी यूनिट (जांच व दवा)
- 12 माइक्रोस्कोपिक केंद्र (जांच केंद्र)
- 175 गांवों में ट्रीटमेंट सुपरवाइजर
वर्जन-
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। पिछले तीन साल में जिले में लगभग पांच लाख लोगों की टीबी जांच हुई है। टीबी के रोगी तलाशने पर कर्मचारियों को भत्ता भी दिया जाता है। टीबी रोगियों से अपील है कि वह इलाज बीच में न छोड़े। जिन लोगों को नियमित खांसी है। जिनका वजन गिर रहा हो और अधिक पसीना आ रहा हो, वह अपनी टीबी जांच अवश्य करवाएं। संपन्न लोगों से अपील है कि वह टीबी रोगियों को गोद लेने के लिए आगे आएं।
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टीबी के रोगियों की मौत के आंकड़े में कमी लाने में स्वास्थ्य विभाग काफी हद तक कामयाब हुआ है। पिछले साल हर माह टीबी से नौ लोगों की मौत हो रही थी। इस वर्ष प्रति माह चार लोगों की टीबी से मौत हो रही है। इन छह माह में टीबी से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। यह पिछले साल के मुताबिक 50 प्रतिशत कम है। पिछले साल टीबी से 112 लोगों की मौत हो गई थी। जिले में मौजूदा समय में लगभग पांच हजार लोग टीबी ग्रस्त हैं। इनमें से अधिकतर औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक हैं। पिछले छह साल में टीबी से जिले में 720 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 21 गांवों को टीबी मुक्त घोषित भी किया है।
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पॉजिटिव रोगी तलाशने पर निर्धारित भत्ता
500 रुपये मासिक पोषण भत्ता मरीज को।
500 भत्ता, पॉजिटिव मरीज को तलाशने पर।
500 रुपये निजी अस्पताल को निश्चय पोर्टल पर डिटेल देने पर।
1500 रुपये ट्रीटमेंट सपोर्ट को।
- पांच हजार रुपये एमडीआर मरीज को दवा खिलाने पर।
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जिले में इलाज की व्यवस्था
- 01 जिला क्षय केंद्र
- 06 टीबी यूनिट (जांच व दवा)
- 12 माइक्रोस्कोपिक केंद्र (जांच केंद्र)
- 175 गांवों में ट्रीटमेंट सुपरवाइजर
वर्जन-
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। पिछले तीन साल में जिले में लगभग पांच लाख लोगों की टीबी जांच हुई है। टीबी के रोगी तलाशने पर कर्मचारियों को भत्ता भी दिया जाता है। टीबी रोगियों से अपील है कि वह इलाज बीच में न छोड़े। जिन लोगों को नियमित खांसी है। जिनका वजन गिर रहा हो और अधिक पसीना आ रहा हो, वह अपनी टीबी जांच अवश्य करवाएं। संपन्न लोगों से अपील है कि वह टीबी रोगियों को गोद लेने के लिए आगे आएं।
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