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रेलवे ने बंद किया नहरी विभाग का ड्रेन
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समालखा। नारेबाजी करते हुए किसान।
- फोटो : Panipat
समालखा। सिंचाई विभाग की लापरवाही से रेलवे ने ट्रैक के धंसने का खतरा देखते हुए नेस्ले के सामने ड्रेन नंबर छह को बंद कर दिया। इससे ड्रेन ओवरफ्लो हो गया है। खेतों में गंदा पानी जाने की आशंका बन गई है। नहरी विभाग का कहना है कि ड्रेन में जन स्वास्थ्य विभाग पानी छोड़ रहा है। किसानों को फसल खराब होने का भय सता रहा है।
इसको लेकर किसानों ने नहरी व रेलवे विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वो एसटीपी का पानी ड्रेन में जाने से रोक देंगे। इससे शहर की निकासी ठप हो जाएगी। किसानों ने इसकी सूचना एसडीएम अश्विनी मलिक को दी। एसडीएम मलिक नपा सचिव मनीष शर्मा व जेई गौरव के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने निरीक्षण करते हुए समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
ट्रीटमेंट प्लांट के साथ से होता हुआ नहरी विभाग का ड्रेन- छह खेतों के साथ होता हुआ नेस्ले के सामने से रेलवे ट्रैक को क्रॉस करता है। जिसके बाद यह दूसरी तरफ से होता हुआ सोनीपत की तरफ जाता है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी ट्रीट कर ड्रेन में डाला जाता है। सोमवार को रेलवे ने नेस्ले के पास ट्रैक के नीचे से जा रही ड्रेन की क्रॉसिंग का बंद कर दिया गया। जिससे ड्रेन के ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी भर गया। साथ ही साथ लगते खेतों में घुसना शुरू हो गया। देर रात तक किसान ड्रेन टूटने के भय से रखवाली करते रहे साथ ही उन्होंने अपनी तरफ से बंधा भी मजबूत किया। बावजूद इसके पानी खेतों में भरना शुरू हो गया।
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किसान सतबीर, अमन, संदीप, मुकेश, बलराज, वेद सिंह, मनोज, केवल सिंह आदि ने बताया कि गेहूं की फसल खराब हो रही है। अगर जल्द ही ड्रेन को खोला नहीं गया तो खेतों में पानी भरने से उन्हें काफी नुकसान हो जाएगा। इससे पहले भी कई बार उन्हें इसको लेकर परेशानी झेलनी पड़ी है।
पांच एमएलडी पानी 12 घंटे में एसटीपी से जाता ड्रेन में
शहर के गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए बाईपास रोड पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। इसकी क्षमता पांच एमएलडी (50 लाख लीटर पानी ) 12 घंटे में ट्रीट कर डिस्चार्ज करने की है। इसके अतिरिक्त डायरेक्ट पानी भी ड्रेन में जा रहा है।
नहरी विभाग ने जन स्वास्थ्य विभाग पर फोड़ा ठीकरा
एसडीओ नहरी विभाग अंकित ने कहा कि ड्रेन नंबर छह गंदे व बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाई गई है। ड्रेन में जन स्वास्थ्य विभाग का पानी चल रहा है। प्रतिदिन उसके एसटीपी से लाखों लीटर वाटर पानी ड्रेन में छोड़ा जा रहा है। उक्त विभाग को समस्या के निदान को लेकर कार्य करना चाहिए।
जल्द समाधान कराएंगे- एसडीएम
एसडीएम अश्विनी मलिक ने कहा कि उन्होंने मौके का निरीक्षण किया है। तीनों विभागों से बात की जाएगी। जल्द इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
ट्रैक के पास बन गई थी दलदल
रेलवे के एसएसई ओपी नागपाल ने बताया कि ड्रेन के कारण ट्रैक के पास दलदल बन गया था और उसे नुकसान पहुंच रहा था। पानी की भी निकासी नहीं हो पा रही थी। इससे ट्रैक धंसने का खतरा था। तभी ड्रेन बंद किया गया।
किसानों की समस्या को लेकर डीसी से मिलेंगे- एसडीओ
सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित ने बताया कि इसको लेकर गत वर्ष भी प्रशासन के साथ मीटिंग हुई थी, लेकिन वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। किसानों की समस्या को लेकर वो जिला उपायुक्त से मिलेंगे, ताकि जल्द से जल्द इसका समाधान हो सके।
