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कुराश प्रतियोगिता में हरियाणा की पहली ऐसी दो खिलाड़ी जिन्होंने एशियन में जीते ब्रांच मेडल
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पानीपत। कोरिया में ब्रांज मेडल जीतने के बाद मेडल के साथ फोटो खिंचवाती नवमीति।
- फोटो : Panipat
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हरियाणा की ऐसी पहली दो खिलाड़ी मुस्कान और नवमीति हैं, जिन्होंने एशियन में कुराश ब्रांज मेडल हासिल किया। अभी तक हरियाणा से किसी भी खिलाड़ी ने एशिया में कुराश प्रतियोगिता के अंदर कोई मेडल जीता हो। दोनों ही खिलाड़ियों का सपना है कि वह 2024 में होने वाले ओलंपिक गेम्स में भारत के लिए गोल्ड लेकर आएं। इसके साथ ही दोनों खिलाड़ियों को प्रशिक्षण करवाने वाले प्रशिक्षक राजेश कुमार ने बताया कि दोनों ही खिलाड़ी भारत के लिए गोल्ड लेकर आएंगी। हर प्रतियोगिता में इनका मेडल आता है। ओलंपिक में भी यह दोनों खिलाड़ी गोल्ड लेकर आएंगी।
दाहिने कंधे में लगी थी चोट, लेकिन जीतने का था जज्बा
कुरुक्षेत्र की रहने वाली मुस्कान ने 2019 में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए कुराश एशियन में अंडर 19 की प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल हासिल किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता आढ़ती है। उनकी माता गृहिणी हैं। उन्हें कुराश खेलने की प्रेरणा अक्तूबर 2017 में हुई एक प्रतियोगिता में जीतने वाली दो खिलाड़ी पिंकी बलहारा व माला प्रभा को देखकर मिली। उन्होंने बताया कि कोरिया में होनी वाली कुराश की प्रतियोगिता से पहले उनके कंधे में प्रशिक्षण करते समय से चोट लग गई थी। प्रतियोगिता नजदीक थी और सपना था कि एशिया में गोल्ड लेकर आऊं। सभी ने कहा कि अगर तुम ठीक नहीं हो तो अभी भी पीछे हट जाओ, अगर ज्यादा चोटे आई तो भविष्य में खेलना तुम्हारे लिए मुश्किल होगा। लेकिन हार नहीं मानी और उसके बाद मेन प्रतियोगिता में भाग लिया और ब्रांज मेडल जीता। वहीं इसके साथ ही नेशनल में दो मेडल आ चुके हैं। अब ओलंपिक में गोल्ड लेकर आने का सपना है।
लड़कियां भी ला सकती है कुराश में गोल्ड : नवमीति
कुराश प्रतियोगिता में लड़के ही मेडल ला सकते है, ऐसा हमेशा से ही सुनती आई थी। इस धारणा को बदलने के लिए कुराश प्रतियोगिता में भाग लिया। थर्मल में पिता पीए के रूप में कार्यरत है। मैंने पहले जूडो ज्वाइन किया था, जिसमें मेरा नेशनल में मेडल आया था। जिसके बाद मैंने एशियन में कुराश खेल में ब्रांज मेडल प्राप्त किया। इसके साथ ही खेलो इंडिया में भी मेरा मेडल आया था। मेरा सपना है कि मैं समाज की धारणा को बदल भारत के लिए कुराश में गोल्ड मेडल लेकर आऊं। मेरे परिवार ने भी मेरा सहयोग किया है। खेल के साथ शिक्षा में भी रुचि है, दोनों में हमेशा प्रथम स्थान प्राप्त करने का सपना है।
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दाहिने कंधे में लगी थी चोट, लेकिन जीतने का था जज्बा
कुरुक्षेत्र की रहने वाली मुस्कान ने 2019 में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए कुराश एशियन में अंडर 19 की प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल हासिल किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता आढ़ती है। उनकी माता गृहिणी हैं। उन्हें कुराश खेलने की प्रेरणा अक्तूबर 2017 में हुई एक प्रतियोगिता में जीतने वाली दो खिलाड़ी पिंकी बलहारा व माला प्रभा को देखकर मिली। उन्होंने बताया कि कोरिया में होनी वाली कुराश की प्रतियोगिता से पहले उनके कंधे में प्रशिक्षण करते समय से चोट लग गई थी। प्रतियोगिता नजदीक थी और सपना था कि एशिया में गोल्ड लेकर आऊं। सभी ने कहा कि अगर तुम ठीक नहीं हो तो अभी भी पीछे हट जाओ, अगर ज्यादा चोटे आई तो भविष्य में खेलना तुम्हारे लिए मुश्किल होगा। लेकिन हार नहीं मानी और उसके बाद मेन प्रतियोगिता में भाग लिया और ब्रांज मेडल जीता। वहीं इसके साथ ही नेशनल में दो मेडल आ चुके हैं। अब ओलंपिक में गोल्ड लेकर आने का सपना है।
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कुराश प्रतियोगिता में लड़के ही मेडल ला सकते है, ऐसा हमेशा से ही सुनती आई थी। इस धारणा को बदलने के लिए कुराश प्रतियोगिता में भाग लिया। थर्मल में पिता पीए के रूप में कार्यरत है। मैंने पहले जूडो ज्वाइन किया था, जिसमें मेरा नेशनल में मेडल आया था। जिसके बाद मैंने एशियन में कुराश खेल में ब्रांज मेडल प्राप्त किया। इसके साथ ही खेलो इंडिया में भी मेरा मेडल आया था। मेरा सपना है कि मैं समाज की धारणा को बदल भारत के लिए कुराश में गोल्ड मेडल लेकर आऊं। मेरे परिवार ने भी मेरा सहयोग किया है। खेल के साथ शिक्षा में भी रुचि है, दोनों में हमेशा प्रथम स्थान प्राप्त करने का सपना है।

पानीपत। कोरिया में ब्रांज मेडल जीतने के बाद मेडल के साथ फोटो खिंचवाती मुस्कान व प्रशिक्षक राजेश- फोटो : Panipat
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