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ठहरिए! जनाब आगे गड्ढा है, कहीं गिर न जाएं
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Tue, 27 Dec 2016 12:10 AM IST
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सीवर ढक्कन
- फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। धुंध पड़ना शुरू हो चुकी है और दृश्यता घटती जा रही है। ऐसे में शहर की सड़कों पर गड्ढे और हुडा में खुले मैनहोल कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। इसके बाद भी प्रशासन और विभागीय अधिकारी इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे। अधिकारियों की अनदेखी गाड़ी और दोपहिया सवारों के साथ पैदल लोगों के लिए भी खतरा साबित हो सकती हैं। रोडवेज बसों में रिफलेक्टर न लगने से सबसे ज्यादा खिलवाड़ इनके यात्रियों की जान के साथ हो रहा है।
धुंध फिर से शुरू हो गई है। प्रशासन और विभागों के इससे निपटने की तैयारी अधूरी है। अमर उजाला माई सिटी ने सोमवार को शहर के कई प्रमुख मार्गों और रोडवेज बसों को देखा। कहीं भी धुंध से निपटने की तैयारी दिखाई नहीं दी।
सड़कों में जगह-जगह गड्ढे
शहर में खासतौर पर लघु सचिवालय के सामने ही यू-टर्न पर गड्ढा हादसों को न्योता दे रहा है। इसके अलावा शहर की कई अन्य सड़कों पर भी तमाम गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। वीआईपी कहे जाने वाले हुडा सेक्टर में खुले मैनहोल कभी भी दुर्घटना का सबब बन सकते हैं। इन मैनहोल से गाड़ी सवार और दोपहिया ही नहीं पैदल जाने वालों को भी जान से हाथ धोना पड़ सकता है।
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ब्लाइंड कटों पर नहीं सुरक्षा के प्रबंध
जीटी रोड और शहर के अन्य मार्गों पर करीब एक दर्जन ब्लाइंड कट बने हुए हैं, लेकिन यहां पर धुंध से निपटने के किसी तरह के प्रबंध नहीं हैं। इससे लोगों को हर समय खतरा सताता रहता है। शहर के हिस्से में एलिवेटेड हाईवे के नीचे बने तीनों कटों को देखें तो यहां पर सिग्नल तक ठीक से काम नहीं कर रहे। जीटी रोड के बाकी हिस्से में जगह-जगह खुले कट भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। पानीपत-रोहतक हाईवे पर दिल्ली पैरलल नहर और डाहर गांव के अलावा इसराना, शाहपुर गांव में खुले कट भी हादसों को न्योता दे रहे हैं।
रोडवेज बसों पर रिफलेक्टर तक नहीं
धुंध में सबसे ज्यादा खतरा बसों के सफर में है। बड़ी संख्या में लोग बसों मेेें सफर करते हैं। लेकिन, प्राइवेट ही नहीं रोडवेज बसें तक बिना फॉग लाइट और रिफलेक्टर के चल रही हैं। ऐसे में चालक को रास्त स्पष्ट नजर नहीं आता। रिफलेक्टर नहीं होने के चलते बस के पीछे आ रहे वाहन चालक को बस साफ नहीं दिखती। ऐसे में हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
स्ट्रीट लाइट न होने पर शहर में दिक्कत
शहर में स्ट्रीट लाइट नहीं जल रहीं। इसके चलते शाम होते ही शहर की मुख्य सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। शहर के अंदर और बाहर की कॉलोनियों में भी लाइट के प्रबंध नहीं हैं। पैदल चलने वाले लोगों को भी स्ट्रीट लाइट न होने से परेशानी होती है। नगर निगम हर बार टेंडर जारी कर पीछे हट जाता है। इसके बाद ठेकेदार लाइटों को ठीक करने में अपनी मनमर्जी चलाता है।
सभी अधिकारियों को धुंध के दौरान पुख्ता प्रबंध करने के आदेश दिए हैं। सड़कों पर गड्ढे होना या बसों पर रिफलेक्टर न होना चिंता का विषय है। रोडवेज महाप्रबंधक से इस बारे में बात की जाएगी। बसों में फॉग लाइट और रिफलेक्टर लगवाए जाएंगे।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।
