{"_id":"61abc81f2f00f05ed01bc78f","slug":"public-health-department-changed-atr-of-cm-window-work-started-panipat-news-knl917291175","type":"story","status":"publish","title_hn":"जन स्वास्थ्य विभाग ने बदली सीएम विंडो की एटीआर, काम किया शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जन स्वास्थ्य विभाग ने बदली सीएम विंडो की एटीआर, काम किया शुरू
विज्ञापन
पानीपत। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा तहसील कैंप में सीवरेज के मैन होल ढक्कन को किया गया ऊपर।
- फोटो : Panipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। जनस्वास्थ्य विभाग ने 17 साल पुराने सीवरेज लाइन के लिए की गई सीएम विंडो की शिकायत की एटीआर को बदल दिया गया है और पुरानी शिकायत पर काम चालू कर दिया है। इस दौरान विभाग को जट्टू चौक तहसील कैंप के पास इस पुरानी सीवरेज लाइन के छह और मुख्य मेनहोल मिले हैं। इनको सड़क से ऊपर उठाया गया है। अब इनकी सफाई करवाकर इनको मुख्य लाइन से जोड़ा जाएगा।
वहीं, विभाग ने अपनी गलती मान ली है। जिसमें विभाग अधिकारियों ने शिकायकर्ता को संतुष्ट करने की कोशिश करते हुए बताया कि गलती से किसी अन्य शिकायत की एटीआर को उनकी शिकायत से जोड़ दिया गया था। हालांकि जब दूसरे शिकायकर्ता से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत तो उन्होंने ने भी सीवरेज लाइन की दी थी लेकिन उन्होंने किसी भी समझौते पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
गौरतलब है कि ये वही सीवरेज लाइन है जिसका खुलासा आरटीआई के माध्यम से 17 साल बाद हुआ था। विभाग ने इसे ढूंढ तो लिया लेकिन अब तक इसकी जानकारी जुटाने में नाकामयाब रहा है। वहीं, जब इसे चालू करने के लिए पानी छोड़कर ट्रायल लिया गया तो ये लाइन कनेक्टिविटी न होने की वजह से यह फेल हो गई थी। इन सभी खबरों को अमर उजाला ने अपने 11 और 23 नवंबर समेत 3 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर विभाग ने संज्ञान लिया। शिकायत पर कार्यवाही भी की और सीवरेज लाइन को ढूंढने का काम भी किया।
विज्ञापन
वार्ड नंबर-3 सुधीर नगर निवासी नरेश वर्मा ने बताया कि उनके एरिया में 2004 में सीवर लाइन बिछाई गई थी, जो 2021 तक 17 साल बाद भी चालू नहीं हुई। इस संबंध में उन्होंने नगर निगम, जिला प्रशासन समेत इनके मुख्यालयों से आरटीआई लगा प्रोजेक्ट की जानकारी मांगी थी। जो उन्हें आज तक नहीं दी गई है। इसकी शिकायत सीएम विंडो पर की गई है, जिसे फर्जी हस्ताक्षर कर बंद करवा दिया गया है।
खुलवा दी शिकायत, काम चालू- एसडीओ
पहले वाली शिकायत को दोबारा खोल दिया गया है। जिस पर काम जारी है। वहीं, सीवरेज पाइपलाइन का काम चालू है। कनेक्टिविटी बनी हुई है। लोग इनमें कनेक्शन ले सकते हैं।
- हरविंद्र शर्मा, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, पानीपत।
विज्ञापन
वहीं, विभाग ने अपनी गलती मान ली है। जिसमें विभाग अधिकारियों ने शिकायकर्ता को संतुष्ट करने की कोशिश करते हुए बताया कि गलती से किसी अन्य शिकायत की एटीआर को उनकी शिकायत से जोड़ दिया गया था। हालांकि जब दूसरे शिकायकर्ता से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत तो उन्होंने ने भी सीवरेज लाइन की दी थी लेकिन उन्होंने किसी भी समझौते पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि ये वही सीवरेज लाइन है जिसका खुलासा आरटीआई के माध्यम से 17 साल बाद हुआ था। विभाग ने इसे ढूंढ तो लिया लेकिन अब तक इसकी जानकारी जुटाने में नाकामयाब रहा है। वहीं, जब इसे चालू करने के लिए पानी छोड़कर ट्रायल लिया गया तो ये लाइन कनेक्टिविटी न होने की वजह से यह फेल हो गई थी। इन सभी खबरों को अमर उजाला ने अपने 11 और 23 नवंबर समेत 3 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर विभाग ने संज्ञान लिया। शिकायत पर कार्यवाही भी की और सीवरेज लाइन को ढूंढने का काम भी किया।
विज्ञापन
वार्ड नंबर-3 सुधीर नगर निवासी नरेश वर्मा ने बताया कि उनके एरिया में 2004 में सीवर लाइन बिछाई गई थी, जो 2021 तक 17 साल बाद भी चालू नहीं हुई। इस संबंध में उन्होंने नगर निगम, जिला प्रशासन समेत इनके मुख्यालयों से आरटीआई लगा प्रोजेक्ट की जानकारी मांगी थी। जो उन्हें आज तक नहीं दी गई है। इसकी शिकायत सीएम विंडो पर की गई है, जिसे फर्जी हस्ताक्षर कर बंद करवा दिया गया है।
खुलवा दी शिकायत, काम चालू- एसडीओ
पहले वाली शिकायत को दोबारा खोल दिया गया है। जिस पर काम जारी है। वहीं, सीवरेज पाइपलाइन का काम चालू है। कनेक्टिविटी बनी हुई है। लोग इनमें कनेक्शन ले सकते हैं।
- हरविंद्र शर्मा, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, पानीपत।

पानीपत। अमर उजाला में प्रकाशित खबर।- फोटो : Panipat