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नारकीय जीवन जीने को मजबूर विर्क नगर के लोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 02:20 PM IST
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People of Virk Nagar forced to live hellish life
पानी से भरी सड़कों पर जाते हुए लोग। - फोटो : Panipat
पानीपत। वार्ड नंबर 22 के विर्क नगर में लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही। न पीने का पानी है, न पक्की सड़कें। वहीं, पूरी कॉलोनी में गंदगी का आलम है। लोगों को कच्ची टूटी हुई गलियों में भरे कीचड़ के बीच से ही होकर गुजरना पड़ता है। कॉलोनी की समस्याओं के निवारण को लेकर कई बार स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी गुहार नेताओं व अधिकारियों के कानों तक नहीं पहुंच पा रही है। बुधवार को भी लोगों ने निगम प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया।
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नाराज लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिली तो वे निगम के खिलाफ मोर्चा खोलने का मजबूर होंगे। चाहे इसके लिए उन्हें अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन ही क्यों न करना पड़ा। कॉलोनी के अजीत, रामकिशोर, ज्योति लाल, राजभुवन, रामू, विनोद व पटवारी ने बताया कि उनकी कॉलोनी सालों से सुधार को तरस रही है। कॉलोनी के कई रास्ते सालों से कच्चे पड़े हैं। इनमें बारिश के समय पानी भर जाता है। जिसकी निकासी तक नहीं हो पाती। इस बरसाती पानी की वजह से यहां कीचड़ बन जाता है और लोगों को मजबूरन कीचड़ से ही गुजरना पड़ता है।
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सीवर हैं लेकिन निकासी नहीं
लोगों ने बताया कि कॉलोनी में निकासी का भी कोई प्रबंध नहीं है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लाटों व गलियों में ही जमा हो जाता है। निगम प्रशासन ने ग्रामीण विधानसभा में कॉलोनी होने की वजह से यहां अमरूत योजना के तहत सीवर लाइन बिछवाने का काम तो किया है, लेकिन ये सीवर लाइन चालू नहीं हो पाई है। ये कब चालू होगी इसका भी कोई अता पता नहीं है।
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पीने का पानी नहीं
कॉलोनी में पीने के पानी की बड़ी समस्या है। कॉलोनी में सिर्फ एक ट्यूबवेल है। इससे भी कभी कभार तो पानी आना बंद हो जाता है। पूरी कॉलोनी के लोगों को इसी ट्यूबवेल से पानी भरना पड़ता है। यहां अन्य दो से तीन ट्यूबवेलों की आवश्यकता है लेकिन निगम प्रशासन लोगों को पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है।
गलियों में बने दो फीट तक के गड्ढ़े
कॉलोनी की कई गलियां कच्ची हैं। यहां बरसाती पानी इकट्ठा होने और इनमें वाहनों के आने-जाने की वजह से गड्ढ़े बन चुके हैं। कई गड्ढ़े तो दो दो फीट तक गहरे हैं। जिनकी वजह से कई बार लोग रात के समय इन गड्ढ़ों में अपने दोपहिया वाहनों समेत गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
बीमारियों का बना हुआ है डर
लोगों ने बताया कि खाली प्लाटों व कच्ची गलियों में बरसाती पानी जमा होने की वजह से यहां मच्छर मक्खियां पैदा हो रही हैं। इस कारण लोगों में डेगूं, मलेरिया, चिकनगुनिया फैलने का डर बना हुआ है।

करवाए जा रहे हैं विकास कार्य
वार्ड में विकास कार्य निरंतर करवाए जा रहे हैं। अमरूत के तहत सीवरेज और पाइपलाइन का काम जारी है। जमीन के पाइप लाइन बिछाने के तुंरत बाद सड़क भी बनवाई जाएगी। लोगों को हर संभव सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
चंचल डाबर, पार्षद वार्ड नंबर 22
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