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Panipat News: एल्डिको समेत सेक्टर 18, 24, 38, 39 40, होंगे निगम में शामिल
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पानीपत। शहर और निगम की भौगोलिक सीमा क्षेत्र में होने के बावजूद भी सालों से निगम की ओर से दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित एल्डिको समेत सेक्टर 18, 24, 38, 39 40 को अब निगम का सहारा मिलने जा रहा है। नगर निगम की सीमा विस्तार करते हुए इनको अब पूर्ण रूप से निगम में शमिल किया जाएगा। यानी अब यहां के लोग निगम की ओर से दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। निगम यहां विकास कार्य करवाने के साथ लोगों की समस्याओं के निवारण भी कर सकेगा।
उल्लेखनीय है कि इसके लिए सरकार ने मंडलायुक्त के मार्फत निगम अधिकारियों को इस एरिया का पूर्ण ब्योरा भेजने के आदेश दिए हैं। जिस पर निगम अधिकारियों ने इन एरिया के अधिकृत अधिकारियों से इनकी जनसंख्या से लेकर इनकी भौगोलिक स्थिति इत्यादि की जानकारी लेनी शुरू कर दी है। हालांकि इस वार्डबंदी के बाद ही इस एरिया को शामिल किया जा सकता है। चूंकि इनको निगम में शामिल करने की प्रक्रिया कुछ लंबी है जबकि निकाय चुनाव को देखते हुए अधिकारियों और एडहॉक कमेटी को शहर की नई वार्डबंदी पूरी करके अभी देनी है। इसलिए माना जा रहा है कि यहां के लोग पूर्ण रूप से निगम में तो आ जाएंगे लेकिन इनको निगम में वोटिंग का अधिकार पांच साल बाद अगले निकाय चुनाव में मिलेगा।
गौरतलब है कि अब तक इन एरिया के लोग एचएसवीपी में होने के बाद भी एचएसवीपी की दी जाने वाली सुविधाओं से वंचित थे। इनमें से कुछ एरिया न तो पंचायत के अधीन था, न एचएसवीपी के और न ही निगम के। इन लोगों को अपने प्रमाण पत्र तक बनवाने के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे थे। इनको ग्रामीण विधानसभा में मतदान का अधिकार तो था लेकिन ये न पंचायती चुनाव में मतदान कर सकते थे और न निकाय चुनाव में। रही बात विकास कार्याें और समस्याओं के निवारण की तो विभाग भी इस एरिया के काम एक दूसरे विभागाें पर टाल देते थे। जिन डेवलपर कंपनियों ने इन एरिया को विकसित किया है। वह लोगों से सुविधा शुल्क ले रहे हैं लेकिन निगम के शुल्क से कहीं ज्यादा है। अब इन एरिया के रहने वाले हर व्यक्ति को निगम अपनी ओर से मूलभूत सुविधाएं दे सकेगा।
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इस एरिया को किया जाएगा शामिल
नगर निगम में अब बाबरपुर मंडी के सामने एल्डिको इस्टेट, एल्डिको इस्टेट के पास ही मौजूद सेक्टर 40, एचएसवीपी के सेक्टर 18 का बचा हुआ एरिया, एचएसवीपी के सेक्टर 24 के नजदीक टीडीआई सिटी और सेक्टर 38 व 39 के एरिया को अब निगम में शामिल करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इसके लिए मंडलायुक्त को इन एरिया में रहने वाली आबादी, वर्ग क्षेत्रफल, सीमा, रिहायशी आबादी का खसरा नंबर, मुस्तिल नंबर, प्रत्येक सेक्टर की सीमा इत्यादि का पूरा विवरण भेजना होगा। इसके लिए नगर निगम ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी से एचएसवीपी के अधीन सेक्टरों का ब्योरा मांगा है। जिला योजनाकार से उनके अधीन आने वाले एरिया का ब्योरा मांगा है। नायब तहसीलदार और कानूनगो से संबंधित जमीनों की मलकीयत, खसरा या रिहायशी योजना एवं प्लान का पूरा ब्योरा भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।
वर्जन:
