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धीरे धीरे याददाश्त और सोचने की शक्ति होती है कम, बूढ़ों के साथ युवा भी आ रहे चपेट में

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 12:35 AM IST
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Slowly the memory and thinking power is less, along with the old people, the youth are also coming in the grip
विश्वभर में मंगलवार को वर्ल्ड अल्जाइमर डे मनाया गया। अल्जामर रोग ज्यादातर बुजुर्गों को होता है, जिसमें धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने की शक्ति कम होती रहती है। अल्जाइमर रोग का सबसे सामान्य रूप डिमेंशिया है। हालांकि अब यह बीमारी केवल बूढ़ों तक ही सीमित नहीं रही है। इस रोग की चपेट में युवा भी आने लगे हैं। लाखों लोग हर साल इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है कि आखिर यह रोग, इसके लक्षण और बचाव के तरीके क्या होते हैं।
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डॉ. मोना नागपाल ने रोगियों को दिमागी बीमारियों के खिलाफ जागरूक किया। उन्होंने रोगियों से अपील की है कि अगर उन्हें दिगामी बीमारी का कोई भी लक्षण दिखाई दे तो वे डॉक्टरों से इसकी जांच जरूर कराएं। इस अवसर पर सिविल अस्पताल और वृद्धा आश्रम सनौली रोड में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उप सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा, मनोचिकित्सक डॉ. मोना नागपाल व मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार ने इस बीमारी को लेकर लोगो को जागरूक किया। इस मौके पर अनुरोध खर्ब निगरानी एवं मूल्यांकन अधिकारी, रवि कुमार साइकोलॉजिस्ट, संगीता रानी नर्स व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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ऐसे बढ़ता है खतरा और ये हैं लक्षण
अल्जाइमर का खतरा मस्तिष्क में प्रोटीन की संरचना में गड़बड़ी होने के कारण बढ़ता है। यह मस्तिष्क से जुड़ी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खोने लगता है। डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि अल्जाइमर के लक्षणों में मुख्य रूप से रात में नींद न आना, रखी हुई चीजों को जल्दी भूल जाना, आंखों की रोशनी कम होना, छोटे-छोटे कामों को करने में परेशानी होना, अपने परिवार के सदस्यों को न पहचान पाना, कुछ भी याद करने, सोचने और निर्णय लेने की क्षमता पर प्रभाव पड़ना, तनाव में रहना और डर जाना हैं।
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बचाव के तरीके
इस बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से भी खुद को स्वस्थ रखें। नकारात्मक विचारों को अपने मन पर हावी न होने दें। नियमित रूप से व्यायाम करें, पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें, पर्याप्त नींद लें, सकारात्मक सोच रखें और नशे से दूर रहें।
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