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Panipat News: बीमारी के ताने सुन छुपकर रोती थी, आज दूसरों की बीमारी का कर रही इलाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Apr 2025 01:35 AM IST
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She used to cry in secret after hearing taunts about her illness, today she is treating others' illness
सोनम सिंह
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पानीपत। जिंदगी सचमुच बहुत रंगीन होती है। यह कभी हंसाती है तो कभी रुलाती भी है। इन सबके बीच कुछ लोग उतार-चढ़ाव सहन कर अपनी मंजिल को पा लेते हैं।
ऐसा ही कुछ ईएसआई अस्पताल पानीपत की 28 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर साइना के जीवन में हुआ। साइना मूल रूप से जींद जिले के लोन गांव से है। वे बताती हैं कि उनको जन्म से क्लिपेल-फील सिंड्रोम बीमारी है। इसमें गर्दन की दो या अधिक हड्डियां आपस में जुड़ी होती हैं। जिससे छोटी गर्दन, सीमित गर्दन की गतिशीलता और सिर के पीछे कम हेयरलाइन जैसे लक्षण तो होते हैं।
इस बीमारी के होने से इंसान कोई भी काम करने में आम इंसान की तरह सक्षम नहीं होता। साइना ने 12वीं तक की पढ़ाई पास के गांव से की। स्कूल में इस बीमारी की वजह से बहुत कुछ झेलना पड़ा लेकिन उसने सब कुछ सहन करते हुए अपनी 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। उचाना के बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की।
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सहपाठियों की बात सुन अकेले बैठ रोती थी
कॉलेज में बहुत कुछ सुनना पड़ता था। बच्चे बोलते थे एलियन जैसी दिखती है। मजाक बनाते थे। ये सब सुनने के बाद छुपकर अकेली बैठकर रोती थी। सोचती थी मुझे भगवान ने ऐसा क्यों बना दिया है? उसने उगते सूरज की किरणों को देख खुद को मजबूत किया और मां-बाप के प्यार से हिम्मत मिलती रही बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की।
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पढ़ाई करने के बाद 22 फरवरी 2024 में ईएसआई अस्पताल पानीपत में सरकारी नौकरी मिल गई। नौकरी मिलने के बाद सपनों को जैसे एक नई उड़ान मिल गई। लोगों के ताने अब भी कम नहीं हो रहे। अस्पताल में भी मुझे सुनने को मिला कि कैसे करेगी नौकरी लेकिन जैसे-जैसे में काम करती गई तो उन्हीं के मुंह से तारीफ सुनने को मिली। अब काम करने में मन भी लगता है और अच्छा भी लगता है।

दूसरों को देती हैं हौसला
साइना ने बताया अगर उसे कोई अपने जैसा लाचार दिखता है तो उसे समझाती है और हौसला देती है। इस संसार में हर इंसान अपने दुखों से दुखी है। हमें उसे ताने मारकर या इसके शरीर को लेकर किसी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
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