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Panipat News: रोडवेज यूनियन भारत बंद में रखेंगी चक्का जाम
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पानीपत। रोडवेज यूनियन ने ग्रामीण भारत बंद को लेकर रोडवेज यूनियन ने चक्का जाम करने का फैसला लिया है। यूनियन शुक्रवार को अल सुबह चार बजे ही डिपो का घेराव करेगी। इसके साथ रोडवेज अधिकारियों ने बसों को चलाने के लिए रणनीति बना ली है।
रोडवेज के जिला प्रधान सुलतान सिंह ने कहा कि सुबह चार बजे से ही रोडवेज कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। सरकार की ओर से बार-बार की जा रही वादाखिलाफी से कर्मचारियों में भारी रोष है। बैठक के बाद साझा मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से राजनीतिक पार्टियों की रैली में रोडवेज की बसों का प्रयोग करना सीधे तौर पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है। प्रदेश की जनता को होने वाली असुविधा को नजरंदाज करना सरकार की संवेदनहीनता काे दिखाता है। 16 फरवरी के मौके पर किसान आंदोलन व आम हड़ताल के कारण जगह-जगह रास्ते जाम होने की आशंका है।
निजीकरण की नीतियों पर रोक लगे, वेतन आयोग का गठन किया जाए, हिट एंड रन कानून वापस लिया जाए, परिचालकों व लिपिकों का वेतनमान 35,400 रुपये किया जाए। अर्जित अवकाश में कटौती का पत्र वापस लेकर पहले की तरह अवकाश लागू करें। पुरानी पेंशन बहाली, जोखिम भत्ता दिया जाए, बेड़े में 10 हजार बसों को शामिल किया जाए, ताकि 60 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। 2016 के भर्ती चालकों सहित कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। वर्कशॉप सहित सभी श्रेणियों में खाली पड़े रिक्त पदों को स्थायी भर्ती करके भरा जाए।
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रोडवेज के जिला प्रधान सुलतान सिंह ने कहा कि सुबह चार बजे से ही रोडवेज कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। सरकार की ओर से बार-बार की जा रही वादाखिलाफी से कर्मचारियों में भारी रोष है। बैठक के बाद साझा मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से राजनीतिक पार्टियों की रैली में रोडवेज की बसों का प्रयोग करना सीधे तौर पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है। प्रदेश की जनता को होने वाली असुविधा को नजरंदाज करना सरकार की संवेदनहीनता काे दिखाता है। 16 फरवरी के मौके पर किसान आंदोलन व आम हड़ताल के कारण जगह-जगह रास्ते जाम होने की आशंका है।
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निजीकरण की नीतियों पर रोक लगे, वेतन आयोग का गठन किया जाए, हिट एंड रन कानून वापस लिया जाए, परिचालकों व लिपिकों का वेतनमान 35,400 रुपये किया जाए। अर्जित अवकाश में कटौती का पत्र वापस लेकर पहले की तरह अवकाश लागू करें। पुरानी पेंशन बहाली, जोखिम भत्ता दिया जाए, बेड़े में 10 हजार बसों को शामिल किया जाए, ताकि 60 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। 2016 के भर्ती चालकों सहित कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। वर्कशॉप सहित सभी श्रेणियों में खाली पड़े रिक्त पदों को स्थायी भर्ती करके भरा जाए।
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