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बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि, लोग ठिठुरे, किसानों के चेहरे खिले
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:18 AM IST
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- फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। साल की पहली तेज बारिश के बीच हल्की ओलावृष्टि से ठंड एक साथ बढ़ गई। इससे अधिकतम तापमान 11 डिग्री और न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक लुढ़क गया। लोगों को दिन में तेज बारिश के कारण जीटी रोड, एसडी कॉलेज रोड समेत कई हिस्सों में जलभराव का सामना करना पड़ा। समालखा खंड के महावटी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान की मोमटी क्षतिग्रस्त हो गई और कई मकानों के बिजली के उपकरण फुंक गए। परिवार और आसपास के लोग अब तक सदमे में हैं। बारिश की बूंदों के रूप में खेतों में सोना बरसने से किसानों चेहरे खिल उठे। जिले में करीब 7.5 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे तक बूंदाबांदी या मध्यम बारिश हो सकती है।
शनिवार सुबह करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा के बीच हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी शुरू होते ही लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। करीब साढ़े नौ बजे हवा की गति कुछ कम होती गई, जबकि बारिश तेज होती चली गई। जिले में दोपहर तक रुक-रुक बारिश हुई। सर्दी के मौसम में बारिश होने से पारा एक साथ लुढ़क गया। शनिवार को दिन में अधिकतम तापमान 11 डिग्री तक आ गया। इससे ठिठुरन बढ़ गई। शाम के वक्त तेज हवा चलने से ठंड बढ़ गई और लोग सामान्य दिनों से पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए।
बाजारों और सड़कों पर भरा पानी
तेज बारिश ने सर्दी के मौसम में भी शहर में पानी निकासी के प्रबंधों और दावों की पोल खोल दी। जीटी रोड पर खादी आश्रम, संजय चौक, रेलवे रोड के सामने घुटनों तक पानी भर गया। एसडी कॉलेज रोड पर घुटनों तक पानी भरने से पानीपत हैंडलूम मार्केट की सड़क पूरी तरह से जलमग्न हो गई। इंसार बाजार लालबत्ती चौक पर भी पानी भर गया। शहर के अन्य कई हिस्सों में भी जलभराव हुआ।
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दिनभर गुल रही बिजली
बारिश आते ही बिजली बैठ गया। शहर समेत पूरे जिले की बिजली एक बार गुल हो गई। शहर के कई फीडरों की बिजली कई घंटे बाद सुचारु हो पाई। ऐसे में बिजली निगम की विशेष टीमों को बारिश के चलते बिजली सप्लाई सुचारु करने को लेकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बिजली निगम के जानकारों का कहना है कि एक साथ बारिश आने पर कई लाइनों में फाल्ट आ गया। इसे फीडर ब्रेक डाउन हो गए। शहर के क्षेत्र में ही सुबह गुल हुई बिजली शाम को पांच बजे सामान्य हो गई।
कहां कितनी बारिश
खंड बारिश
पानीपत 15 एमएम
बापौली 08 एमएम
समालखा 05एमएम
इसराना 02 एमएम
कृषि विशेषज्ञ बोले खेती के लिए फायदेमंद बारिश
कृषि विशेषज्ञों ने इस मौसम की बारिश को गेहूं समेत बाकी फसलों के लिए फायदेमंद बताई है। कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. सुनील मान ने बताया कि जिले में 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। करीब 10 हजार एकड़ में सरसों की फसल है। इस मौसम की बारिश गेहूं के साथ सरसों और टमाटर की फसल के लिए भी फायदेमंद है। सबसे ज्यादा फायदा गेहूं की फसल को होगा। बारिश होने से गेहूं की बंपर फसल होने की उम्मीद जाग गई है। किसानों को इसमें थोड़ी सी सावधानी बरतने की जरूरत है। वे गेहूं के खेतों में पानी जमा न होने दें। खेतों में पानी अधिक होने की स्थिति में उसे निकाल दें।
