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Panipat News: पढ़ाई से वंचित छात्रों को छह माह तक मिलेगी मिड डे मील
Tue, 16 Sep 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 16 Sep 2025 12:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। पढ़ाई से वंचित बच्चों को भी छह माह तक मिड-डे-मील दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूल न आने वाले अर्थात आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में लेकर आना है। इसके अलावा उन्हें स्कूली बच्चों की तरह पोषण भी देना है। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से पत्र जारी कर ऐसे बच्चों को मिड-डे-मील देने के आदेश दिए हैं। वहीं, जिले में 853 से ज्यादा बच्चों को चयनित किया जा चुका है। जिले में बनाए गए 34 विशेष केंद्रों पर ये सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
इन केंद्रों पर चयनित आउट ऑफ स्कूल बच्चों को छह माह का ब्रिज कोर्स करवा कर पढ़ाई से वंचित बच्चों को मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से समग्र शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्कूल न आने वाले बच्चों को भी मिडे-डे-मील दिया जाएगा। यह वे बच्चे हैं, जो स्कूल नहीं जाते हैं अथवा दस्तावेजों व अन्य औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण इनका नाम पोर्टल पर नहीं चढ़ पाया है। इन बच्चों का सीधे तौर पर दाखिला नहीं हो पाया है।
वहीं, ऐसे बच्चे जिनका दाखिला हो गया और वे स्कूल नहीं आ पा रहे हैं। विभाग की ओर से इन्हें आउट ऑफ स्कूल बच्चे माना है। विभाग की ओर से इन बच्चों को छह महीने के लिए मिड-डे-मील दिया जाएगा। जिले में यह कार्यक्रम 18 अगस्त से 17 फरवरी तक चलाया जाएगा। वहीं, इन छह महीनों में बच्चों को शिक्षा का मूल महत्व व अक्षर ज्ञान भी दिया जाएगा, ताकि उन्हें आधारभूत अक्षर व शब्दों की जानकारी हो। इसके बाद इन बच्चों को स्कूल में दाखिला कर मुख्य धारा में लाया जाएगा।
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जिले में चलाए जाएंगे 34 केंद्र
आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए जिले में 34 केंद्र चलाए जा रहे हैं। यह सभी केंद्र क्षेत्र के ही स्कूल में चलाए जाएंगे। मील के लिए बच्चों को स्कूल में ले जाकर खाना खिलाया जाएगा। इसमें शिक्षा स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है। यह केंद्र छह महीने के लिए चलाए जाएंगे। इन केंद्रों से छह माह बच्चों को मिड-डे-मील दिया जाएगा। जिले में अब तक 863 बच्चों को चयनित किया जा चुका है। यह बच्चे स्लम बस्ती के हैं। जानकारी के अनुसार पिछले साल योजना के तहत 1300 से अधिक बच्चों को चयनित किया गया था इसमें से अधिकतर बच्चों को स्कूलों में दाखिला करवा दिया गया है।
73,000 बच्चों को मिल रहा भोजन
जिले में 243 प्राथमिक और 49 माध्यमिक विद्यालय हैं। इन्हीं में शिक्षा विभाग की ओर से बाल वाटिका भी चलाई जा रही है। इन विद्यालयों के 73 हजार से अधिक विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। जिले की बाल वाटिकाओं में करीब 3626 बच्चे हैं। वहीं, प्राथमिक पाठशाला में करीब 40,700 बच्चे पढ़ रहे हैं। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में छठी से आठवीं में करीब 29,120 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मिड-डे-मील उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए ऐसे बच्चों की तलाश की जा रही है। अभी तक 863 बच्चे चयनित किए हैं। चयनित बच्चों को छह माह का ब्रिज कोर्स करवा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत छह महीने बच्चों को मील दिया जाना है।
- कुलभूषण जैन, जिला परियोजना सह-समन्वयक
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पानीपत। पढ़ाई से वंचित बच्चों को भी छह माह तक मिड-डे-मील दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूल न आने वाले अर्थात आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में लेकर आना है। इसके अलावा उन्हें स्कूली बच्चों की तरह पोषण भी देना है। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से पत्र जारी कर ऐसे बच्चों को मिड-डे-मील देने के आदेश दिए हैं। वहीं, जिले में 853 से ज्यादा बच्चों को चयनित किया जा चुका है। जिले में बनाए गए 34 विशेष केंद्रों पर ये सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
इन केंद्रों पर चयनित आउट ऑफ स्कूल बच्चों को छह माह का ब्रिज कोर्स करवा कर पढ़ाई से वंचित बच्चों को मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से समग्र शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्कूल न आने वाले बच्चों को भी मिडे-डे-मील दिया जाएगा। यह वे बच्चे हैं, जो स्कूल नहीं जाते हैं अथवा दस्तावेजों व अन्य औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण इनका नाम पोर्टल पर नहीं चढ़ पाया है। इन बच्चों का सीधे तौर पर दाखिला नहीं हो पाया है।
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वहीं, ऐसे बच्चे जिनका दाखिला हो गया और वे स्कूल नहीं आ पा रहे हैं। विभाग की ओर से इन्हें आउट ऑफ स्कूल बच्चे माना है। विभाग की ओर से इन बच्चों को छह महीने के लिए मिड-डे-मील दिया जाएगा। जिले में यह कार्यक्रम 18 अगस्त से 17 फरवरी तक चलाया जाएगा। वहीं, इन छह महीनों में बच्चों को शिक्षा का मूल महत्व व अक्षर ज्ञान भी दिया जाएगा, ताकि उन्हें आधारभूत अक्षर व शब्दों की जानकारी हो। इसके बाद इन बच्चों को स्कूल में दाखिला कर मुख्य धारा में लाया जाएगा।
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जिले में चलाए जाएंगे 34 केंद्र
आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए जिले में 34 केंद्र चलाए जा रहे हैं। यह सभी केंद्र क्षेत्र के ही स्कूल में चलाए जाएंगे। मील के लिए बच्चों को स्कूल में ले जाकर खाना खिलाया जाएगा। इसमें शिक्षा स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है। यह केंद्र छह महीने के लिए चलाए जाएंगे। इन केंद्रों से छह माह बच्चों को मिड-डे-मील दिया जाएगा। जिले में अब तक 863 बच्चों को चयनित किया जा चुका है। यह बच्चे स्लम बस्ती के हैं। जानकारी के अनुसार पिछले साल योजना के तहत 1300 से अधिक बच्चों को चयनित किया गया था इसमें से अधिकतर बच्चों को स्कूलों में दाखिला करवा दिया गया है।
73,000 बच्चों को मिल रहा भोजन
जिले में 243 प्राथमिक और 49 माध्यमिक विद्यालय हैं। इन्हीं में शिक्षा विभाग की ओर से बाल वाटिका भी चलाई जा रही है। इन विद्यालयों के 73 हजार से अधिक विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। जिले की बाल वाटिकाओं में करीब 3626 बच्चे हैं। वहीं, प्राथमिक पाठशाला में करीब 40,700 बच्चे पढ़ रहे हैं। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में छठी से आठवीं में करीब 29,120 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मिड-डे-मील उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए ऐसे बच्चों की तलाश की जा रही है। अभी तक 863 बच्चे चयनित किए हैं। चयनित बच्चों को छह माह का ब्रिज कोर्स करवा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत छह महीने बच्चों को मील दिया जाना है।
- कुलभूषण जैन, जिला परियोजना सह-समन्वयक