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Panipat News: तरुण टूर्ण ने बॉस्केटबॉल में जीता स्वर्ण
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बास्केटबाल स्कूल नेशनल में स्वर्ण पदक विजेता तरुण टूर्ण को शुभकामनाएं देते उपायुक्त डॉ. वीरेंद्
पानीपत। बॉस्केटबाॅल स्कूल नेशनल (17 आयु वर्ग) में स्वर्ण पदक विजेता तरुण टूर्ण ने बुधवार को जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया से शिष्टाचार मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उपायुक्त ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की और शुभकामनाएं दीं।
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि हरियाणा की धरती सदैव से खिलाड़ियों की भूमि रही है। यहां के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
उपायुक्त ने कहा कि सफलता संयोग से नहीं मिलती, बल्कि इसके पीछे वर्षों की कठोर साधना, अनुशासन, त्याग और निरंतर प्रयास होते हैं। दुनिया केवल परिणाम देखती है, लेकिन उस परिणाम के पीछे दिन-रात की मेहनत और संघर्ष होता है। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। खेल नीति के तहत प्रतिभावान खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, छात्रवृत्ति, उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं, आधुनिक खेल अधोसंरचना और सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दे रही है। खेलो इंडिया जैसी राष्ट्रीय पहल और राज्य स्तरीय खेल अकादमियों के माध्यम से ग्रामीण अंचल के प्रतिभाशाली युवाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
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तरुण ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह व शाम को चार-चार घंटे साई कोच पंकज पांडेय के पास नियमित अभ्यास करते हैं। तरुण ने बताया कि उनके पिता सुखबीर जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में चालक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि बेटे की सफलता के लिए उनका सहयोग और प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
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उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि हरियाणा की धरती सदैव से खिलाड़ियों की भूमि रही है। यहां के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
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उपायुक्त ने कहा कि सफलता संयोग से नहीं मिलती, बल्कि इसके पीछे वर्षों की कठोर साधना, अनुशासन, त्याग और निरंतर प्रयास होते हैं। दुनिया केवल परिणाम देखती है, लेकिन उस परिणाम के पीछे दिन-रात की मेहनत और संघर्ष होता है। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। खेल नीति के तहत प्रतिभावान खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, छात्रवृत्ति, उन्नत प्रशिक्षण सुविधाएं, आधुनिक खेल अधोसंरचना और सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दे रही है। खेलो इंडिया जैसी राष्ट्रीय पहल और राज्य स्तरीय खेल अकादमियों के माध्यम से ग्रामीण अंचल के प्रतिभाशाली युवाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
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तरुण ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह व शाम को चार-चार घंटे साई कोच पंकज पांडेय के पास नियमित अभ्यास करते हैं। तरुण ने बताया कि उनके पिता सुखबीर जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में चालक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि बेटे की सफलता के लिए उनका सहयोग और प्रयास निरंतर जारी रहेगा।