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पानीपत। साल की पहली तेज बारिश के बीच हल्की ओलावृष्टि से ठंड एक साथ बढ़ गई। इससे अधिकतम तापमान 11 डिग्री और न्यूनतम तापमान सात डिग्री तक लुढ़क गया। लोगों को दिन में तेज बारिश के कारण जीटी रोड, एसडी कॉलेज रोड समेत कई हिस्सों में जलभराव का सामना करना पड़ा। समालखा खंड के महावटी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान की मोमटी क्षतिग्रस्त हो गई और कई मकानों के बिजली के उपकरण फुंक गए। परिवार और आसपास के लोग अब तक सदमे में हैं। बारिश की बूंदों के रूप में खेतों में सोना बरसने से किसानों चेहरे खिल उठे। जिले में करीब 7.5 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे तक बूंदाबांदी या मध्यम बारिश हो सकती है।
शनिवार सुबह करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा के बीच हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी शुरू होते ही लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। करीब साढ़े नौ बजे हवा की गति कुछ कम होती गई, जबकि बारिश तेज होती चली गई। जिले में दोपहर तक रुक-रुक बारिश हुई। सर्दी के मौसम में बारिश होने से पारा एक साथ लुढ़क गया। शनिवार को दिन में अधिकतम तापमान 11 डिग्री तक आ गया। इससे ठिठुरन बढ़ गई। शाम के वक्त तेज हवा चलने से ठंड बढ़ गई और लोग सामान्य दिनों से पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए।
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बाजारों और सड़कों पर भरा पानी
तेज बारिश ने सर्दी के मौसम में भी शहर में पानी निकासी के प्रबंधों और दावों की पोल खोल दी। जीटी रोड पर खादी आश्रम, संजय चौक, रेलवे रोड के सामने घुटनों तक पानी भर गया। एसडी कॉलेज रोड पर घुटनों तक पानी भरने से पानीपत हैंडलूम मार्केट की सड़क पूरी तरह से जलमग्न हो गई। इंसार बाजार लालबत्ती चौक पर भी पानी भर गया। शहर के अन्य कई हिस्सों में भी जलभराव हुआ।
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दिनभर गुल रही बिजली
बारिश आते ही बिजली बैठ गया। शहर समेत पूरे जिले की बिजली एक बार गुल हो गई। शहर के कई फीडरों की बिजली कई घंटे बाद सुचारु हो पाई। ऐसे में बिजली निगम की विशेष टीमों को बारिश के चलते बिजली सप्लाई सुचारु करने को लेकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बिजली निगम के जानकारों का कहना है कि एक साथ बारिश आने पर कई लाइनों में फाल्ट आ गया। इसे फीडर ब्रेक डाउन हो गए। शहर के क्षेत्र में ही सुबह गुल हुई बिजली शाम को पांच बजे सामान्य हो गई।
कहां कितनी बारिश
खंड बारिश
पानीपत 15 एमएम
बापौली 08 एमएम
समालखा 05एमएम
इसराना 02 एमएम
कृषि विशेषज्ञ बोले खेती के लिए फायदेमंद बारिश
कृषि विशेषज्ञों ने इस मौसम की बारिश को गेहूं समेत बाकी फसलों के लिए फायदेमंद बताई है। कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. सुनील मान ने बताया कि जिले में 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। करीब 10 हजार एकड़ में सरसों की फसल है। इस मौसम की बारिश गेहूं के साथ सरसों और टमाटर की फसल के लिए भी फायदेमंद है। सबसे ज्यादा फायदा गेहूं की फसल को होगा। बारिश होने से गेहूं की बंपर फसल होने की उम्मीद जाग गई है। किसानों को इसमें थोड़ी सी सावधानी बरतने की जरूरत है। वे गेहूं के खेतों में पानी जमा न होने दें। खेतों में पानी अधिक होने की स्थिति में उसे निकाल दें।