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Panipat News: पांच दिन से बिना सोए तटबंध पर डटे, खाना भी भूल गए

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jul 2023 01:44 AM IST
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Stuck on the embankment without sleeping for five days, forgot to eat
पानीपत। बाढ़ की विभीषिका के बीच सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी आपदा के हीरो साबित हो रहे हैं। टूटे तटबंधों को ठीक कराने की खातिर यमुना किनारे डेरा डाल दिया है। विभाग की ओर से छुट्टियां रद्द किए जाने के बाद टेंट लगाकर बिना सोए और थके पांच दिन से लगातार काम कर रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं जेई प्रदीप कुमार जांगड़ा।
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नौ जुलाई से यमुना का जलस्तर एकाएक बढ़ने लगा था। पहाड़ों में बरसात रुक नहीं रही थी। हथिनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इसे लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। नौ जुलाई रात नौ बजे से पानीपत क्षेत्र में यमुना के पूरे तट की गश्त शुरू हो गई थी। इसी वक्त यहां जेई की ड्यूटी भी लगी। मंगलवार रात दो बजे नवादा आर गांव के पास तटबंध टूट गया। बुधवार सुबह नौ बजे तामशाबाद गांव के पास तटबंध टूट गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तुरंत तटबंध की मरम्मत करने व बांध बनाने का निर्देश दिया गया। एक्सईएन सुरेश सैनी ने नवादा आर गांव में जेई प्रदीप कुमार की ड्यूटी लगाई।
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जेई प्रदीप कुमार बताते हैं कि नौ जुलाई को वह नवादा आर की साइट पर पहुंच गए थे। जिन कपड़ों में ड्यूटी पर आए थे, दिन-रात उन्हीं कपड़ों में रहे। बांध बहुत ज्यादा टूट गया था। यमुना का जलस्तर कम हुआ तो उन्होंने 15 डंपरों व तीन जेसीबी से तटबंध पर मिट्टी डलवाने का काम शुरू किया। 20 मजदूरों को मिट्टी के कट्टे भरने में लगाया। पिछले चार दिन से वह बिना रुके, बिना थके काम कर रहे हैं। उनके साथ उनकी बेलदारों की पूरी टीम भी साइट पर मौजूद है। पूरे दिन में दो बार खाना खाते हैं। विभाग की ओर से सनौली से खाना भिजवाया जाता है। जो साथी कर्मचारी आसपास के गांवों के हैं, उन्होंने उन्हें कपड़े उपलब्ध कराए। पांच दिन से वह ठीक से सोए नहीं हैं। अगर झपकी आती है तो कहीं भी बैठकर झपकी ले लेते हैं। रात में टॉर्च लेकर गश्त करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि यमुना के किनारे सांप, बिच्छू और जहरीले कीटों का भी भय रहता है, लेकिन यह समय ऐसा है कि हमें सब भूलकर अपनी ड्यूटी करनी है। उम्मीद है कि वह शनिवार शाम तक दो तटबंधों को ठीक कर दिया जाएगा। 2013 में भी यमुना का तटबंध टूट गया था। उस वक्त भी उन्होंने 24 घंटे काम किया था।
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