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खांसी-बुखार के लिए भी आरटी पीसीआर रिपोर्ट जरूरी
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पानीपत। खांसी,जुखाम,बुखार व अन्य जांच के लिए सिविल अस्पताल पानीपत में खड़े मरीज पहले कोरोना की जा
- फोटो : Panipat
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पानीपत। सिविल अस्पताल में आने वाले खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों को इलाज के लिए कोरोना की रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ रहा है, दरअसल स्वास्थ्य विभाग ने वायरल के हर रोगी का आरटीपीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। इसलिए अब कोविड सैंपल की प्रतिदिन की संख्या 1800 पार हो चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक, करीब दस प्रतिशत लोग पॉजिटिव मिल रहे हैं।
सिविल अस्पताल में हर रोज 200 से अधिक वायरल के रोगी पहुंच रहे हैं। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर के निर्देश हैं कि खांसी जुकाम के हर मरीज की स्लिप पर पर कोरोना जांच लिखनी अनिवार्य होगी। इसके अलावा हर टीबी व एड्स के रोगी की भी कोरोना जांच करनी होगी, क्योंकि ये रोगी जल्द संक्रमण का शिकार होते हैं। जिले में कोरोना की पॉजिटिविटी दर 10 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। जिले में फिलहाल टीबी के तीन हजार और एड्स के 750 रोगी हैं। अस्पताल के प्रथम तल पर कोविड जांच के लिए अलग से कॉर्नर बना दिया गया है। मरीज की कोरोना जांच के निर्देश दिए गए हैं। इनके लिए अस्पताल के प्रथम तल पर सैंपलिंग कार्नर बनाया जा रहा है। सिविल अस्पताल में रोजाना 1800 से ज्यादा सैंपलिंग हो रही है।
पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी
कोविड-19 के जिला नोडल अधिकारी डा. सुनील संडूजा ने बताया कि ओमिक्रोन वेरिएंट, पहले आए अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा की तुलना में तेजी से फैलता है। त्वरित जांच के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया जाता है। कोरोना के हर संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी है।
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इन निर्देशों का करना होगा ख्याल
मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें।
भीड़ वाले स्थानों पर दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें।
घर या ऑफिस की खिड़कियां खोलकर रखें।
हाथ धोकर भी संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
विदेश से आए यात्री के संपर्क में आए हैं तो होम आइसोलेशन में रहें।
बुखार-खांसी-जुकाम होने पर कोरोना की जांच अवश्य कराएं।
मरीज बोले-
पेट दर्द से परेशान हूं। डॉक्टर ने बिना आरटीपीसीआर टेस्ट के इलाज करने से इनकार कर दिया था। अब रिपोर्ट आई है। जब इलाज होगा। -राजेश, मरीज
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बुखार आ रहा है। दिखाने गया तो डॉक्टर ने इलाज करने से इनकार कर दिया। बोले कि पहले कोविड रिपोर्ट लेकर आओ तब जांच होगी। -हरिंद्र, मरीज
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छाती में दर्द था, रूम नंबर 15 में डॉक्टर ने कहा है कि कोरोना की जांच के बाद हम इलाज नहीं कर सकते। रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। -दरिया सिंह, मरीज
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छाती में दर्द व बुखार है। यहां आने पर गार्ड ने कहा कि पहले कोरोना की जांच करानी पड़ेगी। फिर रिपोर्ट लेकर डॉक्टर के पास जाएंगे। -शंभु, मरीज
हर खांसी-जुकाम के रोगी की कोविड जांच के दिए हैं निर्देश
कोविड सैंपलिंग बढ़ाने व ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने के लिए ही खांसी-जुकाम के रोगी की कोविड जांच होगी। टीबी, शुगर व एड्स के रोगी की भी जांच की जाएगी। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कोरोना का खतरा बढ़ रहा है इसलिए अधिक से अधिक कोरोना जांच होना जरूरी है। -डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन
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सिविल अस्पताल में हर रोज 200 से अधिक वायरल के रोगी पहुंच रहे हैं। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर के निर्देश हैं कि खांसी जुकाम के हर मरीज की स्लिप पर पर कोरोना जांच लिखनी अनिवार्य होगी। इसके अलावा हर टीबी व एड्स के रोगी की भी कोरोना जांच करनी होगी, क्योंकि ये रोगी जल्द संक्रमण का शिकार होते हैं। जिले में कोरोना की पॉजिटिविटी दर 10 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। जिले में फिलहाल टीबी के तीन हजार और एड्स के 750 रोगी हैं। अस्पताल के प्रथम तल पर कोविड जांच के लिए अलग से कॉर्नर बना दिया गया है। मरीज की कोरोना जांच के निर्देश दिए गए हैं। इनके लिए अस्पताल के प्रथम तल पर सैंपलिंग कार्नर बनाया जा रहा है। सिविल अस्पताल में रोजाना 1800 से ज्यादा सैंपलिंग हो रही है।
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पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी
कोविड-19 के जिला नोडल अधिकारी डा. सुनील संडूजा ने बताया कि ओमिक्रोन वेरिएंट, पहले आए अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा की तुलना में तेजी से फैलता है। त्वरित जांच के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया जाता है। कोरोना के हर संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी है।
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इन निर्देशों का करना होगा ख्याल
मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें।
भीड़ वाले स्थानों पर दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करें।
घर या ऑफिस की खिड़कियां खोलकर रखें।
हाथ धोकर भी संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
विदेश से आए यात्री के संपर्क में आए हैं तो होम आइसोलेशन में रहें।
बुखार-खांसी-जुकाम होने पर कोरोना की जांच अवश्य कराएं।
मरीज बोले-
पेट दर्द से परेशान हूं। डॉक्टर ने बिना आरटीपीसीआर टेस्ट के इलाज करने से इनकार कर दिया था। अब रिपोर्ट आई है। जब इलाज होगा। -राजेश, मरीज
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बुखार आ रहा है। दिखाने गया तो डॉक्टर ने इलाज करने से इनकार कर दिया। बोले कि पहले कोविड रिपोर्ट लेकर आओ तब जांच होगी। -हरिंद्र, मरीज
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छाती में दर्द था, रूम नंबर 15 में डॉक्टर ने कहा है कि कोरोना की जांच के बाद हम इलाज नहीं कर सकते। रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। -दरिया सिंह, मरीज
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छाती में दर्द व बुखार है। यहां आने पर गार्ड ने कहा कि पहले कोरोना की जांच करानी पड़ेगी। फिर रिपोर्ट लेकर डॉक्टर के पास जाएंगे। -शंभु, मरीज
हर खांसी-जुकाम के रोगी की कोविड जांच के दिए हैं निर्देश
कोविड सैंपलिंग बढ़ाने व ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने के लिए ही खांसी-जुकाम के रोगी की कोविड जांच होगी। टीबी, शुगर व एड्स के रोगी की भी जांच की जाएगी। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कोरोना का खतरा बढ़ रहा है इसलिए अधिक से अधिक कोरोना जांच होना जरूरी है। -डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन