फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Sector-11 plot fraud case: Chief Information Commissioner summons investigation report from Estate Officer; next hearing to be held on the 22nd.

सेक्टर-11 प्लॉट फर्जीवाड़ा मामला : मुख्य सूचना आयुक्त ने एस्टेट ऑफिसर से तलब की जांच रिपोर्ट, 22 को होगी अगली सुनवाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 06:55 PM IST
विज्ञापन
Sector-11 plot fraud case: Chief Information Commissioner summons investigation report from Estate Officer; next hearing to be held on the 22nd.
आरटीआई में थर्ड पार्टी का हवाला देकर सूचना रोकने पर सख्त रुख
विज्ञापन

1997 की रजिस्ट्री और 2012 के ओसी पर भी उठे सवाल
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टर-11 स्थित एक प्लॉट के आवंटन में कथित फर्जीवाड़े का मामला फिर चर्चा में है। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी को थर्ड पार्टी से संबंधित बताकर रोकने के मामले में राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने एचएसवीपी के एस्टेट ऑफिसर को प्लॉट से जुड़े मामले की विस्तृत जांच कर 22 अक्तूबर को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने 17 जुलाई 2025 को एस्टेट ऑफिसर कार्यालय में आवेदन देकर प्लॉट से संबंधित जानकारी मांगी थी। जन सूचना अधिकारी ने इसे थर्ड पार्टी की सूचना बताते हुए देने से इनकार कर दिया। इसके बाद राज्य सूचना आयोग में अपील के दौरान कपूर ने लिखित तथ्यों के माध्यम से प्लॉट के आवंटन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि मामले से जुड़ी जानकारी छिपाने के लिए सूचना देने से इनकार किया गया।
विज्ञापन


मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने नौ अक्तूबर को मामले की सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए एस्टेट ऑफिसर को विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 22 अक्तूबर को होगी। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने आयोग के आदेश का स्वागत किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन बिंदुओं पर मांगी जांच रिपोर्ट
आयोग ने एस्टेट ऑफिसर से मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। इनमें वर्ष 1997 में प्लॉट की रजिस्ट्री अधिकृत व्यक्ति द्वारा कराए जाने और उसकी पहचान के सत्यापन की स्थिति शामिल है। इसके अलावा, वर्ष 1997 में प्लॉट का हस्तांतरण एचएसवीपी के नियमों के अनुसार हुआ था या नहीं, इसकी जांच भी मांगी गई है।


तीसरे बिंदु में वर्ष 2012 में नक्शा स्वीकृत करने संबंधी पत्र और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। आयोग ने यह जांचने को कहा है कि उस समय प्लॉट का हस्तांतरण रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने के बावजूद ये दस्तावेज अधिकृत व्यक्ति के नाम पर कैसे जारी हुए और संबंधित आवेदनों पर किए गए हस्ताक्षर सही व्यक्ति के थे या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed