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Panipat News: शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए मूल और अप्रकाशित शोधपत्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 08:28 AM IST
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Researchers presented original and unpublished research papers
पानीपत। आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय के अंग्रजी विभाग व हरियाणा उच्चतर शिक्षा निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करवाया गया। संगोष्ठी में उपस्थित मुख्य वक्ताओं ने अंग्रेजी में भारतीय साहित्य दृष्टिकोण और रुझान विषय पर अपने विचार व शोध-पत्र प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय संगोष्ठी मे 120 शोधार्थियों ने शोध-पत्र प्रस्तुत कर अंग्रेजी साहित्य पर व्याख्यान दिया।
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संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के तौर पर हिमाचल प्रदेश के शिमला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एसडी शर्मा ने शिरकत की। वहीं कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग से प्रो. सुनीता सिरोहा, दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग से डॉ. अरूण गुलाटी, सोनीपत आईआईआईटी से डॉ. सैयद गुफरान हाशमी और एमएन कॉलेज शाहबाद के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार ने विशिष्ठ वक्ता के तौर पर शिरकत की। प्रंबधक समिति के सदस्यों व कॉलेज प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने सभी अतिथियों का कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर पुष्पगुच्छ व पौधा देकर स्वागत किया।
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प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कहा कि उच्चतर शिक्षा निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में समय-समय पर महाविद्यालय में अलग-अलग विभागों द्वारा विभिन्न विषयों पर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस व संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। इन संगोष्ठियों में प्राध्यापक व शोधार्थी दिए गए विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत करते हैं जिससे इन विषयों पर भविष्य में नई खोज और अध्ययन हो सके। उन्होंने संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए उपप्राचार्या व अंग्रेजी विभागाध्यक्षा डॉ. अनुराधा सिंह व संयोजक मीनल तालस समेत सभी स्टाफ सदस्यों को बधाई दी।
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मुख्य वक्ता प्रो. एसडी शर्मा ने शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय इतिहास एवं पौराणिकवाद की महानता दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। आज हमारे देश का साहित्य विदेशों में भी पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साहित्य ही समाज का दर्पण होता है। साहित्य के बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। हमारी मातृभाषा ही हमारी पहचान है और साहित्य ही हमारे देश का गौरव है।




प्रो. सुनीता सिरोहा ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही उन्होंने अंग्रेजी साहित्य की महत्ता बताई। डॉ. वरुण गुलाटी और प्रो. सईद गुफरान हाशमी ने बताया कि विभाजन के दौरान घटी घटनाओं को अंग्रेजी साहित्य ने ही समाज को अवगत करवाने का काम किया है। एमएन कॉलेज शाहबाद के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि साहित्य ही वह विधा है जो राष्ट्र की दिशा और दशा को बदल सकता है। उन्होंने हिंदी भाषा का वर्णन करते हुए बताया कि हिंदी हमारे देश का गौरव है और हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सोनिया सोनी ने किया। इस अवसर पर कॉलेज के सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
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