{"_id":"6a025230e4d99d32ad062734","slug":"sonia-is-overcoming-financial-hardship-and-making-a-name-for-herself-in-handball-panipat-news-c-244-1-pnp1011-157005-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सोनिया आर्थिक तंगी को मात देकर हैंडबॉल में चमका रही नाम, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सोनिया आर्थिक तंगी को मात देकर हैंडबॉल में चमका रही नाम, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का लक्ष्य
विज्ञापन
सोनिया।
पानीपत। विद्यानंद कॉलोनी की सोनिया हैंडबॉल खेल में अपनी मेहनत और लगन के दम पर जिले और प्रदेश स्तर पर पहचान बना रही हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोनिया का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना है।
सोनिया ने बताया कि वह अब तक जिला स्तर पर चार स्वर्ण, राज्य स्तर पर एक स्वर्ण और एक रजत पदक और राष्ट्रीय स्तर पर एक रजत पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने नवंबर में गुरुग्राम में आयोजित हरियाणा ओलिंपिक में भी रजत पदक हासिल किया है।
सोनिया ने बताया कि उनके पिता शेर सिंह मजदूरी करते हैं जबकि मां पूजा गृहिणी हैं। आर्थिक स्थिति इतनी बेहतर न होने बाद भी परिवार ने उनको खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने फिलहाल 12वीं कक्षा के पेपर दिए हैं। अब परीक्षा परिणाम का इंतजार है। वह इस बीच अपने खेल का अभ्यास कर रही हैं। वह पिछले दो वर्ष से कोच शीतल के मार्गदर्शन में उग्राखेड़ी स्टेडियम हैंडबॉल का प्रशिक्षण ले रही हैं।सोनिया ने बताया कि हैंडबॉल उनके लिए केवल खेल नहीं बल्कि सपना है जिसे वह हर हाल में पूरा करना चाहती हैं। वह आगे चलकर राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनना चाहती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का तिरंगा लहराने का सपना है। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उनके कोच और परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी। फिलहाल तो हैंडबॉल में उनका सफर शुरू हुआ है आगे बढ़ने के लिए बहुत मेहनत करनी है।
विज्ञापन
कोच शीतल ने बताया कि सोनिया खेल को गंभीरता से समझने वाली खिलाड़ी हैं। उनकी खेल में तेजी, संतुलन और रणनीति को समझने की क्षमता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। यदि सोनिया इसी जोश और मेहनत के साथ आगे बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में वह प्रदेश ही नहीं देश का भी नाम रोशन कर सकती हैं।
विज्ञापन
सोनिया ने बताया कि वह अब तक जिला स्तर पर चार स्वर्ण, राज्य स्तर पर एक स्वर्ण और एक रजत पदक और राष्ट्रीय स्तर पर एक रजत पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने नवंबर में गुरुग्राम में आयोजित हरियाणा ओलिंपिक में भी रजत पदक हासिल किया है।
विज्ञापन
सोनिया ने बताया कि उनके पिता शेर सिंह मजदूरी करते हैं जबकि मां पूजा गृहिणी हैं। आर्थिक स्थिति इतनी बेहतर न होने बाद भी परिवार ने उनको खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने फिलहाल 12वीं कक्षा के पेपर दिए हैं। अब परीक्षा परिणाम का इंतजार है। वह इस बीच अपने खेल का अभ्यास कर रही हैं। वह पिछले दो वर्ष से कोच शीतल के मार्गदर्शन में उग्राखेड़ी स्टेडियम हैंडबॉल का प्रशिक्षण ले रही हैं।सोनिया ने बताया कि हैंडबॉल उनके लिए केवल खेल नहीं बल्कि सपना है जिसे वह हर हाल में पूरा करना चाहती हैं। वह आगे चलकर राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनना चाहती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का तिरंगा लहराने का सपना है। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उनके कोच और परिवार ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी। फिलहाल तो हैंडबॉल में उनका सफर शुरू हुआ है आगे बढ़ने के लिए बहुत मेहनत करनी है।
विज्ञापन
कोच शीतल ने बताया कि सोनिया खेल को गंभीरता से समझने वाली खिलाड़ी हैं। उनकी खेल में तेजी, संतुलन और रणनीति को समझने की क्षमता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। यदि सोनिया इसी जोश और मेहनत के साथ आगे बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में वह प्रदेश ही नहीं देश का भी नाम रोशन कर सकती हैं।