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खंगाला रिकॉर्ड, नहीं लगा बच्ची फेंकने वालों का सुराग
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पानीपत। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन नवजात बच्ची।
- फोटो : Panipat
पानीपत। शिव नगर में फैक्टरी के बाहर कचरे के ढेर में पॉलिथीन में मिली दो दिन की नवजात एसएनसीयू वार्ड में दाखिल है। उसकी हालत अब स्थिर है। डॉक्टरों एवं स्टाफ नर्सों की टीम जांच कर रही है। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम बच्ची फेंकने वालों का सुराग लगाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों का रिकॉर्ड खंगाला और शिवनगर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी। स्वास्थ्य विभाग को शक है कि जिले की बाहरी क्षेत्र से आकर शहर में बच्ची को फेंका गया है, इसी के चलते स्वास्थ्य केंद्रों का डाटा खंगाला जा रहा है। फिलहाल बच्ची को फेंकने वालों का सुराग नहीं लगा है।
डॉ. अमित कुमार के नेतृत्व में पीएनडीटी टीम बुधवार को फील्ड में उतरी। टीम ने राज नगर शहरी स्वास्थ्य केंद्र, सेक्टर 11- 12 स्वास्थ्य केंद्र , सेक्टर 25 सामुदायिक केंद्र , काबड़ी पीएचसी एवं सिवाह पीएचसी का रिकॉर्ड जांचा। रिकॉर्ड के अनुसार जो महिलाएं हाल के दिनों में गर्भवती रहीं, उनकी जांच आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से की जा रही है। पुलिस एवं पीएनडीटी टीम ने सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की है।
पांच वर्ष में 25 बच्चियों को ठुकराया, एक भी आरोपी नहीं गिरफ्तार
पिछले पांच वर्ष में जन्म लेने के बाद 25 बच्चियों को लोगों ने ठुकरा दिया। उनको कचरे के ढेर में फेंक दिया गया। इनमें से 15 बच्चियों की मौत हो गई। 10 बच्चियों को सिविल अस्पताल के डॉक्टरों एवं स्टाफ नर्सों ने नया जीवन दिया। ये बच्चियां राई एवं कैथल के शिशु गृह में अपना जीवन जी रही है। हैरानी की बात ये है कि पुलिस आज तक किसी भी मामले में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
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इन कारणों से नहीं हो पाती आरोपियों की गिरफ्तारी-
- फेंकने एक से दो दिन के अंदर सरकारी एवं निजी अस्पतालों का डाटा नहीं लिया जाता
- अगर घर में बच्चे की डिलीवरी कराई गई है तो पुलिस दाइयों को ट्रेस नहीं करती
- इन केसों पर ध्यान नहीं दिया जाता, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग में तालमेल की कमी
- स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण इलाकों में घरों में कराई जाने वाली डिलीवरी पर रोक नहीं लगा सका
हमने कई केंद्रों का रिकॉर्ड खंगाला है, जांच जारी है
बुधवार को कई स्वास्थ्य केंद्रों का रिकॉर्ड खंगाला है। रिकॉर्ड के अनुसार आशा कार्यकर्ताओं की मदद से जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। उनका प्रयास है कि जल्द आरोपियों तक पहुंचा जाए। - डॉ. अमित कुमार, पीएनडीटी इंचार्ज, स्वास्थ्य विभाग
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डॉ. अमित कुमार के नेतृत्व में पीएनडीटी टीम बुधवार को फील्ड में उतरी। टीम ने राज नगर शहरी स्वास्थ्य केंद्र, सेक्टर 11- 12 स्वास्थ्य केंद्र , सेक्टर 25 सामुदायिक केंद्र , काबड़ी पीएचसी एवं सिवाह पीएचसी का रिकॉर्ड जांचा। रिकॉर्ड के अनुसार जो महिलाएं हाल के दिनों में गर्भवती रहीं, उनकी जांच आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से की जा रही है। पुलिस एवं पीएनडीटी टीम ने सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की है।
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पांच वर्ष में 25 बच्चियों को ठुकराया, एक भी आरोपी नहीं गिरफ्तार
पिछले पांच वर्ष में जन्म लेने के बाद 25 बच्चियों को लोगों ने ठुकरा दिया। उनको कचरे के ढेर में फेंक दिया गया। इनमें से 15 बच्चियों की मौत हो गई। 10 बच्चियों को सिविल अस्पताल के डॉक्टरों एवं स्टाफ नर्सों ने नया जीवन दिया। ये बच्चियां राई एवं कैथल के शिशु गृह में अपना जीवन जी रही है। हैरानी की बात ये है कि पुलिस आज तक किसी भी मामले में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
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इन कारणों से नहीं हो पाती आरोपियों की गिरफ्तारी-
- फेंकने एक से दो दिन के अंदर सरकारी एवं निजी अस्पतालों का डाटा नहीं लिया जाता
- अगर घर में बच्चे की डिलीवरी कराई गई है तो पुलिस दाइयों को ट्रेस नहीं करती
- इन केसों पर ध्यान नहीं दिया जाता, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग में तालमेल की कमी
- स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण इलाकों में घरों में कराई जाने वाली डिलीवरी पर रोक नहीं लगा सका
हमने कई केंद्रों का रिकॉर्ड खंगाला है, जांच जारी है
बुधवार को कई स्वास्थ्य केंद्रों का रिकॉर्ड खंगाला है। रिकॉर्ड के अनुसार आशा कार्यकर्ताओं की मदद से जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। उनका प्रयास है कि जल्द आरोपियों तक पहुंचा जाए। - डॉ. अमित कुमार, पीएनडीटी इंचार्ज, स्वास्थ्य विभाग