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Sports: मुकाबले से पहले था बुखार, फिर भी वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में संतोष ने जीता गोल्ड, बढ़ाया देश मान
Mon, 25 Jul 2022 05:10 AM IST
भूपेंद्र सिंह
आशू गौतम, संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
आशू गौतम, संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 25 Jul 2022 05:10 AM IST
सार
नीदरलैंड में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में 76 किलो भार वर्ग में हरियाणा के पानीपत की संतोष ने परचम फहराया। वर्ष 2002 में कुश्ती की शुरुआत की थी। संतोष ऑल इंडिया कुश्ती चैंपियनशिप, इंडिया फेडरेशन, सीनियर नेशनल और जूनियर नेशनल में 14 स्वर्ण समेत 45 पदक जीत चुकी हैं।
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गोल्ड मेडल विजेता खिलाड़ी संतोष।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हेड कांस्टेबल संतोष शर्मा ने नीदरलैंड में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एवं फायर गेम्स में जर्मनी की खिलाड़ी को 10-02 से चित कर स्वर्ण पदक जीता। रविवार को मुकाबले से पहले उन्हें बुखार आ गया था, लेकिन पति, माता-पिता और बेटियों ने मनोबल बढ़ाया, जिसके बाद वह मैट पर उतरीं। 76 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर संतोष ने हरियाणा के साथ ही देश का नाम रोशन किया।
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हरियाणा के पानीपत के गांव सिवाह निवासी रामनिवास शर्मा ने अपनी बेटी संतोष को वर्ष 2002 में अखाड़े में उतारा था। उस समय ग्रामीणों से लेकर रिश्तेदारों के विरोध का सामना करना पड़ा। आज उसी बेटी ने देश का गौरव बढ़ाया है। संतोष की इस उपलब्धि पर पूरा गांव खुश है।
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नीदरलैंड से ही अमर उजाला से बातचीत में कुश्ती खिलाड़ी संतोष शर्मा ने बताया कि पिता 2002 में दंगल देखने गए थे, जहां पर लड़कियों को कुश्ती करते देखा। जिसके बाद उसे पद्मश्री मास्टर चंदगीराम के अखाड़े में छोड़ दिया। जहां से प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया।
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तब साथ में पिता और मां सरोज देवी साथ जाते थे। एक साल के अंदर नेशनल चैंपियन बन गई। सितंबर 2003 में खेल कोटे से हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुई। 2005 में बलाना गांव निवासी अनिल गौतम से शादी की। वह इंडियन रेसलिंग की कोच भी रह चुकी हैं।
इतने मेडल जीतने के बाद भी सिर्फ हेड कांस्टेबल हैं
संतोष इससे पहले ऑल इंडिया चैंपियनशिप, इंडिया फेडरेशन, सीनियर और जूनियर नेशनल में 14 गोल्ड समेत 45 पदक जीत चुकी हैं। संतोष बताती हैं कि उन्हें हर कदम पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लोग मेडल जीतने के बावजूद मनोबल तोड़ते थे, लेकिन इतने मेडल जीतने के बावजूद आज भी हेड कांस्टेबल हैं।
14 गोल्ड समेत 45 पदक कर चुकी अपने नाम
संतोष ने अगस्त 2017 में यूएस के कैलीफोर्निया में विश्व पुलिस गेम्स में 63 किलोग्राम में स्वर्ण और प्लस 75 किलोग्राम में कांस्य पदक जीते। 2019 में चीन में आयोजित विश्व पुलिस गेम्स में सिल्वर मेडल जीता। इससे पहले संतोष ऑल इंडिया कुश्ती चैंपियनशिप में चार, इंडिया फेडरेशन कप में चार, सीनियर नेशनल में तीन, जूनियर नेशनल में तीन स्वर्ण पदक सहित 45 पदक जीत चुकी हैं।
संतोष शर्मा ने बताया कि 2012 से 2014 में लखनऊ में इंडिया कैंप में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, गीता फोगाट, बबीता फोगाट, गीतिका जाखड़ और ललित को कोचिंग दे चुकी हैं।
संतोष की बेटी भी कुश्ती में कर रही कमाल
संतोष ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी कीर्ति (15) और छोटी प्रीत चार साल की है। जब वह कुश्ती का अभ्यास करती है तो पति अनिल गौतम बेटियों की देखरेख करते हैं। अब बेटी कीर्ति को भी कुश्ती की खिलाड़ी बना रही है। कीर्ति स्कूल लेवल पर नेशनल और इंटरनेशल में गोल्ड जीत चुकी है।