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इसको लेकर किसानों ने नहरी व रेलवे विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वो एसटीपी का पानी ड्रेन में जाने से रोक देंगे। इससे शहर की निकासी ठप हो जाएगी। किसानों ने इसकी सूचना एसडीएम अश्विनी मलिक को दी। एसडीएम मलिक नपा सचिव मनीष शर्मा व जेई गौरव के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने निरीक्षण करते हुए समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
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ट्रीटमेंट प्लांट के साथ से होता हुआ नहरी विभाग का ड्रेन- छह खेतों के साथ होता हुआ नेस्ले के सामने से रेलवे ट्रैक को क्रॉस करता है। जिसके बाद यह दूसरी तरफ से होता हुआ सोनीपत की तरफ जाता है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी ट्रीट कर ड्रेन में डाला जाता है। सोमवार को रेलवे ने नेस्ले के पास ट्रैक के नीचे से जा रही ड्रेन की क्रॉसिंग का बंद कर दिया गया। जिससे ड्रेन के ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी भर गया। साथ ही साथ लगते खेतों में घुसना शुरू हो गया। देर रात तक किसान ड्रेन टूटने के भय से रखवाली करते रहे साथ ही उन्होंने अपनी तरफ से बंधा भी मजबूत किया। बावजूद इसके पानी खेतों में भरना शुरू हो गया।
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किसान सतबीर, अमन, संदीप, मुकेश, बलराज, वेद सिंह, मनोज, केवल सिंह आदि ने बताया कि गेहूं की फसल खराब हो रही है। अगर जल्द ही ड्रेन को खोला नहीं गया तो खेतों में पानी भरने से उन्हें काफी नुकसान हो जाएगा। इससे पहले भी कई बार उन्हें इसको लेकर परेशानी झेलनी पड़ी है।
पांच एमएलडी पानी 12 घंटे में एसटीपी से जाता ड्रेन में
शहर के गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए बाईपास रोड पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। इसकी क्षमता पांच एमएलडी (50 लाख लीटर पानी ) 12 घंटे में ट्रीट कर डिस्चार्ज करने की है। इसके अतिरिक्त डायरेक्ट पानी भी ड्रेन में जा रहा है।
नहरी विभाग ने जन स्वास्थ्य विभाग पर फोड़ा ठीकरा
एसडीओ नहरी विभाग अंकित ने कहा कि ड्रेन नंबर छह गंदे व बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाई गई है। ड्रेन में जन स्वास्थ्य विभाग का पानी चल रहा है। प्रतिदिन उसके एसटीपी से लाखों लीटर वाटर पानी ड्रेन में छोड़ा जा रहा है। उक्त विभाग को समस्या के निदान को लेकर कार्य करना चाहिए।
जल्द समाधान कराएंगे- एसडीएम
एसडीएम अश्विनी मलिक ने कहा कि उन्होंने मौके का निरीक्षण किया है। तीनों विभागों से बात की जाएगी। जल्द इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
ट्रैक के पास बन गई थी दलदल
रेलवे के एसएसई ओपी नागपाल ने बताया कि ड्रेन के कारण ट्रैक के पास दलदल बन गया था और उसे नुकसान पहुंच रहा था। पानी की भी निकासी नहीं हो पा रही थी। इससे ट्रैक धंसने का खतरा था। तभी ड्रेन बंद किया गया।
किसानों की समस्या को लेकर डीसी से मिलेंगे- एसडीओ
सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित ने बताया कि इसको लेकर गत वर्ष भी प्रशासन के साथ मीटिंग हुई थी, लेकिन वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। किसानों की समस्या को लेकर वो जिला उपायुक्त से मिलेंगे, ताकि जल्द से जल्द इसका समाधान हो सके।

समालखा। रेलवे द्वारा बंद किया गया ड्रेन।- फोटो : Panipat

समालखा। मौका पर निरीक्षण के दौरान मौजूद एसडीएम समालखा।- फोटो : Panipat