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पानीपत। धुंध पड़ना शुरू हो चुकी है और दृश्यता घटती जा रही है। ऐसे में शहर की सड़कों पर गड्ढे और हुडा में खुले मैनहोल कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। इसके बाद भी प्रशासन और विभागीय अधिकारी इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे। अधिकारियों की अनदेखी गाड़ी और दोपहिया सवारों के साथ पैदल लोगों के लिए भी खतरा साबित हो सकती हैं। रोडवेज बसों में रिफलेक्टर न लगने से सबसे ज्यादा खिलवाड़ इनके यात्रियों की जान के साथ हो रहा है।
धुंध फिर से शुरू हो गई है। प्रशासन और विभागों के इससे निपटने की तैयारी अधूरी है। अमर उजाला माई सिटी ने सोमवार को शहर के कई प्रमुख मार्गों और रोडवेज बसों को देखा। कहीं भी धुंध से निपटने की तैयारी दिखाई नहीं दी।
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सड़कों में जगह-जगह गड्ढे
शहर में खासतौर पर लघु सचिवालय के सामने ही यू-टर्न पर गड्ढा हादसों को न्योता दे रहा है। इसके अलावा शहर की कई अन्य सड़कों पर भी तमाम गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। वीआईपी कहे जाने वाले हुडा सेक्टर में खुले मैनहोल कभी भी दुर्घटना का सबब बन सकते हैं। इन मैनहोल से गाड़ी सवार और दोपहिया ही नहीं पैदल जाने वालों को भी जान से हाथ धोना पड़ सकता है।
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ब्लाइंड कटों पर नहीं सुरक्षा के प्रबंध
जीटी रोड और शहर के अन्य मार्गों पर करीब एक दर्जन ब्लाइंड कट बने हुए हैं, लेकिन यहां पर धुंध से निपटने के किसी तरह के प्रबंध नहीं हैं। इससे लोगों को हर समय खतरा सताता रहता है। शहर के हिस्से में एलिवेटेड हाईवे के नीचे बने तीनों कटों को देखें तो यहां पर सिग्नल तक ठीक से काम नहीं कर रहे। जीटी रोड के बाकी हिस्से में जगह-जगह खुले कट भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। पानीपत-रोहतक हाईवे पर दिल्ली पैरलल नहर और डाहर गांव के अलावा इसराना, शाहपुर गांव में खुले कट भी हादसों को न्योता दे रहे हैं।
रोडवेज बसों पर रिफलेक्टर तक नहीं
धुंध में सबसे ज्यादा खतरा बसों के सफर में है। बड़ी संख्या में लोग बसों मेेें सफर करते हैं। लेकिन, प्राइवेट ही नहीं रोडवेज बसें तक बिना फॉग लाइट और रिफलेक्टर के चल रही हैं। ऐसे में चालक को रास्त स्पष्ट नजर नहीं आता। रिफलेक्टर नहीं होने के चलते बस के पीछे आ रहे वाहन चालक को बस साफ नहीं दिखती। ऐसे में हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
स्ट्रीट लाइट न होने पर शहर में दिक्कत
शहर में स्ट्रीट लाइट नहीं जल रहीं। इसके चलते शाम होते ही शहर की मुख्य सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। शहर के अंदर और बाहर की कॉलोनियों में भी लाइट के प्रबंध नहीं हैं। पैदल चलने वाले लोगों को भी स्ट्रीट लाइट न होने से परेशानी होती है। नगर निगम हर बार टेंडर जारी कर पीछे हट जाता है। इसके बाद ठेकेदार लाइटों को ठीक करने में अपनी मनमर्जी चलाता है।
सभी अधिकारियों को धुंध के दौरान पुख्ता प्रबंध करने के आदेश दिए हैं। सड़कों पर गड्ढे होना या बसों पर रिफलेक्टर न होना चिंता का विषय है। रोडवेज महाप्रबंधक से इस बारे में बात की जाएगी। बसों में फॉग लाइट और रिफलेक्टर लगवाए जाएंगे।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।