{"_id":"69f5294f2aa45452460ae274","slug":"sanitation-workers-announced-a-two-day-strike-panipat-news-c-244-1-pnp1006-156444-2026-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: सफाई कर्मचारियों ने किया दो दिन की हड़ताल का ऐलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: सफाई कर्मचारियों ने किया दो दिन की हड़ताल का ऐलान
Sat, 02 May 2026 03:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 02 May 2026 03:59 AM IST
विज्ञापन
समालखा। नगर परिषद समालखा के कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में शुक्रवार को दो दिन की हड़ताल का ऐलान कर दिया है। पहले दिन कर्मचारियों ने नगर परिषद गेट के बाहर टेंट लगाकर सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने मांगे पूरी न होने के कारण रोष व्यक्त किया। कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से शहर की सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने के कारण आसपास में बदबू फैलने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही उनके स्वास्थ्य पर बूरा असर पड़ रहा है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ समालखा इकाई के प्रधान रणवीर सिंह ने बताया कि समालखा में नगर परिषद के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों की संख्या करीब 79 के आसपास है, जिनमें ज्यादातर कच्चे कर्मचारी शामिल है, जिनके कंधों पर शहर की साफ़-सफाई का जिम्मा है। संख्या कम होने के कारण शहर आज तक गंदगी से मुक्त नहीं हो पाया है। दरअसल नौ महीने पहले समालखा नगरपालिका को नगर परिषद का दर्जा मिला था। परिषद बनने के बाद कर्मचारियों की संख्या 150 होनी चाहिए, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी नगर परिषद में कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई और ऊपर से अब सफाई कर्मचारी अपनी मांगों के लिए दो दिन हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी मुख्य मांगें कोर्ट के फैसले को लागू करने कर्मचारियों को पक्का करने , आउटसोर्सिंग पॉलिसी बंद करने ,ठेका प्रथा बंद करने प्रमोशन पॉलिसी लागू करने के अलावा अन्य शामिल है। उन्होंने बताया कि आज हड़ताल के पहले दिन नगर परिषद के बाहर टेंट लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करके रोष व्यक्त किया गया। संवाद
विज्ञापन
नगर पालिका कर्मचारी संघ समालखा इकाई के प्रधान रणवीर सिंह ने बताया कि समालखा में नगर परिषद के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों की संख्या करीब 79 के आसपास है, जिनमें ज्यादातर कच्चे कर्मचारी शामिल है, जिनके कंधों पर शहर की साफ़-सफाई का जिम्मा है। संख्या कम होने के कारण शहर आज तक गंदगी से मुक्त नहीं हो पाया है। दरअसल नौ महीने पहले समालखा नगरपालिका को नगर परिषद का दर्जा मिला था। परिषद बनने के बाद कर्मचारियों की संख्या 150 होनी चाहिए, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी नगर परिषद में कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई और ऊपर से अब सफाई कर्मचारी अपनी मांगों के लिए दो दिन हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी मुख्य मांगें कोर्ट के फैसले को लागू करने कर्मचारियों को पक्का करने , आउटसोर्सिंग पॉलिसी बंद करने ,ठेका प्रथा बंद करने प्रमोशन पॉलिसी लागू करने के अलावा अन्य शामिल है। उन्होंने बताया कि आज हड़ताल के पहले दिन नगर परिषद के बाहर टेंट लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करके रोष व्यक्त किया गया। संवाद
विज्ञापन