निगम के सीमा विस्तार की एक प्रक्रिया निश्चित होती है। उसकी प्रक्रिया के अनुरूप एवं सरकार के निर्देशानुसार निगम ने अपनी रिपोर्ट बनाकर भेज दी है। उम्मीद है कि जल्द इस एरिया को निगम में शामिल कर लिया जाएगा।
डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी, आयुक्त, नगर निगम।
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उल्लेखनीय है कि इसके लिए सरकार ने मंडलायुक्त के मार्फत निगम अधिकारियों को इस एरिया का पूर्ण ब्योरा भेजने के आदेश दिए हैं। जिस पर निगम अधिकारियों ने इन एरिया के अधिकृत अधिकारियों से इनकी जनसंख्या से लेकर इनकी भौगोलिक स्थिति इत्यादि की जानकारी लेनी शुरू कर दी है। हालांकि इस वार्डबंदी के बाद ही इस एरिया को शामिल किया जा सकता है। चूंकि इनको निगम में शामिल करने की प्रक्रिया कुछ लंबी है जबकि निकाय चुनाव को देखते हुए अधिकारियों और एडहॉक कमेटी को शहर की नई वार्डबंदी पूरी करके अभी देनी है। इसलिए माना जा रहा है कि यहां के लोग पूर्ण रूप से निगम में तो आ जाएंगे लेकिन इनको निगम में वोटिंग का अधिकार पांच साल बाद अगले निकाय चुनाव में मिलेगा।
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गौरतलब है कि अब तक इन एरिया के लोग एचएसवीपी में होने के बाद भी एचएसवीपी की दी जाने वाली सुविधाओं से वंचित थे। इनमें से कुछ एरिया न तो पंचायत के अधीन था, न एचएसवीपी के और न ही निगम के। इन लोगों को अपने प्रमाण पत्र तक बनवाने के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे थे। इनको ग्रामीण विधानसभा में मतदान का अधिकार तो था लेकिन ये न पंचायती चुनाव में मतदान कर सकते थे और न निकाय चुनाव में। रही बात विकास कार्याें और समस्याओं के निवारण की तो विभाग भी इस एरिया के काम एक दूसरे विभागाें पर टाल देते थे। जिन डेवलपर कंपनियों ने इन एरिया को विकसित किया है। वह लोगों से सुविधा शुल्क ले रहे हैं लेकिन निगम के शुल्क से कहीं ज्यादा है। अब इन एरिया के रहने वाले हर व्यक्ति को निगम अपनी ओर से मूलभूत सुविधाएं दे सकेगा।
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इस एरिया को किया जाएगा शामिल
नगर निगम में अब बाबरपुर मंडी के सामने एल्डिको इस्टेट, एल्डिको इस्टेट के पास ही मौजूद सेक्टर 40, एचएसवीपी के सेक्टर 18 का बचा हुआ एरिया, एचएसवीपी के सेक्टर 24 के नजदीक टीडीआई सिटी और सेक्टर 38 व 39 के एरिया को अब निगम में शामिल करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इसके लिए मंडलायुक्त को इन एरिया में रहने वाली आबादी, वर्ग क्षेत्रफल, सीमा, रिहायशी आबादी का खसरा नंबर, मुस्तिल नंबर, प्रत्येक सेक्टर की सीमा इत्यादि का पूरा विवरण भेजना होगा। इसके लिए नगर निगम ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी से एचएसवीपी के अधीन सेक्टरों का ब्योरा मांगा है। जिला योजनाकार से उनके अधीन आने वाले एरिया का ब्योरा मांगा है। नायब तहसीलदार और कानूनगो से संबंधित जमीनों की मलकीयत, खसरा या रिहायशी योजना एवं प्लान का पूरा ब्योरा भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं।
वर्जन:
निगम के सीमा विस्तार की एक प्रक्रिया निश्चित होती है। उसकी प्रक्रिया के अनुरूप एवं सरकार के निर्देशानुसार निगम ने अपनी रिपोर्ट बनाकर भेज दी है। उम्मीद है कि जल्द इस एरिया को निगम में शामिल कर लिया जाएगा।
डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी, आयुक्त, नगर निगम।