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पुलिस सुरक्षा के साथ जांच में भी ढीली
अमर उजाला, पानीपत
Updated Thu, 05 Dec 2013 11:22 PM IST
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पानीपत में साल के आखिरी माह के पहले पांच दिन और हत्या की दो और लूट की एक
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वारदात ने पुलिस सुरक्षा के साथ कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित न्याय को लेकर दर-दर भड़क रहे हैं। लेकिन पुलिस मामलों का खुलासा करना तो दूर इनको स्पष्ट करने तक से पीछे हट रही है। पुलिस अधिकारी आज भी वारदातों का जल्द खुलासा करने का दावा कर रहे हैं। नवंबर के आखिरी दिनों में हत्या और आत्महत्याआें से दहलाने वाली घटनाओं का सिलसिला दिसंबर में भी जारी रहा।
ऐसे उठते हैं सवाल
तीन दिसंबर को नौल्था-मांडी रोड पर पलड़ी गांव निकलते ही शाम के समय एक फौजी की बेरहमी से हत्या कर दी। उसकी गर्दन के ऊपर चाकुओं के 10 वार मिले। हमलावर फौजी कर्मपाल की हत्या कर उससे ट्रैक्टर और दो ट्राली लूट ले गए।
परिजनों ने कंट्रोल रूम से लेकर थानों में जाकर भी कर्मपाल की शिकायत दी। लेकिन पुलिसकर्मियों ने परिजनों की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। हमलावर ट्रैक्टर और दोनों ट्रालियों को लूटकर निकल गए। पुलिस वारदात के बाद आज तक हत्या के मामले की गुत्थी सुलझाना तो दूर, ट्रैक्टर और ट्राली तक बरामद नहीं कर सकी।
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मां-बेटे की मौत को भी उलझाया
शहर के अर्जुन नगर में चार दिसंबर को मां-बेटे कमला (40), अंकुश (09) की संदिग्ध हालात में जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत ने सबको दहला दिया। इसमें महिला के पति का अलग और उसकी लड़की के अलग बयान है। पुलिस हत्या और आत्महत्या के मामले में बच गई। पुलिस इस मामले में महिला और बच्चे की मौत दवा खाने से बता रही है। दोनों की मौत और पुलिस की स्पष्टता में उनकी कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पिछले माह की अनसुलझी वारदात
पुलिस के लिए पिछले माह कई वारदात सवाल बनी हैं। इस अनसुलझी वारदात में पुलिस की कार्रवाई पर भी संदेह है। आठ नवंबर को जिमखाना क्लब में महिला सुनीता की गोली मारकर हत्या कर दी। उसी दिन सिवाह गांव में बलवान ने अपनी पत्नी निर्मल को गोली मार दी और बाद में खुदकुशी कर ली। उसकी पत्नी हमले में बच गई। इस मामले में पुलिस ने अब तक खुलासा नहीं किया। पुलिस का मामना है कि बलवान ने जिमखाना क्लब में महिला की हत्या की है। वहीं 19 नवंबर को अशोक विहार कॉलोनी निवासी सगी बहनों मानसी और खुशबू के शव ड्रेन नंबर दो से बरामद किए थे। वे दोनों 13 नवंबर को लापता हुई थी। पुलिस के लिए 15 दिन बाद भी वारदात पहली बनी है। 22 नवंबर को खुखराना में महिला की गला रेतकर हत्या कर दी। उसका शव नर्सरी के पास पड़ा मिला था। पुलिस महिला की शिनाख्त और खुलासा नहीं कर सकी।
इन मामलों पर भी सवाल
सुभाष नगर तहसील कैंप निवासी आठवीं कक्षा के छात्र अनमोल को 22 नवंबर को स्कूल से घर जाते समय गोली मारी थी। परिजन और प्रत्यक्षदर्शी उस पर जानलेना हमला बता रहे थे। लेकिन पुलिस ने इसे लापरवाही करार दिया था। पुलिस का कहना था कि अनमोल और उसका दोस्त लाइसेंसी रिवाल्वर को उलट-पुलट कर देख रहे थे। इसी समय उसके दोस्त के हाथ से गोली चल गई और अनमोल को लग गई। पुलिस के खुलासे में सवाल उठता है कि अनमोल और उसका दोस्त आमने-सामने खड़े थे तो उसके सिर के पिछले हिस्से में गोली कैसे लगी।
वर्जन
शहर और जिले में पुलिस सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हैं। गत दिनों कई वारदात गंभीर हैं। किसी भी वारदात को सुलझाने के लिए गंभीरता से जांच जरूरी है। पुलिस कई पहलुओं पर जांच करती है और मामलों का लगातार खुलासा किया जा रहा है। पुलिस ने नांगल खेड़ी में दोहरे हत्याकांड को सुलझा दिया है और बाकी मामलों की भी जांच चल रही है।
