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Panipat News: निदेशालय में अटका खेल नर्सरियों का प्रस्ताव
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पानीपत। खेल नर्सरियों का प्रस्ताव अब निदेशालय पर जाकर अटक गया है। ऐसे में खिलाड़ियों की चिंता बढ़ गई है। वे दो महीने से नर्सरी शुरू होने के इंतजार में हैं। ऐसे में कुछ खिलाड़ी और कोच अपने स्तर पर अभ्यास कर रहे हैं। हालांकि इस बार खेल नर्सरियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे जिले की खेल प्रतिभाओं को निखार मिलेगा।
जिला खेल विभाग के अंतर्गत करीब 25 सरकारी और 20 प्राइवेट खेल नर्सरी चल रही थी। प्राइवेट खेल नर्सरियों को एक फरवरी को दो महीने के लिए बंद कर दिया गया था। इनको एक अप्रैल से शुरू किया जाना था। इस बार जिले में खेल नर्सरियों के लिए 103 आवेदन आए थे। ग्रामीण यहां खेल नर्सरी खुलवाने को आगे आए थे। खेल विभाग ने इन सब मांगों को देखते हुए 44 नर्सरियों का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा था। निदेशालय स्तर पर के अधिकारी लोकसभा चुनाव में लगे होने और आचार संहिता के चलते भी इनका प्रस्ताव मंजूर नहीं किया जा सका। अब भी यह प्रस्ताव निदेशालय पर अटका हुआ है।
खिलाड़ियों की बढ़ी चिंता
प्राइवेट खेल नर्सरी में बिना मंजूरी के खिलाड़ियों को डाइट नहीं मिल सकती। यहां खिलाड़ियों को आयु वर्ग अनुसार हर रोज डाइट खर्च मिलता है। खिलाड़ी इसमें अपनी डाइट पूरा करते हैं। हालांकि खिलाड़ियों का मानना है कि यह एक खिलाड़ी के लिए नाकाफी होता है। इन सबके बीच खिलाड़ी अब कई नर्सरी में अपने स्तर पर अभ्यास कर रहे हैं। उनको अपने लक्ष्य को देखकर अभ्यास करने की तरफ ध्यान है। वे डाइट न मिलने पर भी अभ्यास कर रहे हैं।
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वर्जन :
जिला में इस बार 44 खेल नर्सरियों का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है। इसके मंजूर होते ही नर्सरी शुरू कर दी जाएंगी। पिछली बार 20 खेल नर्सरी थी। इस बार इसकी संख्या बढ़वाने का प्रयास रहेगा। इससे खेल प्रतिभाओं को निखार मिलेगा। युवाओं को इसके लिए आगे आना चाहिए। वे स्वयं अधिकारियों से बात करेंगे।
सतेंद्र कुमार, जिला खेल अधिकारी।
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जिला खेल विभाग के अंतर्गत करीब 25 सरकारी और 20 प्राइवेट खेल नर्सरी चल रही थी। प्राइवेट खेल नर्सरियों को एक फरवरी को दो महीने के लिए बंद कर दिया गया था। इनको एक अप्रैल से शुरू किया जाना था। इस बार जिले में खेल नर्सरियों के लिए 103 आवेदन आए थे। ग्रामीण यहां खेल नर्सरी खुलवाने को आगे आए थे। खेल विभाग ने इन सब मांगों को देखते हुए 44 नर्सरियों का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा था। निदेशालय स्तर पर के अधिकारी लोकसभा चुनाव में लगे होने और आचार संहिता के चलते भी इनका प्रस्ताव मंजूर नहीं किया जा सका। अब भी यह प्रस्ताव निदेशालय पर अटका हुआ है।
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खिलाड़ियों की बढ़ी चिंता
प्राइवेट खेल नर्सरी में बिना मंजूरी के खिलाड़ियों को डाइट नहीं मिल सकती। यहां खिलाड़ियों को आयु वर्ग अनुसार हर रोज डाइट खर्च मिलता है। खिलाड़ी इसमें अपनी डाइट पूरा करते हैं। हालांकि खिलाड़ियों का मानना है कि यह एक खिलाड़ी के लिए नाकाफी होता है। इन सबके बीच खिलाड़ी अब कई नर्सरी में अपने स्तर पर अभ्यास कर रहे हैं। उनको अपने लक्ष्य को देखकर अभ्यास करने की तरफ ध्यान है। वे डाइट न मिलने पर भी अभ्यास कर रहे हैं।
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वर्जन :
जिला में इस बार 44 खेल नर्सरियों का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है। इसके मंजूर होते ही नर्सरी शुरू कर दी जाएंगी। पिछली बार 20 खेल नर्सरी थी। इस बार इसकी संख्या बढ़वाने का प्रयास रहेगा। इससे खेल प्रतिभाओं को निखार मिलेगा। युवाओं को इसके लिए आगे आना चाहिए। वे स्वयं अधिकारियों से बात करेंगे।
सतेंद्र कुमार, जिला खेल अधिकारी।