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तीन साल की उठापटक के बाद आखिरकार नगर निगम में शामिल हुआ पब्लिक हेल्थ
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लगातार तीन साल की उठापटक के बाद आखिरकार जनस्वास्थ्य विभाग को नगर निगम में मर्ज कर दिया गया। इसे लेकर दोनों विभागों के अतिरिक्त मुख्य निदेशकों को पत्राचार करने के साथ निगम व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका है। अब पब्लिक हेल्थ के सभी कर्मचारी और अधिकारी निगम के लिए काम करेंगे। जिसमें शहर में पानी की सप्लाई, सीवरेज और ड्रेनेज का हर काम नगर निगम के अधीन होगा, हालांकि इस काम को करने की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग की रहेगी। निगम में पब्लिक हेल्थ के सभी पक्के व कच्चे कर्मचारियों को निगम में डेपुटेशन पर रखा जाएगा, जबकि इनकी तनख्वाह एवं अन्य खर्चों का वहन पब्लिक हेल्थ को ही करना पड़ेगा। आगामी तीन साल तक यथास्थिति रहेगी।
इन शर्तों को भी रखा गया
ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए मैनपॉवर हो या मशीनरी पब्लिक हेल्थ की रहेगी। जो पहले से चली आ रही है, लेकिन इस पर नियंत्रण नगर निगम का ही रहेगा। पहले से चले आ रहे ठेकों का खर्च भी पब्लिक हेल्थ उठाएगा।
नगर निगम अब पब्लिक हेल्थ के कर्मचारियों का हिसाब रखेगा। आवश्यकतानुसार ही भर्ती की जाएगी। इसमें कम से कम कर्मचारियों को लिया जा सकेगा।
ग्रामीण कर्मचारी पब्लिक हेल्थ के पास
माना जा रहा है कि अब तक जन स्वास्थ्य विभाग के नगर निगम में इस विलय पर विभाग के ग्रामीण क्षेत्र के कर्मचारी व अधिकारी पब्लिक हेल्थ के पास ही रहेंगे। सीवर व पानी दोनों ब्रांचों को मिलाकर अनुमानित सौ से भी ज्यादा पक्के कर्मचारी हो सकते हैं, जबकि कच्चे कर्मचारियों को कई टेंडरों व एजेंसियों के माध्यम से हायर किया गया है। इस बारे में जन स्वास्थ्य विभाग के सीवरेज बांच के एक्सईएन रूपेश ने बताया कि ये सब रिकार्ड देखकर ही बताया जा सकता है, अभी वे क्वारंटीन हैं।
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निगम में मर्ज हुआ पब्लिक हेल्थ : आयुक्त
कई दिनों से इस मुद्दे को लेकर शहरी स्थानीय निकाय के उच्च अधिकारियों की बातचीत चल रही थी। आखिरकार निर्णय ले लिया गया है। - सुशील कुमार, आयुक्त, नगर निगम
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इन शर्तों को भी रखा गया
ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए मैनपॉवर हो या मशीनरी पब्लिक हेल्थ की रहेगी। जो पहले से चली आ रही है, लेकिन इस पर नियंत्रण नगर निगम का ही रहेगा। पहले से चले आ रहे ठेकों का खर्च भी पब्लिक हेल्थ उठाएगा।
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नगर निगम अब पब्लिक हेल्थ के कर्मचारियों का हिसाब रखेगा। आवश्यकतानुसार ही भर्ती की जाएगी। इसमें कम से कम कर्मचारियों को लिया जा सकेगा।
ग्रामीण कर्मचारी पब्लिक हेल्थ के पास
माना जा रहा है कि अब तक जन स्वास्थ्य विभाग के नगर निगम में इस विलय पर विभाग के ग्रामीण क्षेत्र के कर्मचारी व अधिकारी पब्लिक हेल्थ के पास ही रहेंगे। सीवर व पानी दोनों ब्रांचों को मिलाकर अनुमानित सौ से भी ज्यादा पक्के कर्मचारी हो सकते हैं, जबकि कच्चे कर्मचारियों को कई टेंडरों व एजेंसियों के माध्यम से हायर किया गया है। इस बारे में जन स्वास्थ्य विभाग के सीवरेज बांच के एक्सईएन रूपेश ने बताया कि ये सब रिकार्ड देखकर ही बताया जा सकता है, अभी वे क्वारंटीन हैं।
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निगम में मर्ज हुआ पब्लिक हेल्थ : आयुक्त
कई दिनों से इस मुद्दे को लेकर शहरी स्थानीय निकाय के उच्च अधिकारियों की बातचीत चल रही थी। आखिरकार निर्णय ले लिया गया है। - सुशील कुमार, आयुक्त, नगर निगम