युद्धबीर सिंह, पीआरओ, एसपी पानीपत
पीड़ित न्याय को लेकर दर-दर भड़क रहे हैं। लेकिन पुलिस मामलों का खुलासा करना तो दूर इनको स्पष्ट करने तक से पीछे हट रही है। पुलिस अधिकारी आज भी वारदातों का जल्द खुलासा करने का दावा कर रहे हैं। नवंबर के आखिरी दिनों में हत्या और आत्महत्याआें से दहलाने वाली घटनाओं का सिलसिला दिसंबर में भी जारी रहा।
ऐसे उठते हैं सवाल
तीन दिसंबर को नौल्था-मांडी रोड पर पलड़ी गांव निकलते ही शाम के समय एक फौजी की बेरहमी से हत्या कर दी। उसकी गर्दन के ऊपर चाकुओं के 10 वार मिले। हमलावर फौजी कर्मपाल की हत्या कर उससे ट्रैक्टर और दो ट्राली लूट ले गए।
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परिजनों ने कंट्रोल रूम से लेकर थानों में जाकर भी कर्मपाल की शिकायत दी। लेकिन पुलिसकर्मियों ने परिजनों की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। हमलावर ट्रैक्टर और दोनों ट्रालियों को लूटकर निकल गए। पुलिस वारदात के बाद आज तक हत्या के मामले की गुत्थी सुलझाना तो दूर, ट्रैक्टर और ट्राली तक बरामद नहीं कर सकी।
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मां-बेटे की मौत को भी उलझाया
शहर के अर्जुन नगर में चार दिसंबर को मां-बेटे कमला (40), अंकुश (09) की संदिग्ध हालात में जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत ने सबको दहला दिया। इसमें महिला के पति का अलग और उसकी लड़की के अलग बयान है। पुलिस हत्या और आत्महत्या के मामले में बच गई। पुलिस इस मामले में महिला और बच्चे की मौत दवा खाने से बता रही है। दोनों की मौत और पुलिस की स्पष्टता में उनकी कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पिछले माह की अनसुलझी वारदात
पुलिस के लिए पिछले माह कई वारदात सवाल बनी हैं। इस अनसुलझी वारदात में पुलिस की कार्रवाई पर भी संदेह है। आठ नवंबर को जिमखाना क्लब में महिला सुनीता की गोली मारकर हत्या कर दी। उसी दिन सिवाह गांव में बलवान ने अपनी पत्नी निर्मल को गोली मार दी और बाद में खुदकुशी कर ली। उसकी पत्नी हमले में बच गई। इस मामले में पुलिस ने अब तक खुलासा नहीं किया। पुलिस का मामना है कि बलवान ने जिमखाना क्लब में महिला की हत्या की है। वहीं 19 नवंबर को अशोक विहार कॉलोनी निवासी सगी बहनों मानसी और खुशबू के शव ड्रेन नंबर दो से बरामद किए थे। वे दोनों 13 नवंबर को लापता हुई थी। पुलिस के लिए 15 दिन बाद भी वारदात पहली बनी है। 22 नवंबर को खुखराना में महिला की गला रेतकर हत्या कर दी। उसका शव नर्सरी के पास पड़ा मिला था। पुलिस महिला की शिनाख्त और खुलासा नहीं कर सकी।
इन मामलों पर भी सवाल
सुभाष नगर तहसील कैंप निवासी आठवीं कक्षा के छात्र अनमोल को 22 नवंबर को स्कूल से घर जाते समय गोली मारी थी। परिजन और प्रत्यक्षदर्शी उस पर जानलेना हमला बता रहे थे। लेकिन पुलिस ने इसे लापरवाही करार दिया था। पुलिस का कहना था कि अनमोल और उसका दोस्त लाइसेंसी रिवाल्वर को उलट-पुलट कर देख रहे थे। इसी समय उसके दोस्त के हाथ से गोली चल गई और अनमोल को लग गई। पुलिस के खुलासे में सवाल उठता है कि अनमोल और उसका दोस्त आमने-सामने खड़े थे तो उसके सिर के पिछले हिस्से में गोली कैसे लगी।
वर्जन
शहर और जिले में पुलिस सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हैं। गत दिनों कई वारदात गंभीर हैं। किसी भी वारदात को सुलझाने के लिए गंभीरता से जांच जरूरी है। पुलिस कई पहलुओं पर जांच करती है और मामलों का लगातार खुलासा किया जा रहा है। पुलिस ने नांगल खेड़ी में दोहरे हत्याकांड को सुलझा दिया है और बाकी मामलों की भी जांच चल रही है।
युद्धबीर सिंह, पीआरओ, एसपी पानीपत