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Panipat News: प्रदूषण से बढ़े सांस रोगी, एक सप्ताह में सीओपीडी के 25 मरीज पहुंचे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 02:32 AM IST
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Pollution increases respiratory diseases, 25 COPD patients arrive in one week...
विश्व सीओपीडी दिवस
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- ज्यादातर 50 वर्ष से अधिक उम्र के मरीज बलगम और सांस फूलने की समस्या से रहे जूझ
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। पर्यावरण प्रदूषण के साथ ही सांस के रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला नागरिक अस्पताल में एक सप्ताह में सीओपीडी (क्रानिक ऑबस्ट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के लगभग 25 मरीज पहुंच चुके हैं। पहले यहां दो या तीन मरीज ही आते थे। अब फिजियोथेरेपिस्ट और फिजिशियन के पास इनकी संख्या बढ़ने लगी है। ज्यादातर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग बलगम और सांस फूलने की समस्या से जूझ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में दिवाली के बाद से ही सीओपीडी के मरीज बढ़ रहे हैं। ज्यादातर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग छाती में बलगम (कफ) जमने के कारण सांस की बीमारी से जूझ रहे हैं। गगसीना से इलाज के लिए पहुंचे 49 वर्षीय बलिंद्र ने बताया कि उन्हें दिवाली के बाद से सांस लेने में परेशानी हो रही थी। सीढि़यां चढ़ते समय उनकी सांस फूलने लग गई है। वे पहले घरौंडा इलाज के लिए पहुंचे थे लेकिन वहां से उन्हें पानीपत जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया। अब वे यहां इलाज के लिए पहुंचे। मॉडल टाउन की 52 वर्षीय शशि ने बताया कि उन्हें सीढ़ी चढ़ते समय सांस फूलने की समस्या लगभग पांच साल से है लेकिन दिवाली के बाद तो यह समस्या और बढ़ गई है। अब वह जिला नागरिक अस्पताल इलाज के लिए पहुंची हैं। फिजियोथेरेपिस्ट ने उन्हें कुछ एक्सरसाइज करके दिखाई हैं जिन्हें अब वह प्रतिदिन करेंगी ताकि सांस की समस्या से निजात मिल सके।
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शुरुआती लक्षण-
- सांस लेने में समस्या होना।
- छाती में कफ जम जाना।
- सीधा लेटने में परेशानी होना।
- बोलते समय व सांस लेते समय सी-सी की आवाज आना।
बचाव के उपाय-
- घर से बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग करें।
- धूम्रपान और एल्कोहॉल के सेवन से बचें।
- दिनचर्या में योग जरूर शामिल करें।
- धुआं और धूल होने से घर पर ही एक्सरसाइज करें।
- शुरूआती लक्षण में ही चिकित्सक से परामर्श लें।
तीन प्रकार की एक्सरसाइज जरूरी-
डॉ. नेहा बंसल ने बताया कि सीओपीडी और अस्थमा के मरीजों को तीन प्रकार की एक्सरसाइज अवश्य करनी चाहिए। मुंह से बार-बार गुब्बारे फुलाना, छोटे बच्चों की तरह पानी के बुलबुले फुलाकर छोड़ना और सांस अंदर खींचकर मुंह से सीटी की आवाज में बाहर निकालना। इन तीनों एक्सरसाइज से अंदर से जोर लगाकर सांस बाहर छोड़ना पड़ता है जिससे हमारी छाती में जमा बलगम बाहर निकलता है और हम अच्छे से सांस ले पाते हैं।
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दिवाली के बाद से ही सांस संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। ज्यादातर बच्चे व बुजुर्ग इससे ग्रस्त मिलते हैं। अस्पताल में एक सप्ताह में सीओपीडी के लगभग 25 मरीज पहुंच चुके हैं। अस्थमा व सामान्य लोगों को भी प्रदूषण से बचने के लिए घर से बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करना चाहिए और सुबह व शाम घर पर एक्सरसाइज करनी चाहिए।
- डॉ. नेहा बंसल, फिजियोथेरेपिस्ट जिला नागरिक अस्पताल
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