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गलत बिजली बिल की बात रखने पर मिली 18 दिन अंधेरे में रहने की सजा
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पानीपत। बिजली निगम के खुले दरबार में गलत बिजली बिल आने की शिकायत करने की सजा मिल रही है। 18 दिन से परिवार अंधेरे में रह रहा है। खटीक बस्ती के रहने वाले अजय ने आठ जून को खुले दरबार में फरियाद लगाई थी। जिसके एक घंटे बाद ही उनके घर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। एसई धर्मबीर सिंह छिकारा से लेकर उपायुक्त सुशील से मिलने के बाद भी उसके घर का बिजली कनेक्शन जुड़ नहीं सका।
भुक्तभोगी ने बताया कि दो साल पहले 44 हजार भरने के बाद उन्हें कुछ समय बाद ब्याज लगाकर 68 हजार रुपये का बिल फिर भेज दिया था। बिजली निगम में अधिकारियों से शिकायत की तो बताया गया कि 44 हजार रुपये किसी अन्य उपभोक्ता के बिल में जुड़कर आ गए हैं, जिसके बाद उन्होंने बिल भरना बंद कर दिया। अब बिल ब्याज के साथ सवा लाख रुपये आया है। अजय ने कहा कि वह 10 हजार रुपये महीने कमाते हैं, जिसमें से इतना बिजली बिल कैसे भरेंगे। उन्होंने बताया कि उनका बिजली बिल पहले 700 रुपये आता था। जो दो वर्ष में पेनाल्टी मिलाकर 20 से 30 हजार हो सकता है, जिसे वह भर सकता है, लेकिन सवा लाख रुपये बिल नहीं भर सकता। उपायुक्त ने तीन बार एसई के पास मामले को भेजा, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है। जब अजय ने खुले दरबार में गुहार लगाई तो शाम को उसके घर का बिजली कनेक्शन काटकर मीटर तक उखाड़ दिया गया, तब से परिवार अंधेरे में रह रहा है।
उपभोक्ता की ओर से जमा करवाए गए 44 हजार रुपये ब्याज के साथ काटकर बकाया बिजली बिल भरने के लिए कहा गया है, जो वह नहीं भर रहे हैं। इसकी वजह से उनकी बिजली गुल है।
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- मनोज कुमार, एसडीओ सनौली
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भुक्तभोगी ने बताया कि दो साल पहले 44 हजार भरने के बाद उन्हें कुछ समय बाद ब्याज लगाकर 68 हजार रुपये का बिल फिर भेज दिया था। बिजली निगम में अधिकारियों से शिकायत की तो बताया गया कि 44 हजार रुपये किसी अन्य उपभोक्ता के बिल में जुड़कर आ गए हैं, जिसके बाद उन्होंने बिल भरना बंद कर दिया। अब बिल ब्याज के साथ सवा लाख रुपये आया है। अजय ने कहा कि वह 10 हजार रुपये महीने कमाते हैं, जिसमें से इतना बिजली बिल कैसे भरेंगे। उन्होंने बताया कि उनका बिजली बिल पहले 700 रुपये आता था। जो दो वर्ष में पेनाल्टी मिलाकर 20 से 30 हजार हो सकता है, जिसे वह भर सकता है, लेकिन सवा लाख रुपये बिल नहीं भर सकता। उपायुक्त ने तीन बार एसई के पास मामले को भेजा, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है। जब अजय ने खुले दरबार में गुहार लगाई तो शाम को उसके घर का बिजली कनेक्शन काटकर मीटर तक उखाड़ दिया गया, तब से परिवार अंधेरे में रह रहा है।
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उपभोक्ता की ओर से जमा करवाए गए 44 हजार रुपये ब्याज के साथ काटकर बकाया बिजली बिल भरने के लिए कहा गया है, जो वह नहीं भर रहे हैं। इसकी वजह से उनकी बिजली गुल है।
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- मनोज कुमार, एसडीओ सनौली